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Lalitpur News: टीमों के गठन के 28 दिन बाद भी फसल नुकसान का सर्वे नहीं

Thu, 14 Aug 2025 12:50 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Aug 2025 12:50 AM IST
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Even after 28 days of formation of teams, no survey of crop damage has been done
ललितपुर। कृषि विभाग, बीमा और राजस्व विभाग की टीमों के गठन के 28 दिन बाद भी अतिवृष्टि से नष्ट खरीफ की फसलों का सर्वे नहीं हो सका है। इसके चलते किसान फसल बीमा और राहत राशि के लिए अधिकारियों की चौखट पर भटक रहे हैं।
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जनपद में बीते जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई माह में अतिवृष्टि होने के कारण खरीफ की फसल बोआई के साथ ही नष्ट हो गई। जिले में अतिवृष्टि से नष्ट फसलों के सर्वे के लिए जिलाधिकारी ने बीती 15 जुलाई को कृषि विभाग, बीमा कंपनी और लेखपालों की टीमों का गठन किया था, जिनके माध्यम से हर ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वे करके खरीफ की फसल के नष्ट होने का आकलन किया जाना था। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस सर्वे में एक सप्ताह से दस दिन तक का समय लगने की संभावना जताई गई थी लेकिन बीती 10 अगस्त तक टीमों द्वारा इस वर्ष खरीफ की नष्ट फसलों का सर्वे शुरू ही नहीं किया जा सका। इसके चलते किसानों को न तो खरीफ की बीमा राशि ही मिल सकी है और न ही आपदा राहत राशि मिल सकी है। अब किसान जिला प्रशासन और कृषि विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जनपद में कृ़षि विभाग में पंजीकृत लगभग 2.03 लाख किसान पंजीकृत हैं जिनमें से अभी तक मात्र 92 हजार किसानों का ही बीमा हो सका है, जबकि अभी किसानों का फसल बीमा किया जा रहा है।
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टीमों ने अब धरातल पर शुरू किया उड़द की फसल का सर्वे
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित की गई कृषि विभाग, बीमा कंपनी और राजस्व विभाग की टीमाें द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर उड़द की फसल का सर्वे मंगलवार से गांव गांव जाकर शुरू कर दिया गया है। सर्वे में टीमों द्वारा उड़द की फसल में यदि पचास फीसदी से अधिक नुकसान का आंकलन किया जाता है तो इसमें उड़द में बीमित सभी किसानों को पच्चीस फीसदी तक तत्काल क्षति की राहत राशि प्रदान की जाएगी। बाकी फसलों की क्षति का व्यक्तिगत सर्वे किए जाने की संभावना जताई जा रही हे। इस बार उड़द की बोआई के लिए पांच जुलाई से तीस अगस्त तक का समय था जिसके चलते जनपद में कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार लगभग 63 फीसदी से अधिक बोआई की गई थी, लेकिन लगातार अतिवृष्टि से नष्ट खरीफ की अधिकांश फसलें नष्ट होना बताया जा रहा है।
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खेतों में जाकर टीमों ने किया फसल नुकसान का आकलन
तहसील पाली क्षेत्र के ग्राम बंगरिया में मंगलवार को राजस्व, कृषि और बीमा कंपनी की टीमों ने खेतों में जाकर भारी बारिश से नष्ट हुई फसलों का सर्वे शुरू किया गया। सर्वे टीम में राजस्व विभाग से अभिषेक रावत, कृषि विभाग ने अतुल राज तिवारी, बीमा कंपनी से पुष्पेंद्र यादव शामिल रहे। वहीं जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में किसान एकत्र हो गए, जिनकी मदद से खेतों में जाकर फसल नुकसान का आकलन किया गया।

वर्जन
इस बार खरीफ की फसल का बारिश के कारण किसानों का काफी नुकसान हुआ है। भारी बारिश में फसलों की क्षति का जिलाधिकारी द्वारा गठित की गई टीमाें द्वारा सर्वे चल रहा है। जुलाई माह में बार बार तेज बारिश होने से फसलों के सर्वे में बाधा आ रही थी। अभी सर्वे में लगभग पंद्रह दिन का समय लगेगा।
-यशराज सिंह, उपकृषि निदेशक।
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