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किसानों की समस्याओं को लेकर गरजे किसान नेता

Sat, 23 Nov 2019 12:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 23 Nov 2019 12:54 AM IST
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Farmer leaders thundered about the problems of farmers
ललितपुर। शुुक्रवार को कंपनी बाग में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने किसान महापंचायत का आयोजन किया। इसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। महापंचायत के उपरांत किसान नेताओं ने एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल को किसानों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण होने का अश्वासन दिया गया।
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किसान पंचायत में यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान बीते वर्षों में दैवीय आपदाओं से पीड़ित चल रहा है। अतिवृष्टि से लगातार ही खरीफ की फसलें नष्ट हो रही हैं। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति काफी खराब चल रही है। ऐसे में किसानों को शीध्र ही बीमा क्लेम व आर्थिक सहायता राशि का भुगतान किया जाए। किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा ने बताया कि किसानों की आय को दो गुना किया जाए। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार किया जा सकेगा। जिसके लिए रबी की फसलों का सही मूल्य गेंहू तीन हजार रुपए कुंतल व चना, मसूर, उर्द, मटर आदि का मूल्य दस हजार रुपए कुंतल शासन द्वारा किया जाए। इसी दरों के चलते किसानों की आय दो गुनी हो सकती है। प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि लगातार अतिवृष्टि से किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। किसानों को अपने परिवार का पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है। किसान कर्ज लेकर फसलों में लागत लगा रहा है। ऐसे में सभी प्रकार के किसानों का कर्जा माफ किया जाए। अन्य वक्ताओं ने बताया कि कई क्षेत्रों में सिंचाई का साधन ट्यूब वेल है। लेकिन पर्याप्त समय तक बिजली न मिलने के चलते सिंचाई बाधित हो रही है। वहीं नहरों का पानी सफाई न होने के चलते टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे नहरों की टेल पर खेती करने वाले किसानों का नहरों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपकर कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन पर बताया कि बीते माहों में अतिवृष्टि से खरीफ की पूरी फसल नष्ट हो गई थी। जिसकी सर्वे में विभाग ने माना कि 70 प्रतिशत नुकसान हुआ है। वहीं केंद्रीय टीम ने भी माना था। लेकिन अब तक न तो बीमा क्लेम और न ही राहत राशि का भुगतान नहीं किया गया है। वर्ष 2018 में अतिवृष्टि की राहत राशि 83 करोड़ रुपए जनपद में आने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। जिसका शीघ्र ही भुगतान किया जाए। वहीं सभी प्रकार के किसानों का कर्जा माफ किया जाए। अन्ना जानवरों को गौशालाओं में भेजा जाए। बंदरगुढ़ा पंप कैलान की नहर के पानी को सैपुरा, जमुनिया, सगौरिया, चीराकोड़र के किसानों को सांधा के माध्यम से पानी दिलाया जाए। जनपद की जर्जर विद्युत व्यवस्था का दुरुस्त किया जाए। ट्यूबवेलों को पर्याप्त बिजली मुहैया कराई जाए। राजघाट बांध से पाइप लाइन के माध्यम से गोविंद सागर बांध को जोड़ा जाए। जिससे आवश्यकता पड़ने पर नहरों को खोला जा सके। आदि मांगों को पूरा करने की मांग की है। इस दौरान जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह यादव, मंडल उपाध्यक्ष कीरत बाबा, जिला प्रवक्ता निसार खांन, नगर अध्यक्ष राजपाल यादव, नंदकिशोर, शब्बीर मंसूरी, मर्दन सिंह यादव, जितेंद्र सिंह प्रधान, पहाड़ सिंह, लाखनसिंह पटेल, मलखानसिंह आदि मौजूद रहे।
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