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Lalitpur News: पांचवें दिन भी बरकरार रहा पेयजल संकट
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ललितपुर। शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पांचवें दिन भी पटरी पर नहीं आ सकी। सोमवार को देर सुबह तक लोगों ने नल आने की आस लगाई, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। इस बाद लोगों ने बर्तन लेकर हैंडपंपों की ओर रुख किया। इस कारण लोग समय से अपने कार्यों के लिए नहीं निकल सके। वहीं, कई तो श्रावण सोमवार होने के चलते शिवालयों में पूजन तक के लिए देरी से पहुंचे।
डोंडाघाट पंप हाउस में एक साथ तीन मोटरें जल गईं, जिनकी मरम्मत पांच दिन बाद भी पूरी नहीं हो सकी। इससे तालाबपुरा प्रथम, तालाबपुरा द्वितीय व आजादपुरा, लेड़ियापुरा, डैम रोड कॉलोनी में आपूर्ति बाधित है। लगातार पांच दिन से आपूर्ति न होने से पानी की समस्या विकराल हो गई है।
पानी के अभाव में सोमवार को जन-जीवन अस्त व्यस्त रहा। बच्चे स्कूल जाने के लिए उठ गए, लेकिन पानी न होने से समय से तैयार नहीं हो सके। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, नौकरी पेशा व मजदूर वर्ग के लोगों का समय भी पानी जुटाने में बर्बाद हो रहा है। मोहल्लावासियों ने बताया कि एक के बाद एक लगातार मोटरें खराब होती गईं, लेकिन जिम्मेदारों ने सुधार नहीं कराया। इससे पांच दिन से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। हैंडपंप का पानी पीने से बीमारियां होने का खतरा बना हुआ है। यही नहीं टैंकरों से भी पानी नहीं दिया जा रहा है।
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डोंडाघाट पंप हाउस में एक साथ तीन मोटरें जल गईं, जिनकी मरम्मत पांच दिन बाद भी पूरी नहीं हो सकी। इससे तालाबपुरा प्रथम, तालाबपुरा द्वितीय व आजादपुरा, लेड़ियापुरा, डैम रोड कॉलोनी में आपूर्ति बाधित है। लगातार पांच दिन से आपूर्ति न होने से पानी की समस्या विकराल हो गई है।
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पानी के अभाव में सोमवार को जन-जीवन अस्त व्यस्त रहा। बच्चे स्कूल जाने के लिए उठ गए, लेकिन पानी न होने से समय से तैयार नहीं हो सके। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, नौकरी पेशा व मजदूर वर्ग के लोगों का समय भी पानी जुटाने में बर्बाद हो रहा है। मोहल्लावासियों ने बताया कि एक के बाद एक लगातार मोटरें खराब होती गईं, लेकिन जिम्मेदारों ने सुधार नहीं कराया। इससे पांच दिन से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। हैंडपंप का पानी पीने से बीमारियां होने का खतरा बना हुआ है। यही नहीं टैंकरों से भी पानी नहीं दिया जा रहा है।
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