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फरवरी से दौड़ सकती है खजुराहो के लिए ट्रेन
ब्यूरो ललितपुर
Updated Sun, 03 Jan 2016 12:33 AM IST
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ललितपुर। टीकमगढ़ से खजुराहो तक रेल मार्ग और स्टेशनों की इमारतों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब इनके मध्य दो रेलवे स्टेशनों पर पैनल का कार्य तेजी के साथ शुरू कर दिया गया है। जनवरी के अंत तक पैनल का कार्य पूरा होने के बाद फरवरी में ललितपुर से खजुराहो रेलवे स्टेशन तक रेल संचालन शुरू हो सकता है।
26 अप्रैल 2013 को ललितपुर से टीकमगढ़ रेलमार्ग पर सबसे पहले झांसी- टीकमगढ़ पैसेंजर का शुभारंभ तत्कालीन केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य द्वारा किया गया था। उक्त ट्रेन के संचालन से जहां जिला समेत आसपास के निवासियों को टीकमगढ़ तक रेलमार्ग द्वारा यात्रा का लाभ मिलने लगा है, वहीं पर्यटन व व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना बढ़ गई है। ललितपुर से झांसी के लिए एक अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेन की सुविधा भी मिल गई। झांसी- टीकमगढ़ पैसेंजर के संचालन के बाद से टीकमगढ़ से छतरपुर व खजुराहो रेल लाइन के कार्य में तेजी आ गई और अब उक्त रेल लाइन व स्टेशनों की इमारतों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
इसके साथ ही गत दिनों टीकमगढ़ से खजुराहो रेल मार्ग पर रेल इंजन का सफल ट्रायल भी करा दिया गया। इससे रेलवे अधिकारी गदगद हैं। इसके अलावा टीकमगढ़ से खजुराहो रेलवे स्टेशन के मध्य स्टेशनों की इमारतों के बाद ईशानगर और छतरपुर रेलवे स्टेशनों पर पैनल सिस्टम लगाए जाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है, जिसके जनवरी के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा। बाकी रेलवे स्टेशनों पर भी पैनल सिस्टम का कार्य पूर्ण हो चुका है। छतरपुर से खजुराहो रेल मार्ग पर गिट्टी डालने का कुछ कार्य शेष रह गया है, जो बहुत जल्द पूर्ण होने की उम्मीद है।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार ईशानगर व छतरपुर रेलवे स्टेशनों के पैनल सिस्टम का कार्य पूर्ण होने के बाद रेलवे द्वारा सीआरएस (परीक्षण) होगा। इसकी रिपोर्ट आने के बाद टीकमगढ़ से खजुराहो रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। यह कार्य रेलवे द्वारा जनवरी के अंत तक होने की उम्मीद है और माना जा रहा है कि फरवरी में ललितपुर से खजुराहो के मध्य रेल संचालन शुरू हो जाएगा।
तीन अस्थाई कॉमर्शियल हाल्ट होंगे
ललितपुर। ललितपुर से खजुराहो रेलवे स्टेशनों के मध्य बिरारी, उदयपुरा, टीकमगढ़, मबई, सरकनपुर, खरगापुर, टीला, रामपुर, ईशानगर और छतरपुर रेलवे स्टेशन बनाए गए हैं। लेकिन, इसमें तीन रेलवे स्टेशन मबई, टीला व रामपुर में अस्थाई कॉमर्शियल हाल्ट बनाए गए हैं। यह स्थाई रेलवे स्टेशन नहीं होंगे।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
ललितपुर। ललितपुर से खजुराहो रेल मार्ग सुचारु रुप से संचालित होने के बाद जनपद में पर्यटन और व्यापार के विकसित होने की संभावना और अधिक बढ़ जाएगी। जिले में पाली का नीलकंठेश्वर मंदिर, श्री रणछोर मंदिर, चांदपुर जहाजपुर, मड़ावरा में पंडवन, दूूधई, माताटीला, राजघाट बांध, देवगढ़ आदि पर्यटन स्थलों पर देेश- विदेश से आने वाले पर्यटकों को लाभ मिलेगा।
ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी
