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अघोषित कटौती को लेकर ग्रामीणों ने लगाया जाम
lalitpur
Updated Sat, 27 Aug 2016 01:01 AM IST
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ललितपुर। बुंदेलखंड परंपरा के अनुसार धार्मिक ऐतिहासिक शैली को दर्शाती पीरों की सवारी शुक्रवार को नगर के विभिन्न मुहल्लों से पूर्ण श्रद्धा व उत्साह के साथ निकाली गई। परंपरागत तरीके से हर वर्ष की भांति मढ़ियों की विधिविधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। पीरों के दर्शनों को श्रद्धालुओं की भारी उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने पीरों से आशीर्वाद लिया और मन्नतें मांगी।
बुंदेलखंड में दर्जनों त्यौहार व दशकों पुरानी मान्यताएं धार्मिक और परंपरागत सभ्यता के लिए पहचानी हैं। जनपद में आज भी करीब दो सौ वर्ष पुरानी पीरों की गाथा को दर्शाती पीरों की सवारी आज भी बुंदेलखंडी परंपरा का कायम रखे हुए हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन दही मटकी फोड़ने के आयोजन के साथ ही वीर पीरों की सवारी भी पूरे श्रद्धा व उत्साह के साथ निकाली गई। शहर के मुहल्ला तलैयापुरा स्थित पीरों के मढ़िया मंदिर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आस्था के साथ पूजन अर्चन शुरू किया गया। शाम करीब साढ़े चार बजे मंदिर से पीरों की सवारी शहर के विभिन्न मुहल्लों से शोभायात्रा निकाली गई। पीरों की सवारी मुहल्ला महावीरपुरा से होती हुई सरदारपुरा में स्थित मढ़ियों पर पहुंची, जहां परंपरागत रुप से मढ़ियों की पूजा कर सवारी की शोभायात्रा आगे बढ़ी। इसके बाद पीरों की सवारी महावीरपुरा स्थित झुनारेवाले रावत बब्बा की मढ़िया पर भी विधि विधान के साथ पीरों की सवारी ने हवन-पूजन किया। फिर यह सवारी तलैयापुरा होते हुए अन्य मुहल्लों में बनी मढ़ियों पर भी गई और पुरानी परंपरा को यथावत मान्यता अनुसार पूजन अर्चन किया गया। मुहल्लों से निकली पीरों की सवारियां ढोल नगाड़ों की थाप पर खेलती हुईं आगे बढ़ती रहीं। मुहल्लों में लोगों ने पीरों के दर्शन किए और छोटे बच्चों के साथ खुद भी पीरों का आशीर्वाद लिया।
भजन संध्या में झूूमे श्रद्धालु
ललितपुर। श्री लक्ष्मी नृसिंह सेवा परिवार द्वारा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्री लक्ष्मी नृसिंह मंदिर में हर्षोल्लास के साथ मनाया। भगवान श्रीकृष्ण जूनियर रविंद्र तययूब खान द्वारा चारों धामों से निराला बृजधाम लागे, बाजे बाजे रे बधाई मैया तोरे अंगना गाकर पूरे माहौल में उत्साह पैदा कर दिया। सुरेंद्र झा द्वारा करूणामयी कृपामयी मेरी दयामयी राधे, कजरारे तेरे मोटे मोटे नैन, भजन प्रस्तुत किया गया जिस पर सभी भक्तजन झूम उठे।
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कृष्णकांत त्यागी द्वारा भगवान का वैदिक मंत्रोच्चार से पूजन किया गया। इस मौके पर महंत बाल कृष्ण दासजी महाराज, मोहनदासजी महाराज, सदर विधायक रमेश कुशवाहा, नपाध्यक्ष सुभाष जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे, जेके सिंह, मनमोहन जड़िया, राजेश यादव, बब्बूराजा बुंदेला, बृजेश चतुर्वेदी, ललित कौशिक उपस्थित रहे।
कुआंघोषी में फोड़ी 18 फीट ऊंची दधी मटकी
कुआंघोषी (ललितपुर)। ग्राम कुआंघोषी में जन्माष्टमी के दूसरे दिन परंपरागत दही मटकी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने इस बार गांव में 18 फीट ऊंची दही मटकी फोड़ने का आयोजन किया। मटकी फोड़ कार्यक्रम से पूर्व गांव में राई-सैरा नृत्य का आयोजन किया गया। इसे देखने ग्रामीणों की भारी भीड़ लगी रही। राई-सैरा नृत्य के बाद यहां भजन कीर्तन हुए और फिर गोपालों की वेषभूषा में युवाओं ने माखन से भरी दही मटकी के लिए एक दूसरे के ऊपर पैर रखकर पिरामिड बनाकर काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि युवा गोपालों के जोश का जोश काम आया और वह मटकी फोड़ने में सफल हुए, जिस पर दही मटकी समिति द्वारा पुरस्कृत किया गया। आयोजन के दौरान ओमप्रकाश तिवारी, कपिल तिवारी, उम्मेद सिंह चंदेल, अमृतलाल विश्वकर्मा, बाबूलाल अहिरवार, ग्राम प्रधान जानकी अहिरवार उपस्थित रहे।
