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Lalitpur News: प्रस्ताव के बाद भी नहीं हट सके स्कूलों के ऊपर से गुजरे हाईटेंशन तार
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63 विद्यालयों के ऊपर से हटवाए जाने हैं हाईटेंशन तार, पांच माह से सिर्फ बैठकों और पत्राचार की कवायद
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। यह खबर सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली की बानगी भर है। करीब पांच माह पहले ऐसे 63 सरकारी स्कूल चिह्नित किए गए, जिनके ऊपर से हाईटेशन तार गुजर रहे हैं।तारों को हटाने के लिए बिजली विभाग ने इस्टीमेट बनाया। लेकिन, अब तक कुछ नहीं हुआ। नौनिहालों की जिंदगी पर खतरा अब भी बरकरार है।
जनपद में 1357 परिषदीय और कंपोजिट विद्यालय है। 63 विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है। इन विद्यालयों में करीब दस हजार बच्चे पढ़ते हैं। बिजली का तार हटाने को लेकर जिला प्रशासन, शिक्षा और विद्युत विभाग के बीच बैठकें हुई। बिजली विभाग ने इस्टीमेट तैयार किया था। इसमें प्रति विद्यालय एक लाख रुपये से अधिक का खर्च आना था। इस प्रकार से करीब 65.27 लाख रुपये खर्च होने थे।
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हाईटेंशन लाइनों को हटवाने के लिए बिजली विभाग ने करीब 65.27 लाख का इस्टीमेट तैयार किया था। धनराशि के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से पत्राचार किया गया है। जल्द ही तारों को हटवा दिया जाएगा।
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- इंजी. जाहर सिंह निरंजन, डीसी, निर्माण, सर्व शिक्षा अभियान
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। यह खबर सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली की बानगी भर है। करीब पांच माह पहले ऐसे 63 सरकारी स्कूल चिह्नित किए गए, जिनके ऊपर से हाईटेशन तार गुजर रहे हैं।तारों को हटाने के लिए बिजली विभाग ने इस्टीमेट बनाया। लेकिन, अब तक कुछ नहीं हुआ। नौनिहालों की जिंदगी पर खतरा अब भी बरकरार है।
जनपद में 1357 परिषदीय और कंपोजिट विद्यालय है। 63 विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है। इन विद्यालयों में करीब दस हजार बच्चे पढ़ते हैं। बिजली का तार हटाने को लेकर जिला प्रशासन, शिक्षा और विद्युत विभाग के बीच बैठकें हुई। बिजली विभाग ने इस्टीमेट तैयार किया था। इसमें प्रति विद्यालय एक लाख रुपये से अधिक का खर्च आना था। इस प्रकार से करीब 65.27 लाख रुपये खर्च होने थे।
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हाईटेंशन लाइनों को हटवाने के लिए बिजली विभाग ने करीब 65.27 लाख का इस्टीमेट तैयार किया था। धनराशि के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से पत्राचार किया गया है। जल्द ही तारों को हटवा दिया जाएगा।
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- इंजी. जाहर सिंह निरंजन, डीसी, निर्माण, सर्व शिक्षा अभियान