फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   docter amit chaturvedi

चिकित्सकों की कमी से जूझेगा जनपद का सीसीयू

Fri, 11 Jun 2021 01:28 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jun 2021 01:28 AM IST
विज्ञापन
docter amit chaturvedi
ललितपुर। अब जिले में दिल के रोगियों के उपचार में कठिनाई आएगी। डॉ. अमित चतुर्वेदी के निधन के बाद जिला अस्पताल में संचालित सीसीयू में चिकित्सकों की कमी हो गई है। अभी तक सीसीयू में 70 से 80 फीसदी मरीजों का उपचार सीएमएस डॉ. चतुर्वेदी करते थे, लेकिन अब उनकी मौत के बाद हृदय रोगियों के लिए उपचार की समस्या खड़ी हो गई है। वर्तमान में सीसीयू एक चिकित्सक के सहारे रह गया है, जो ओपीडी भी देखते हैं।
विज्ञापन

जनपद में हृदय रोगियों को उपचार की सुविधा का अभाव था। ऐसे में जनपद के हृदय रोगियों को इलाज के लिए झांसी, मध्यप्रदेेश के सागर और भोपाल जाना पड़ता था। कई मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में ही दम तोड़ देते थे। कई शंका होने पर ही महानगरों की ओर रुख करते थे। जहां पर अधिक पैसे देकर उपचार करा रहे थे।
विज्ञापन

जिले में ही हृदय रोगियों को उपचार की सुविधा देने के लिए एनसीडी सेल के अंतर्गत जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर के सामने सीसीयू स्थापित किया गया। इसमें अगस्त 2019 में उपचार की सुविधा सीएमएस डॉ. अमित चतुर्वेदी ने शुरू की। यहां पर उन्होंने कई ह्रदय रोगियों की गंभीर हालत होने पर उपचार किया। प्रतिमाह लगभग 35 से 40 मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा था। प्रभारी सीएमएस बनने के बाद भी यहां पर 80 फीसदी मरीजों को भर्ती व उपचार की सुविधा डॉ. चतुर्वेदी द्वारा दी जाती रही। प्रशासनिक कार्यों के साथ वह ह्रदय रोगियों का उपचार भी करते रहे। लेकिन, अब उनकी मौत के बाद गहन हृदय चिकित्सा इकाई चिकित्सकों की कमी से जूझेगी। अब जिला अस्पताल में एक चिकित्सक हैं, जो ओपीडी सेवाओं के साथ ह्रदय रोगियों को गहन हृदय चिकित्सा इकाई में भर्ती कर उपचार की सुविधा देंगे। इससे यहां पर इलाज को आने वाले मरीजों को उपचार की समस्या खड़ी हो गई है। कई गंभीर ह्रदय रोगियों को उपचार के लिए रेफर किया जाएगा। ऐसे में समय पर उपचार न मिलने पर जनहानि का भी खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रतिमाह होती 500 ईसीजी
जिला अस्पताल में औसतन प्रतिमाह लगभग 500 मरीजों की ईसीजी जांच की जाती है। इनमें सीएमएस दो सौ से अधिक जांच करते थे। अन्य एक चिकित्सक 150 व पुनर्योजन पर तैनात चिकित्सक द्वारा 125 कराई जाती थीं। इसके बाद मरीजों को भर्ती कर उपचार अधिकांश सीएमएस द्वारा ही दिया जाता था। उनके निधन के बाद अब हृदय रोगियों के उपचार की समस्या हो गई है।

एक चिकित्सक द्वारा ओपीडी के साथ गहन हृदय चिकित्सा इकाई में भर्ती हृदय रोगियों को उपचार दिया जाएगा। चिकित्सकों की कमी है, चिकित्सक आने पर व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किया जाएगा।
- डा. हरेंद्र सिंह चौहान
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed