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बिजली: जिले में है 50 करोड़ की बकाएदारी

Mon, 22 Jun 2015 01:51 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
ब्यूराे/अमर उजाला Updated Mon, 22 Jun 2015 01:51 AM IST
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ललितपुर। विद्युत विभाग ने जनपद के बड़े विद्युत बकाएदारों से वसूली करने का खाका तैयार कर लिया गया है। जिले के बिजली उपभोक्ताओं पर 50 करोड़ रुपये से अधिक की बकाएदारी चल रही है। शीघ्र ही विभाग द्वारा तैयार की गयी सूचियों के अनुसार बकाया वसूली के लिए अभियान चलाया जाएगा।
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जिले में बिजली का उपभोग करने वाले 65 हजार से अधिक संयोजनधारक उपभोक्ता हैं। इसमें अकेले नगर में 24 हजार घरेलू, करीब चार हजार कॉमर्शियल, 80 चक्की और 50 औद्योगिक इकाइयों में विद्युत संयोजन हैं। इसके अलावा पूरे जिले में 208 सरकारी विभाग विद्युत संयोजनधारक हैं। विद्युत विभाग द्वारा जनपद के बड़े बकाएदारों से वसूली का खाका तैयार कर लिया गया है। खासकर लाखों रुपये की बकाएदारी न चुकाने वाले उपभोक्ताओं की विभाग द्वारा सूची तैयार की गयी है। नगर में ऐसे बकाएदारों पर 13 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है और यदि पूरे जनपद के बकाएदारों की बात की जाए तो घरेलू, कॉमर्शियल, सरकारी, चक्की, औद्योगिक इकाई आदि सभी को मिलाकर करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक का विद्युत बिल बकाया है। ऐसे में यदि विद्युत विभाग द्वारा मात्र बकाया राशि ही वसूल कर जाए तो कॉर्पोरेशन द्वारा दिए गए लक्ष्य से कई गुना राजस्व प्राप्त किया जा सकता है। विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा बकाएदार बिजली उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर ली गयी है। जल्द ही ऐसे बकाएदारों से वसूली के लिए टीम गठित कर अभियान चलाया जाएगा।
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अधिशाषी अभियंता प्रशांत सिंह ने सभी उपखंड अधिकारियों को तैयार की गई बकाएदारों की सूची के अनुसार वसूली करने के निर्देश दिए हैं। बहुत से सरकारी विभाग भी ऐसे हैं, जिन पर लाखों रुपये की बकाएदारी हो गई है, लेकिन अभी तक वसूली नहीं की जा सकी है। सूची के अनुसार बकाएदारों से वसूली के लिए अभियान चलाया जाएगा।
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इन विभागों पर है बिजली का बकाया
ललितपुर। विद्युत विभाग द्वारा तैयार की गई सूची के अनुसार विभिन्न सहकारी समितियों पर 31 लाख 67 हजार रुपये, वन विभाग के अंतर्गत आने वाले 16 कार्यालयों पर 13 लाख 37 हजार 879 रुपये, जबकि अन्य 14 विभागों पर 40 लाख 99 हजार 526 रुपये, अन्य सरकारी विभागों पर 83 लाख 21 हजार रुपये, स्वास्थ्य विभाग पर 80 लाख 18 हजार रुपये, आयुर्वेदिक चिकित्सालय पर 5 लाख 21 हजार रुपये, पशु चिकित्सालय पर छह लाख रुपये, पुलिस विभाग पर 15 लाख 85 हजार रुपये, कलेक्ट्रेट व संबंधित विभागों पर 18 लाख 99 हजार रुपये बकाया बताया गया है। यदि मात्र सरकारी विभागों से ही वसूली कर ली जाए तो विद्युत विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व की प्राप्ति हो जाएगी।
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