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बांध भरे, फिर भी खेत सूखे

Mon, 28 Nov 2016 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 28 Nov 2016 01:12 AM IST
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Filled dam, yet dry farm
बांध भरे, फिर भी खेत सूखे - फोटो : amar ujala
ललितपुर। जनपद में साल दर साल बढ़ रहे बांध मानसून की मेहरबानी से लबालब हैं, लेकिन खेत सूखे हैं। राजघाट, रोहिणी, शहजाद, गोविंद सागर, जामनी, सजनाम बांध अब तक खेतों तक पानी पहुंचाने के लक्ष्य को नहीं पा सके हैं। सिंचाई अफसर पुराना राग अलाप रहे हैं कि जल्द ही किसानों के खेतों में पानी पहुंचा दिया जाएगा। ऐसे हालातों में किसान परेशान हैं।
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 जनपद में राजघाट, रोहिणी, शहजाद, गोविंद सागर, जामनी, सजनाम बांध से एक लाख चौरानवे हजार उनचास हेक्टेयर जमीन को सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक इसे विभाग नहीं पा सका है। स्थिति यह है कि विभाग ने रबी की फसल के लिए इस बार कुल एक लाख सत्ताइस हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल को सिंचित करने का लक्ष्य रखा है। जबकि बांध पूरे भरे हैं। खास बात यह है कि करीब 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में तो हर वर्ष नहरों से पानी उपलब्ध कराए बिना ही फसल पैदा होती है। 
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इस समय जनपद में वर्तमान में तीन और बांध निर्मित हो चुके हैं जबकि चार निर्माणाधीन हैं। इन सात बांधों से जनपद की 76984 हेक्टेयर जमीन को नहरों के जरिए सिंचित कराने का लक्ष्य है। खास बात यह है कि इस चयनित क्षेत्रफल में पूर्व में निर्मित आधा दर्जन बांधों के कमांड एरिया को भी शामिल कर लिया गया है। जैसे निर्माणाधीन जमड़ार बांध के कमांड एरिया में जामनी बांध के कमांड एरिया, भौंरट बांध के कमांड एरिया में सजनाम बांध व भावनी बांध के कमांड एरिया में गोविंद सागर बांध के कमांड एरिया को शामिल कर लिया गया है। 
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करोड़ों खर्च, फिर भी दर्जन भर कैनाल बेकार
राजघाट बांध के निर्माण होने के बाद से जनपद की हजारों हेक्टेयर जमीन को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो पाया है। बांध के निर्माण होने के बाद नहरों के रखरखाव व उन्हें पक्का करने के नाम करोड़ों रुपयों का बजट जारी हो चुका है। भारी भरकम बजट जारी होने के बाद राजघाट बांध से निकली तीन नहर प्रणालियों जेपीसी, यूआरसी व एलआरसी की कुल 15 नहरें अक्रियाशील हैं। यह 15 नहरें जिन खेतों के पास से निकली हैं, उनमें आज तक पानी नहीं पहुंच पाया है। ऐसी ही हालत गोविंद सागर व शहजाद बांध की 9 नहरों की है। इन 9 नहरों में पानी न पहुंचने से हजारों हेक्टेयर जमीन असिंचित है। 


 वर्तमान में आधा दर्जन बांधों से जनपद में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रस्तावित एरिया से कम में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के पीछे कई कारण हैं। आबादी का बढ़ना, नहरों का अक्रियाशील होना इनमें प्रमुख है। विभाग की ओर से ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र में पानी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।                                       बीबी सिंह  अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड
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