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तीन वर्षों से लंबित बीमा क्लेम का भुगतान कराने की मांग
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ललितपुर। जिले में किसानों का तीन वर्षों से लंबित बीमा क्लेम का भुगतान कराने, विभिन्न बांध, नहर परियोजनाओं और सड़क पर अनाधिकृत कब्जा के मामलों में प्रगतिशील किसान जन मोर्चा ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन दिया है।
ज्ञापन में बताया गया है कि सरकार किसानों को दशा सुधारने को योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन किसानों को इन योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा है। बताया कि खरीफ सीजन 2021 में जिले के अधिकांश भाग में फसल सूखा एवं अतिवृृष्टि से खराब हो गई है। जिसका सर्वे कराकर बीमित किसानों को नुकसान का भुगतान कराया जाए। खरीफ एवं रबी 2020 में बीमा कंपनी द्वारा बीमा क्लेम के पात्र किसानों की व्यक्तिगत बीमा क्लेमों पर समय से सर्वे नहीं किया गया, जिससे पात्र किसानों को बीमा क्लेम से वंचित कर दिया गया, इसकी जांच कराकर किसानों का बीमा क्लेम दिलाया जाए।
खरीफ 2018 के चार हजार पात्र किसान अभी तक बीमा क्लेम से वंचित हैं, जिन्हें मय ब्याज के बीमा क्लेम दिलाया जाए। जिले में आपदाग्रस्त किसानों को अवैध रूप से बिना लाइसेंस वाले साहूकारों द्वारा दस से पंद्रह प्रतिशत तक ब्याज वसूल कर गरीब व मजदूर किसानों को लूटने का आरोप लगाया। जिसकी पारदर्शी जांच एवं कार्रवाई की मांग की है। किसानों को खेतों की रखवाली में विवादों में पुलिस द्वारा परेशान किया जाता है और अवैध मुकदमेे करा दिए जाते हैं। ऐसे मामलों में रोक लगाने की मांग की है।
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15 दिन में किया जाए निराकरण
ज्ञापन में कहा गया है कि कचनौंदा बांध परियोजना का अरबों रुपये खर्च हो जाने के बाद भी दस वर्षों से उसका लाभ जिले के किसानों केे नहीं मिल पा रहा है। जिसमें अनियमितता करने वाले तत्कालीन अभियंताओं पर कार्रवाई एवं भराव क्षेत्र के किसानों को मुआवजा दिलाकर बांध को पूरी क्षमता से भरवाने की मांग की है। चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का निराकरण पंद्रह दिनों में नहीं होता है तो उनका संगठन आंदोलन का बाध्य होगा। ज्ञापन पर संगठन के अध्यक्ष बाबूलाल दुबे, संयोजक नवनीत शर्मा, महामंत्री नंदलाल पहलवान, उपाध्यक्ष ऊदल सिंह पटेल, बृजेश कुमार, आशीष कौशिक, जयराम पटेल, सोवत सिंह, सनत कुमार पटेल, निर्मल कुमार जैन, जमुना प्रसाद, कोमलचंद्र, बबलू, मुन्ना राजा के हस्ताक्षर हैं।
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ज्ञापन में बताया गया है कि सरकार किसानों को दशा सुधारने को योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन किसानों को इन योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा है। बताया कि खरीफ सीजन 2021 में जिले के अधिकांश भाग में फसल सूखा एवं अतिवृृष्टि से खराब हो गई है। जिसका सर्वे कराकर बीमित किसानों को नुकसान का भुगतान कराया जाए। खरीफ एवं रबी 2020 में बीमा कंपनी द्वारा बीमा क्लेम के पात्र किसानों की व्यक्तिगत बीमा क्लेमों पर समय से सर्वे नहीं किया गया, जिससे पात्र किसानों को बीमा क्लेम से वंचित कर दिया गया, इसकी जांच कराकर किसानों का बीमा क्लेम दिलाया जाए।
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खरीफ 2018 के चार हजार पात्र किसान अभी तक बीमा क्लेम से वंचित हैं, जिन्हें मय ब्याज के बीमा क्लेम दिलाया जाए। जिले में आपदाग्रस्त किसानों को अवैध रूप से बिना लाइसेंस वाले साहूकारों द्वारा दस से पंद्रह प्रतिशत तक ब्याज वसूल कर गरीब व मजदूर किसानों को लूटने का आरोप लगाया। जिसकी पारदर्शी जांच एवं कार्रवाई की मांग की है। किसानों को खेतों की रखवाली में विवादों में पुलिस द्वारा परेशान किया जाता है और अवैध मुकदमेे करा दिए जाते हैं। ऐसे मामलों में रोक लगाने की मांग की है।
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15 दिन में किया जाए निराकरण
ज्ञापन में कहा गया है कि कचनौंदा बांध परियोजना का अरबों रुपये खर्च हो जाने के बाद भी दस वर्षों से उसका लाभ जिले के किसानों केे नहीं मिल पा रहा है। जिसमें अनियमितता करने वाले तत्कालीन अभियंताओं पर कार्रवाई एवं भराव क्षेत्र के किसानों को मुआवजा दिलाकर बांध को पूरी क्षमता से भरवाने की मांग की है। चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का निराकरण पंद्रह दिनों में नहीं होता है तो उनका संगठन आंदोलन का बाध्य होगा। ज्ञापन पर संगठन के अध्यक्ष बाबूलाल दुबे, संयोजक नवनीत शर्मा, महामंत्री नंदलाल पहलवान, उपाध्यक्ष ऊदल सिंह पटेल, बृजेश कुमार, आशीष कौशिक, जयराम पटेल, सोवत सिंह, सनत कुमार पटेल, निर्मल कुमार जैन, जमुना प्रसाद, कोमलचंद्र, बबलू, मुन्ना राजा के हस्ताक्षर हैं।