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बुंदेलखंड में दर्जनों त्यौहार व दशकों पुरानी मान्यताएं धार्मिक और परंपरागत सभ्यता के लिए पहचानी हैं। जनपद में आज भी करीब दो सौ वर्ष पुरानी पीरों की गाथा को दर्शाती पीरों की सवारी आज भी बुंदेलखंडी परंपरा का कायम रखे हुए हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन दही मटकी फोड़ने के आयोजन के साथ ही वीर पीरों की सवारी भी पूरे श्रद्धा व उत्साह के साथ निकाली गई। शहर के मुहल्ला तलैयापुरा स्थित पीरों के मढ़िया मंदिर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आस्था के साथ पूजन अर्चन शुरू किया गया। शाम करीब साढ़े चार बजे मंदिर से पीरों की सवारी शहर के विभिन्न मुहल्लों से शोभायात्रा निकाली गई। पीरों की सवारी मुहल्ला महावीरपुरा से होती हुई सरदारपुरा में स्थित मढ़ियों पर पहुंची, जहां परंपरागत रुप से मढ़ियों की पूजा कर सवारी की शोभायात्रा आगे बढ़ी। इसके बाद पीरों की सवारी महावीरपुरा स्थित झुनारेवाले रावत बब्बा की मढ़िया पर भी विधि विधान के साथ पीरों की सवारी ने हवन-पूजन किया। फिर यह सवारी तलैयापुरा होते हुए अन्य मुहल्लों में बनी मढ़ियों पर भी गई और पुरानी परंपरा को यथावत मान्यता अनुसार पूजन अर्चन किया गया। मुहल्लों से निकली पीरों की सवारियां ढोल नगाड़ों की थाप पर खेलती हुईं आगे बढ़ती रहीं। मुहल्लों में लोगों ने पीरों के दर्शन किए और छोटे बच्चों के साथ खुद भी पीरों का आशीर्वाद लिया।
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भजन संध्या में झूूमे श्रद्धालु
ललितपुर। श्री लक्ष्मी नृसिंह सेवा परिवार द्वारा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्री लक्ष्मी नृसिंह मंदिर में हर्षोल्लास के साथ मनाया। भगवान श्रीकृष्ण जूनियर रविंद्र तययूब खान द्वारा चारों धामों से निराला बृजधाम लागे, बाजे बाजे रे बधाई मैया तोरे अंगना गाकर पूरे माहौल में उत्साह पैदा कर दिया। सुरेंद्र झा द्वारा करूणामयी कृपामयी मेरी दयामयी राधे, कजरारे तेरे मोटे मोटे नैन, भजन प्रस्तुत किया गया जिस पर सभी भक्तजन झूम उठे।
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कृष्णकांत त्यागी द्वारा भगवान का वैदिक मंत्रोच्चार से पूजन किया गया। इस मौके पर महंत बाल कृष्ण दासजी महाराज, मोहनदासजी महाराज, सदर विधायक रमेश कुशवाहा, नपाध्यक्ष सुभाष जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे, जेके सिंह, मनमोहन जड़िया, राजेश यादव, बब्बूराजा बुंदेला, बृजेश चतुर्वेदी, ललित कौशिक उपस्थित रहे।
कुआंघोषी में फोड़ी 18 फीट ऊंची दधी मटकी
कुआंघोषी (ललितपुर)। ग्राम कुआंघोषी में जन्माष्टमी के दूसरे दिन परंपरागत दही मटकी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने इस बार गांव में 18 फीट ऊंची दही मटकी फोड़ने का आयोजन किया। मटकी फोड़ कार्यक्रम से पूर्व गांव में राई-सैरा नृत्य का आयोजन किया गया। इसे देखने ग्रामीणों की भारी भीड़ लगी रही। राई-सैरा नृत्य के बाद यहां भजन कीर्तन हुए और फिर गोपालों की वेषभूषा में युवाओं ने माखन से भरी दही मटकी के लिए एक दूसरे के ऊपर पैर रखकर पिरामिड बनाकर काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि युवा गोपालों के जोश का जोश काम आया और वह मटकी फोड़ने में सफल हुए, जिस पर दही मटकी समिति द्वारा पुरस्कृत किया गया। आयोजन के दौरान ओमप्रकाश तिवारी, कपिल तिवारी, उम्मेद सिंह चंदेल, अमृतलाल विश्वकर्मा, बाबूलाल अहिरवार, ग्राम प्रधान जानकी अहिरवार उपस्थित रहे।