ललितपुर। ललितपुर से खजुराहो रेल मार्ग संचालित होने से निश्चित रुप से ट्रेनों की संख्या में वृद्धि होगी। रेलवे सूत्रों के अनुसार झांसी - टीकमगढ़ पैसेंजर ट्रेन के फेरे बढ़ जाएंगे, झांसी और भोपाल से भी अतिरिक्त ट्रेनों के संचालित होने की संभावना जताई जा रही है। भोपाल व झांसी से दो- दो पैसेंजर ट्रेन और एक-एक एक्सप्रेस ट्रेन भी चलाई जा सकती है, जो ललितपुर के लिए बढ़ी उपलब्धि होगी।
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26 अप्रैल 2013 को ललितपुर से टीकमगढ़ रेलमार्ग पर सबसे पहले झांसी- टीकमगढ़ पैसेंजर का शुभारंभ तत्कालीन केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य द्वारा किया गया था। उक्त ट्रेन के संचालन से जहां जिला समेत आसपास के निवासियों को टीकमगढ़ तक रेलमार्ग द्वारा यात्रा का लाभ मिलने लगा है, वहीं पर्यटन व व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना बढ़ गई है। ललितपुर से झांसी के लिए एक अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेन की सुविधा भी मिल गई। झांसी- टीकमगढ़ पैसेंजर के संचालन के बाद से टीकमगढ़ से छतरपुर व खजुराहो रेल लाइन के कार्य में तेजी आ गई और अब उक्त रेल लाइन व स्टेशनों की इमारतों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
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इसके साथ ही गत दिनों टीकमगढ़ से खजुराहो रेल मार्ग पर रेल इंजन का सफल ट्रायल भी करा दिया गया। इससे रेलवे अधिकारी गदगद हैं। इसके अलावा टीकमगढ़ से खजुराहो रेलवे स्टेशन के मध्य स्टेशनों की इमारतों के बाद ईशानगर और छतरपुर रेलवे स्टेशनों पर पैनल सिस्टम लगाए जाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है, जिसके जनवरी के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा। बाकी रेलवे स्टेशनों पर भी पैनल सिस्टम का कार्य पूर्ण हो चुका है। छतरपुर से खजुराहो रेल मार्ग पर गिट्टी डालने का कुछ कार्य शेष रह गया है, जो बहुत जल्द पूर्ण होने की उम्मीद है।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार ईशानगर व छतरपुर रेलवे स्टेशनों के पैनल सिस्टम का कार्य पूर्ण होने के बाद रेलवे द्वारा सीआरएस (परीक्षण) होगा। इसकी रिपोर्ट आने के बाद टीकमगढ़ से खजुराहो रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। यह कार्य रेलवे द्वारा जनवरी के अंत तक होने की उम्मीद है और माना जा रहा है कि फरवरी में ललितपुर से खजुराहो के मध्य रेल संचालन शुरू हो जाएगा।
तीन अस्थाई कॉमर्शियल हाल्ट होंगे
ललितपुर। ललितपुर से खजुराहो रेलवे स्टेशनों के मध्य बिरारी, उदयपुरा, टीकमगढ़, मबई, सरकनपुर, खरगापुर, टीला, रामपुर, ईशानगर और छतरपुर रेलवे स्टेशन बनाए गए हैं। लेकिन, इसमें तीन रेलवे स्टेशन मबई, टीला व रामपुर में अस्थाई कॉमर्शियल हाल्ट बनाए गए हैं। यह स्थाई रेलवे स्टेशन नहीं होंगे।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
ललितपुर। ललितपुर से खजुराहो रेल मार्ग सुचारु रुप से संचालित होने के बाद जनपद में पर्यटन और व्यापार के विकसित होने की संभावना और अधिक बढ़ जाएगी। जिले में पाली का नीलकंठेश्वर मंदिर, श्री रणछोर मंदिर, चांदपुर जहाजपुर, मड़ावरा में पंडवन, दूूधई, माताटीला, राजघाट बांध, देवगढ़ आदि पर्यटन स्थलों पर देेश- विदेश से आने वाले पर्यटकों को लाभ मिलेगा।
ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी
ललितपुर। ललितपुर से खजुराहो रेल मार्ग संचालित होने से निश्चित रुप से ट्रेनों की संख्या में वृद्धि होगी। रेलवे सूत्रों के अनुसार झांसी - टीकमगढ़ पैसेंजर ट्रेन के फेरे बढ़ जाएंगे, झांसी और भोपाल से भी अतिरिक्त ट्रेनों के संचालित होने की संभावना जताई जा रही है। भोपाल व झांसी से दो- दो पैसेंजर ट्रेन और एक-एक एक्सप्रेस ट्रेन भी चलाई जा सकती है, जो ललितपुर के लिए बढ़ी उपलब्धि होगी।