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नहीं निकलेगा जुलूस-ए-मोहम्मदी
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ईद-उल-मिनादुन्नबी के मौके पर सजाई गई सदनशाह की दरगाह।
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्म दिवस पर शहर में निकलने वाला ईद-ए- मिलादुन्नबी का जुलूस इस बार नहीं निकलेगा। उपजिलाधिकारी केके सिंह ने बताया कि अभी तक शासन ने जुलूस निकालने के लिए कोई गाइड लाइन जारी नहीं की है। हालांकि, मस्जिदों और दरगाहों को सजाया गया है।
हजरत बाबा सदन शाह के निकट रहने वाले जहीर ललितपुरी, नई तहसील रोड पर साबिर हुसैैन, राजू, स्टेशन रोड निवासी मोहम्मद नसीम आदि ने बताया कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा साहब के जन्मदिवस पर प्रति वर्ष जुलूस - ए - मोहम्मदी निकालने की परंपरा रही है जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते रहे हैं। शहर के अलग-अलग मोहल्लों से जुलूस आजाद चौक स्थित इमाम चौक पर इकट्ठा हुआ करता था। इसके बाद तयशुदा रास्तों से होता हुआ रात करीब 10 बजे समाप्त होता था। रात में घंटाघर पर नूरानी माहौल रहता था। इससे पहले घरों में फातिहा और मस्जिदों में तकरीरें होती रहती थीं। जश्न की शुरूआत सुबह मोहल्ला नदीपुरा स्थित इमाम चौक से प्रभातफेरी के साथ होती थी। यहां मदरसों के बच्चों समेत कई लोगों द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जुलूस निकालकर हजरत मोहम्मद साहब के संदेशों को लोगों के बीच सुनाया करते थे।
दोपहर में मोहल्ला नदीपुरा स्थित इमाम चौक से जुलूस-ए-मोहम्मदी की शुरुआत होती थी, नदीपुरा से जुलूस मोहल्ला मऊठाना, रावरपुरा, अजीतापुरा होते हुए सदनशाह पहुंचता था। इसके उपरांत जुलूस जेल चौराहा, कसाई मंडी, तालाबपुरा, सरायपुरा होते हुए सावरकर चौक पर संपन्न हुआ करता था। लेकिन, इस बार कोरोना संक्रमण की बजह से ऐसा नहीं होगा।
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बीते बर्षों की तरह इस बर्ष भी ईद-ए- मिलादुन्नबी का जलसा किए जाने को जिला मुस्लिम एसोसिएशन ने प्रशासन से कोविड- 19 की गाइड लाइन के अनुसार जुलूस निकालने की अनुमति मांगी थी, लेकिन नहीं दी गई है।
- असलम कुरैशी
सदर, जिला मुस्लिम एसोसिएशन
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हजरत बाबा सदन शाह के निकट रहने वाले जहीर ललितपुरी, नई तहसील रोड पर साबिर हुसैैन, राजू, स्टेशन रोड निवासी मोहम्मद नसीम आदि ने बताया कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा साहब के जन्मदिवस पर प्रति वर्ष जुलूस - ए - मोहम्मदी निकालने की परंपरा रही है जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते रहे हैं। शहर के अलग-अलग मोहल्लों से जुलूस आजाद चौक स्थित इमाम चौक पर इकट्ठा हुआ करता था। इसके बाद तयशुदा रास्तों से होता हुआ रात करीब 10 बजे समाप्त होता था। रात में घंटाघर पर नूरानी माहौल रहता था। इससे पहले घरों में फातिहा और मस्जिदों में तकरीरें होती रहती थीं। जश्न की शुरूआत सुबह मोहल्ला नदीपुरा स्थित इमाम चौक से प्रभातफेरी के साथ होती थी। यहां मदरसों के बच्चों समेत कई लोगों द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जुलूस निकालकर हजरत मोहम्मद साहब के संदेशों को लोगों के बीच सुनाया करते थे।
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दोपहर में मोहल्ला नदीपुरा स्थित इमाम चौक से जुलूस-ए-मोहम्मदी की शुरुआत होती थी, नदीपुरा से जुलूस मोहल्ला मऊठाना, रावरपुरा, अजीतापुरा होते हुए सदनशाह पहुंचता था। इसके उपरांत जुलूस जेल चौराहा, कसाई मंडी, तालाबपुरा, सरायपुरा होते हुए सावरकर चौक पर संपन्न हुआ करता था। लेकिन, इस बार कोरोना संक्रमण की बजह से ऐसा नहीं होगा।
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बीते बर्षों की तरह इस बर्ष भी ईद-ए- मिलादुन्नबी का जलसा किए जाने को जिला मुस्लिम एसोसिएशन ने प्रशासन से कोविड- 19 की गाइड लाइन के अनुसार जुलूस निकालने की अनुमति मांगी थी, लेकिन नहीं दी गई है।
- असलम कुरैशी
सदर, जिला मुस्लिम एसोसिएशन