{"_id":"5748a14c4f1c1b423c690e15","slug":"drought-relief-supplies-are-getting-low","type":"story","status":"publish","title_hn":"कम मिल रही है सूखा राहत सामग्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कम मिल रही है सूखा राहत सामग्री
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 May 2016 01:04 AM IST
विज्ञापन
commesner tour, lalitpur news
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। समाजवादी सूखा राहत सामग्री के वितरण को लेकर भले ही प्रदेश सरकार अपनी पीठ थपथपा रही हो, पर निचले स्तर पर गड़बड़ियां हो रही हैं। शुक्रवार को ब्लाक बार के ग्राम मथुराडांग के सहरिया आदिवासियों ने मंडलायुक्त को शिकायती पत्र देकर समाजवादी सूखा राहत सामग्री कम देने का आरोप लगाया है।
शुक्रवार को सर्किट हाउस में ग्राम मथुराडांग के सहरिया आदिवासियों ने मंडलायुक्त के राममोहन राव के समक्ष योजनाओं के क्रियान्वयन की हकीकत बताई, जिसे सुनकर मंडलायुक्त हैरान रह गए। आदिवासी महिलाओं का कहना है कि गरीब होने के बाद भी अंत्योदय कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं तो कइयों के नाम फीडिंग में छोड़ दिए गए हैं।
समाजवादी सूखा राहत सामग्री वितरित की गई तो उसमें भी उन्हें सुविधा शुल्क देना पड़ा है। यही नहीं, दी गई सामग्री में तेल की बोतल वापस ले ली गई है। मनरेगा के कार्य में जेसीबी मशीन का इस्तेमाल हो रहा है। एक महिला ने कहा कि उसे किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिल रही है, जिससे भरण पोषण में दिक्कतें आ रही हैं।
विज्ञापन
शिकायती पत्र पर ताराबाई, सुकन, गीता, रामवती, मिथला, बुदीया, सोना, जसोदा आदि के हस्ताक्षर व अंगूठा निशानी बने हैं।
सड़ जाते आलू
मंडलायुक्त ने ग्रामीणों से पूछा कि समाजवादी सूखा राहत सामग्री में क्या जोड़ा जा सकता है और क्या कम किया जा सकता है। इस पर एक रामकिशन ने कहा कि आलू 25 किलो ठहर नहीं पाते हैं। वह गर्मी में सड़ जाते हैं। इसे कम करके उसके स्थान पर धनिया व मिर्ची को जोड़ दिया जाए।
विज्ञापन
शुक्रवार को सर्किट हाउस में ग्राम मथुराडांग के सहरिया आदिवासियों ने मंडलायुक्त के राममोहन राव के समक्ष योजनाओं के क्रियान्वयन की हकीकत बताई, जिसे सुनकर मंडलायुक्त हैरान रह गए। आदिवासी महिलाओं का कहना है कि गरीब होने के बाद भी अंत्योदय कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं तो कइयों के नाम फीडिंग में छोड़ दिए गए हैं।
विज्ञापन
समाजवादी सूखा राहत सामग्री वितरित की गई तो उसमें भी उन्हें सुविधा शुल्क देना पड़ा है। यही नहीं, दी गई सामग्री में तेल की बोतल वापस ले ली गई है। मनरेगा के कार्य में जेसीबी मशीन का इस्तेमाल हो रहा है। एक महिला ने कहा कि उसे किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिल रही है, जिससे भरण पोषण में दिक्कतें आ रही हैं।
विज्ञापन
शिकायती पत्र पर ताराबाई, सुकन, गीता, रामवती, मिथला, बुदीया, सोना, जसोदा आदि के हस्ताक्षर व अंगूठा निशानी बने हैं।
सड़ जाते आलू
मंडलायुक्त ने ग्रामीणों से पूछा कि समाजवादी सूखा राहत सामग्री में क्या जोड़ा जा सकता है और क्या कम किया जा सकता है। इस पर एक रामकिशन ने कहा कि आलू 25 किलो ठहर नहीं पाते हैं। वह गर्मी में सड़ जाते हैं। इसे कम करके उसके स्थान पर धनिया व मिर्ची को जोड़ दिया जाए।