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डेढ़ हजार परिवार पानी के पानी को परेशान

Tue, 26 Jul 2016 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 26 Jul 2016 12:59 AM IST
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 Family upset over half of the water to the water
water crisis, lalitpur news - फोटो : amar ujala, lalitpur news
ललितपुर। नगर क्षेत्र में स्थित कांशीराम कालोनियों में जल निगम द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई पानी की टंकियां शोपीस बनी हुई हैं। कॉलोनी में रहने वाले डेढ़ हजार परिवारों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या कॉलोनियों में ऊपर की मंजिल में रहने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है।
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बसपा सरकार के दौरान गरीब परिवारों को बेहतर सुविधाओं युक्त आवास मुहैया कराने के लिए शहर में विभिन्न स्थानों पर छह कांशीराम आवासीय कॉलोनियों का निर्माण कराया गया था। इन कॉलोनियों में डेढ़ हजार परिवार निवासी कर रहे हैं। कॉलोनियों के निर्माण के दौरान जल निगम विभाग ने समस्त कॉलोनियों में एक-एक पानी की टंकी व पंप हाउस का निर्माण कराया था। करोड़ों रुपयों की लागत से बनाई गई यह टंकियां मात्र शोपीस बनकर रह गई हैं। टंकियों के माध्यम से होने वाली जलापूर्ति सुचारु रुप से नहीं हो पा रही है।
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नारायणदासपुरा व खिरखापुरा में बनी कॉलोनियों के नल लगने के बाद से अब तक सूखे ही पड़े हुए हैं। यहां की टंकियों में एक बार भी जलापूर्ति नहीं हो सकी है। कॉलोनियों की छत पर टंकियां रखी हुई हैं।  सभी आवासों में नलों की फिटिंग भी है, लेकिन जलापूर्ति नहीं होने के कारण यह सब सुविधाएं बेकार साबित हो रही हैं। कॉलोनियों में रहने वाले डेढ़ हजार परिवारों की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से हैंडपंपों के भरोसे पर चल रही है।
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कॉलोनियों में भू-तल पर रहने वाले लोग तो किसी तरह हैंडपंपों से पानी भरकर आना काम चला लेते हैं, लेकिन सबसे अधिक समस्या ऊपर की तीसरी और चौथी मंजिल पर रहने वाले लोगों को होती है। यहां के बाशिंदाें ने कई बार जिला प्रशासन से पानी की समस्या का समाधान करने की मांग की, लेकिन समाधान नहीं किया गया। 

जलसंस्थान नहीं ले रहा जिम्मेदारी
कांशीराम कॉलोनियों में बनी पानी की टंकियों व पंप हाउस को स्थापित करने की जिम्मेदारी जल निगम की थी, लेकिन सुचारु रूप से जलापूर्ति  व रख-रखाव की जिम्मेदारी जल संस्थान को उठानी थी। नियमानुसार तो टंकी व पंप हाउस की स्थापना के छह माह बाद जल संस्थान को अपने अधीन में ले लेना चाहिए था, पर वर्षों बीतने बाद भी जल संस्थान टंकी व पंप हाउस को अपने ंहैंडओवर नहीं ले रहा है। इसके पीछे का मुख्य कारण शासन द्वारा रख-रखाव के लिए किसी तरह के बजट की स्वीकृति न होना बताया जा रहा है। इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता यशवीर सिंह का कहना है कि हैंडओवर के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से लगातार जल संस्थान पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन जल संस्थान द्वारा अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। वहीं, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रघुवीर कुमार का कहना है कि उनके कार्यकाल में इस संबंध में जल निगम द्वारा कोई पत्राचार नहीं किया गया है, यदि इस संबंध में कोई पत्र आता है तो टंकियों व पंप हाउस की जांच कराकर नियमानुसार विभाग अपने हैंडओवर कर लेगा।

यह है कालोनियों की स्थिति
1- सुरईघाट कॉलोनी
वार्ड नंबर एक में स्थित सुरईघाट कांशीराम कॉलौनी में करीब साढ़े तीन सौ परिवार रहते हैं। जल निगम में दर्ज रिकार्ड के आधार पर यहां बनी पानी की टंकी को भरने के लिए दो ट्यूबवेल लगाए गए थे, लेकिन यहां का पानी पीने योग्य नहीं होने के कारण गोविंद सागर बांध के पास दो ट्यूबवेल का पंप हाउस बनाया गया है, इससे सुरईघाट कालोनी में जलापूर्ति की जाती है। वार्ड के पार्षद रामसखी कुशवाहा का कहना है कि लंबे समय से जलापूर्ति ठप पड़ी होने के कारण से पानी के लिए हैंडपंप का ही एक मात्र सहारा है।

2- खिरकापुरा कॉलोनी
वार्ड नंबर एक मोहल्ला खिरकापुरा में स्थित खिरकापुरा कॉलोनी में 64 परिवार रहते हैं। जल निगम के अनुसार यहां बनी पानी की टंकी को कसाई मंडी में बनी सीडब्लूआर (पानी की टंकी) से आई पेयजल पाइप लाइन से पंप के सहारे भरा जाता है। इसके लिए विभाग द्वारा एक कर्मचारी नियुक्त किया गया है। वहीं, वार्ड पार्षद रामसखी कुशवाहा का कहना है कि टंकी भरने के लिए कोई इंतजाम नहीं है, और न ही कभी पानी की टंकी भरी जाती है। कॉलोनी में रहने वाले समस्त परिवार पानी के लिए हैंडपंप पर निर्भर हैं। 

3- नारायणपुरा कॉलोनी
वार्ड नंबर एक के मोहल्ला नारायणपुरा में स्थित कांशीराम कॉलोनी शहर की सबसे कम आवास वाली कॉलोनी है, यहां पर 32 परिवार निवास करते हैं। जल निगम के अनुसार इस टंकी को कसाई मंडी में स्थित सीडब्लूआर से भरा जाता है, टंकी तक पहुंचाने के लिए दो पंप मशीन लगाई गई हैं। लेकिन पार्षद रामसखी के अनुसार इस टंकी को अब तक एक भी बार नहीं भरा गया है और न ही किसी तरह के पंप मशीन की कोई व्यवस्था है।

4- गल्ला मंडी के पीछे वाली कॉलोनी
नवीन गल्ला मंडी के पीछे वार्ड नंबर सात में राजकीय महाविद्यालय के पास बनी कांशीराम कॉलोनी में करीब चार सौ परिवार रहते हैं। जल निगम के अनुसार यहां बनी टंकी को भरने के लिए दो ट्यूबवेल बनाए गए हैं, इनमें से एक से जलपूर्ति की जा रही है। वार्ड पार्षद रजनी रजक का कहना है कि कॉलोनी वासियों को महीने में कम ही पानी नसीब होता है। नियमित तौर पर जलापूर्ति के लिए कई बार मांग भी की गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 

5- आईटीआई कॉलोनी
वार्ड नंबर 10 में स्थित आईटीआई कॉलेज के पीछे बनी कांशीराम कॉलोनी में साढ़े तीन सौ से अधिक परिवार निवास करते हैं। विभाग के अनुसार यहां की टंकी को भरने के लिए दो ट्यूबवेल स्थापित किए गए हैं, जिससे सुचारू रूप से जलापूर्ति की जा रही है। पार्षद मुस्तफा खा का कहना है कि जलापूर्ति तो की जा रही है, लेकिन केवल नीचे की मंजिलों में रहने वाले परिवारों के ही नलों में पानी मिल पाता है। ऊपर की मंजिलों पर रहने वाले तीन सौ परिवारों को कड़ी मशक्कत करके हैंडपंप से ही अपना काम चलाना पड़ रहा है।


6- गोविंद नगर कॉलोनी
वार्ड नंबर 11 गोविंद नगर में बनी कांशीराम कॉलोनी में साढ़े तीन सौ से अधिक परिवार रहते हैं। यहां बनी पानी की टंकी को भरने के लिए दो ट्यूबवेल  स्थापित किए गए हैं, इनमें से एक चालू स्थिति में वहीं दूसरे ट्यूबवेल की मशीन अंदर गिर गई है। कॉलोनी में रहने वाले स्थानीय लोगों के अनुसार टंकी का कोई सहारा नहीं है। जब पंप चालू किया जाता है तो केवल नीचे की ही मंजिलों पर पानी पहुंचता है। ऊपर की मंजिलों पर रहने वाले लोगों की स्थिति काफी बदतर है।
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