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Lalitpur News: बर्बाद फसल दिखा किसानों ने डीएम से मांगा मुआवजा

Sat, 05 Sep 2026 11:43 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:43 PM IST
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Farmers showed their destroyed crops to the DM and demanded compensation.
ग्रामीणों की समस्या सुनते जिलाधिकारी
ललितपुर-मड़ावरा। जनपद में लगातार हो रही बारिश का पानी खेतों में भरने से खरीफ की फसल बर्बाद होने लगी है। शनिवार को बड़ी संख्या में किसान उड़द व सोयाबीन के नष्ट हुए पौधे लेकर मड़ावरा तहसील में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचे और डीएम से फसल के नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलवाने की मांग की है।
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किसानों ने जिलाधिकारी को बताया कि अधिक बारिश से उनकी उड़द और सोयाबीन की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। गंगचारी, तिसगना, गोरा, धौरीसागर, गणेशपुरा, हसरा, हंसरी, लिधौरा, जमुनिया खेरा, सादुमल, बहादुरपुर और बछरावनी समेत कई गांवों में यह नुकसान हुआ है। किसानों ने खराब फसल का जल्द सर्वे कराने की मांग की। उन्होंने पूरा मुआवजा और बीमा राशि दिलाने की अपील की। किसानों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई।
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इनसेट
मड़ावरा और परोल समितियों पर खाद की कालाबाजारी का आरोप
किसानों ने जिलाधिकारी से खाद की कालाबाजारी रोकने की मांग की है। उन्होंने बताया कि मड़ावरा और परोल साधन सहकारी समितियों पर कर्मचारी तैनात हैं। ये कर्मचारी भोले-भाले किसानों को लालच देकर उनका अंगूठा लगवा लेते हैं। इसके बाद किसानों को खाद नहीं दी जाती है। कर्मचारी इस खाद को दलालों के जरिये बाजार में बेचते हैं। यह खाद 1800 से 2000 रुपये प्रति बोरी के दाम पर बेची जाती है। किसानों को बताया जाता है कि एक दिन में केवल 100 बोरी देने का आदेश है। उनसे कहा जाता है कि आज की 100 बोरी बंट चुकी है। किसानों को अगले दिन आने को कहा जाता है। किसानों ने जिलाधिकारी से इस मामले की जांच कर कार्रवाई करने की अपील की है।
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फसलें खराब होने से किसान चिंतित
बिरधा। ललितपुर जिले की पाली और ललितपुर तहसील के बिरधा क्षेत्र में लगातार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार से शुक्रवार तक हुई मूसलाधार बारिश से खेतों में जलभराव हो गया है। पानी भरने से उड़द और सोयाबीन की फसलें सड़ने लगी हैं। इससे किसानों को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका है।

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मूंग और तिल की फसल सड़ी
बार। विकासखंड बार क्षेत्र में चार दिनों की अतिवृष्टि से किसानों की खरीफ फसलें बर्बाद हो गई हैं। खेतों में लगातार जलभराव है। उड़द, मूंग और तिल की फसलें खेत में ही सड़ने लगी हैं। उड़द की फलियां काली पड़कर गिरीं, पौधे पानी में डूबे हैं। किसानों के अनुसार, अच्छी फसल के बावजूद मूसलाधार बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में एक से दो फीट पानी भरने से फलियां अंकुरित होकर पत्तियां सड़ रही हैं।प्रभावित किसानों ने तहसील प्रशासन और कृषि विभाग से फसल नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उचित मुआवजे की भी मांग की।


फैक्ट फाइल

खरीफ फसल पर एक नजर

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कुल क्षेत्रफल-3,24,236 हेक्टेयर

दलहन -1,58,977 हेक्टेयर

तिलहन-88757 हेक्टेयर

मूंगफली-54014 हेक्टेयर

शेष क्षेत्रफल में अन्य फसलें

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बोले किसान

उड़द, मूंग और सोयाबीन की फसल खराब होने से हमारे सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।-सूरत सिंह यादव, किसान कलोथरा

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जब हम लोगों ने सोयाबीन की बोआई की तो कई क्विंटल सोयाबीन अंकुरित नहीं हुआ तो उड़द की बोआई की लेकिन चार दिन से लगातार बारिश ने खेत में पानी भर जाने से सोयाबीन और मूंगफली सहित सभी फसलें सड़ने लगी है।-उदयभान यादव किसान


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वर्जन

लगातार बारिश से फसलों के नुकसान का सर्वे के निर्देश दिए हैं, सर्वे रिपोर्ट आने पर नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। किसान बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराए। सत्य प्रकाश,जिलाधिकारी
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