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ई-गवर्नेंस: नगरपालिका होगी ऑनलाइन
ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2016 01:13 AM IST
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ललितपुर। भारत सरकार ने नगरपालिका को अपनी वेबसाइट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इससे जल्द ही नगरपालिका ई-गवर्नेंस से जुड़ जाएगी और पालिका से जुड़े सभी कार्यों को ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इसके बाद नागरिकों को कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे तथा कार्यों में परदर्शिता आएगी।
नगरीय निकायों व शहरों का कायाकल्प करने व शहर को सुंदर बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत भारत सरकार ने ई-गवर्नेंस के तहत नगरपालिका को ऑनलाइन करने के लिए अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए हैं। ऐसे में जल्द ही पालिका अपनी वेबसाइट तैयार कर उस पर विभाग का सारा लेखा-जोखा अपलोड किया जाएगा।
नगरिकों को मिलेगी सुविधा
नगरपालिका के ऑनलाइन हो जाने के बाद नागरिकों को नगरपालिका के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नागरिकों को आमतौर पर जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पालिका में जाना पड़ता है, लेकिन ऑनलाइन होने के बाद आवेदक उक्त प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा, इससे संबंधित सारा रिकॉर्ड नागरिकों को पालिका की वेबसाइट पर ऑनलाइन मिल जाएगा। इसके अलावा गृहकर विभाग को भी ऑनलाइन किया जाएगा, जिससे गृहकर आनलाइन जमा किया जा सके।
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संपत्ति का ब्योरा
नगरपालिका की जितनी भी संपत्ति है, उसका ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसमें नजूल की जमीन, नगर क्षेत्र में पालिका की दुकानें व भवन, पार्कों की संपूर्ण जानकारी, सड़कों व नालियों की जानकारी, नगरपालिका द्वारा संचालित विद्यालयों आदि समस्त संपत्ति का ब्योरा अपलोड करना पड़ेगा, जिसपर नगरपालिका का स्वामित्व है।
कार्यों में आएगी पारदर्शिता
ई-गवर्नेंस योजना को लागू करने के पीछे शासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता रहे, ताकि सरकारी धन की बंदरबाट व दुरुपयोग न हो सके। नगरपालिका में सबसे अधिक धन का अपव्यय निर्माण कार्यों के नाम पर होता है, इसमें पारदर्शिता लाने के लिए निविदा प्रक्रिया व नीलामी प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
आय-व्यय का भी ब्योरा रहेगा अपडेट
नगरपालिका के कोष में जो भी सरकारी धन नगर विकास के कार्यों के नाम पर आता है, उस धन का ब्योरा विभाग को अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। भारत सरकार व प्रदेश सरकार किसी भी योजना के तहत पालिका को धन आवंटित करेगी, उसका ब्योरा ऑनलाइन रहेगा। इसके अलावा विज्ञापन कर, गृहकर, पार्किंग कर, दुकानों व भवनों के किराए से होने वाली आय एवं अन्य साधनों के माध्यम से होने वाली विभाग की आय और व्यय की संपूर्ण जानकारी वेबसाइट पर अपलोड होगी व अपडेट होती रहेगी।
कर्मियों का डाटा मिलेगा
पालिका में कितने कर्मी तैनात हैं व इनका क्या काम है, इसकी संपूर्ण जानकारी कर्मियों के नाम व कार्य का विवरण भी अपलोड होगा। उनको मिलने वाले वेतन का ब्योरा भी अपलोड होगा। स्थायी कर्मियों व अस्थायी कर्मियों की जानकारी अपलोड करनी होगी और अस्थायी कर्मियों को किस योजना के तहत नियुक्त किया गया है, उसकी जनकारी भी दी जाएगी।
शिकायत भी होगी आनलाइन
ई-गवर्नेंस प्रणाली शुरू होने के बाद विभाग की वेबसाइट पर नागरिक अपनी शिकायतों को भी दर्ज करा सकेंगे। नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों पर विभाग ने क्या कार्रवाई की है, इसका विवरण भी वेबसाइट पर डाला जाएगा। इसके पीछे शासन की मंशा है कि नागरिकों की समस्या का निवारण व निस्तारण समय पर हो सके।
भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही ई-गवर्नेंस योजना के अंतर्गत नगरपालिका को ऑनलाइन करने के निर्देश शासन से मिले हैं। बहुत जल्द डाटा एकत्रित कर लिया जाएगा। योजना से विभागीय कार्यों में परदर्शिता तो आएगी ही, साथ ही आम नागरिकों को भी काफी सहायता मिलेगी।
- राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका, ललितपुर।
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नगरीय निकायों व शहरों का कायाकल्प करने व शहर को सुंदर बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत भारत सरकार ने ई-गवर्नेंस के तहत नगरपालिका को ऑनलाइन करने के लिए अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए हैं। ऐसे में जल्द ही पालिका अपनी वेबसाइट तैयार कर उस पर विभाग का सारा लेखा-जोखा अपलोड किया जाएगा।
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नगरिकों को मिलेगी सुविधा
नगरपालिका के ऑनलाइन हो जाने के बाद नागरिकों को नगरपालिका के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नागरिकों को आमतौर पर जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पालिका में जाना पड़ता है, लेकिन ऑनलाइन होने के बाद आवेदक उक्त प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा, इससे संबंधित सारा रिकॉर्ड नागरिकों को पालिका की वेबसाइट पर ऑनलाइन मिल जाएगा। इसके अलावा गृहकर विभाग को भी ऑनलाइन किया जाएगा, जिससे गृहकर आनलाइन जमा किया जा सके।
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संपत्ति का ब्योरा
नगरपालिका की जितनी भी संपत्ति है, उसका ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसमें नजूल की जमीन, नगर क्षेत्र में पालिका की दुकानें व भवन, पार्कों की संपूर्ण जानकारी, सड़कों व नालियों की जानकारी, नगरपालिका द्वारा संचालित विद्यालयों आदि समस्त संपत्ति का ब्योरा अपलोड करना पड़ेगा, जिसपर नगरपालिका का स्वामित्व है।
कार्यों में आएगी पारदर्शिता
ई-गवर्नेंस योजना को लागू करने के पीछे शासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता रहे, ताकि सरकारी धन की बंदरबाट व दुरुपयोग न हो सके। नगरपालिका में सबसे अधिक धन का अपव्यय निर्माण कार्यों के नाम पर होता है, इसमें पारदर्शिता लाने के लिए निविदा प्रक्रिया व नीलामी प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
आय-व्यय का भी ब्योरा रहेगा अपडेट
नगरपालिका के कोष में जो भी सरकारी धन नगर विकास के कार्यों के नाम पर आता है, उस धन का ब्योरा विभाग को अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। भारत सरकार व प्रदेश सरकार किसी भी योजना के तहत पालिका को धन आवंटित करेगी, उसका ब्योरा ऑनलाइन रहेगा। इसके अलावा विज्ञापन कर, गृहकर, पार्किंग कर, दुकानों व भवनों के किराए से होने वाली आय एवं अन्य साधनों के माध्यम से होने वाली विभाग की आय और व्यय की संपूर्ण जानकारी वेबसाइट पर अपलोड होगी व अपडेट होती रहेगी।
कर्मियों का डाटा मिलेगा
पालिका में कितने कर्मी तैनात हैं व इनका क्या काम है, इसकी संपूर्ण जानकारी कर्मियों के नाम व कार्य का विवरण भी अपलोड होगा। उनको मिलने वाले वेतन का ब्योरा भी अपलोड होगा। स्थायी कर्मियों व अस्थायी कर्मियों की जानकारी अपलोड करनी होगी और अस्थायी कर्मियों को किस योजना के तहत नियुक्त किया गया है, उसकी जनकारी भी दी जाएगी।
शिकायत भी होगी आनलाइन
ई-गवर्नेंस प्रणाली शुरू होने के बाद विभाग की वेबसाइट पर नागरिक अपनी शिकायतों को भी दर्ज करा सकेंगे। नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों पर विभाग ने क्या कार्रवाई की है, इसका विवरण भी वेबसाइट पर डाला जाएगा। इसके पीछे शासन की मंशा है कि नागरिकों की समस्या का निवारण व निस्तारण समय पर हो सके।
भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही ई-गवर्नेंस योजना के अंतर्गत नगरपालिका को ऑनलाइन करने के निर्देश शासन से मिले हैं। बहुत जल्द डाटा एकत्रित कर लिया जाएगा। योजना से विभागीय कार्यों में परदर्शिता तो आएगी ही, साथ ही आम नागरिकों को भी काफी सहायता मिलेगी।
- राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका, ललितपुर।