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जिला चिकितसालय में केंप 12 को
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ललितपुर। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित शल्य चिकित्सा योजनांतर्गत 0-5 वर्ष तक के मूकबधिर (गूंगे व बहरे) बच्चों एवं 0-24 वर्ष तक के पोलियो से ग्रस्त दिव्यांगजनों की नि:शुल्क सर्जरी के लिए 12 सितंबर को जिला चिकित्सालय में कैंप आयोजित किया जाएगा।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी पीयूष चंद्र राय ने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के साथ स्व. डॉ. एसएन मेहरोत्रा मेमोरियल ईएनटी फाउंडेशन अशोक नगर कानपुर एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय दिव्यांगजन संस्थान नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के सहयोग से 12 सितंबर को जिला चिकित्सालय में परीक्षण शिविर लगाया जाएगा। शिविर में 0 से 5 वर्ष तक के मूकबधिर (गूंगे व बहरे) बच्चों का परीक्षण कर नि:शुल्क कॉक्लियर इंप्लान्ट सर्जरी हेतु एवं 0-24 वर्ष तक के पोलियो से ग्रसित दिव्यांगजनों का परीक्षण कर सर्जरी हेतु चिंह्नीकरण किया गया जाएगा। 0-5 वर्ष तक के मूकबधिर (गूंगे, बहरे) बच्चे, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय बीपीएल श्रेणी की आय सीमा के दोगुने से अधिक न हो। निजी चिकित्सालय में कॉक्लियर इंप्लान्ट सर्जरी कराने पर रू छह लाख रुपये खर्च आता है, जबकि विभाग द्वारा यह सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अतिरिक्त 0-24 वर्ष तक के पोलियो से ग्रसित ऐसे दिव्यांगजन, जिनके पैर टेढे़ होते हैं उनका विशेषज्ञ डॉक्टरों टीम द्वारा ऑपरेशन कर पैरों को सीधा किया जाएगा। जिला चिकित्सालय में मूकबधिर व पोलियो से ग्रस्त दिव्यांगजन उपस्थित होकर परीक्षण करा लें।
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जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी पीयूष चंद्र राय ने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के साथ स्व. डॉ. एसएन मेहरोत्रा मेमोरियल ईएनटी फाउंडेशन अशोक नगर कानपुर एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय दिव्यांगजन संस्थान नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के सहयोग से 12 सितंबर को जिला चिकित्सालय में परीक्षण शिविर लगाया जाएगा। शिविर में 0 से 5 वर्ष तक के मूकबधिर (गूंगे व बहरे) बच्चों का परीक्षण कर नि:शुल्क कॉक्लियर इंप्लान्ट सर्जरी हेतु एवं 0-24 वर्ष तक के पोलियो से ग्रसित दिव्यांगजनों का परीक्षण कर सर्जरी हेतु चिंह्नीकरण किया गया जाएगा। 0-5 वर्ष तक के मूकबधिर (गूंगे, बहरे) बच्चे, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय बीपीएल श्रेणी की आय सीमा के दोगुने से अधिक न हो। निजी चिकित्सालय में कॉक्लियर इंप्लान्ट सर्जरी कराने पर रू छह लाख रुपये खर्च आता है, जबकि विभाग द्वारा यह सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
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इसके अतिरिक्त 0-24 वर्ष तक के पोलियो से ग्रसित ऐसे दिव्यांगजन, जिनके पैर टेढे़ होते हैं उनका विशेषज्ञ डॉक्टरों टीम द्वारा ऑपरेशन कर पैरों को सीधा किया जाएगा। जिला चिकित्सालय में मूकबधिर व पोलियो से ग्रस्त दिव्यांगजन उपस्थित होकर परीक्षण करा लें।
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