{"_id":"66662fe8064bf3b6f3063dc4","slug":"digital-x-ray-machine-that-has-been-broken-for-two-years-will-be-operational-soon-lalitpur-news-c-131-1-ltp1004-115942-2024-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: दो वर्ष से खराब डिजिटल एक्स-रे मशीन जल्द होगी चालू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: दो वर्ष से खराब डिजिटल एक्स-रे मशीन जल्द होगी चालू
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में जल्द ही डिजिटल एक्स-रे जांच की सुविधा मिलेगी। दो वर्ष से खराब पड़ी मशीन अब एक सप्ताह में क्रियाशील हो जाएगी।
मेडिकल कॉलेज (जिला अस्पताल) में दो वर्ष से डिजिटल एक्स-रे मशीन धूल फांक रही है। अब तक सामान्य एक्सरे पुरानी मशीनों से किए जा रहे थे, इनमें कई माइनर फ्रैक्चर चिकित्सकों को नजर नहीं आते थे। जांच में स्थिति स्पष्ट न होने पर मरीजों की संख्या भी आधी हो गई थी। डिजिटल एक्सरे जांच के लिए प्रतिदिन औसतन 120 मरीज आते थे।
पुरानी मशीनों से जांच होने के चलते इनकी संख्या घटकर आधी हो गई थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इन दिनों 55-60 मरीज ही जांच कराने आ रहे थे। शेष 50-60 मरीज बाहर निजी सेंटरों पर जांच करा रहे थे। बाहर जांच कराने पर प्रति मरीज 400 रुपये खर्च करने होते हैं। इस तरह 60 मरीजों की जांच में 24 हजार रुपये प्रतिदिन खर्च हो रहे हैं। कई मरीज तो पैसों के अभाव में बिना जांच के ही वापस हो जाते हैं।
लेकिन, अब राहत भरी खबर है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मशीन ठीक कराने के लिए संबंधित कंपनी से पत्राचार किया है। अधिकारियों के अनुसार एक सप्ताह में मरम्मत पूर्ण हो जाएगी। इसके बाद डिजिटल एक्सरे जांच शुरू होगी। इससे बाहर निजी सेंटरों पर जांच कराने जा रहे मरीजों को राहत मिल जाएगी।
विज्ञापन
-- -
डिजिटल एक्सरे मशीन की मरम्मत कराकर इसी सप्ताह मशीन को चालू कराया जाएगा।
- डॉ. डीनाथ, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में जल्द ही डिजिटल एक्स-रे जांच की सुविधा मिलेगी। दो वर्ष से खराब पड़ी मशीन अब एक सप्ताह में क्रियाशील हो जाएगी।
मेडिकल कॉलेज (जिला अस्पताल) में दो वर्ष से डिजिटल एक्स-रे मशीन धूल फांक रही है। अब तक सामान्य एक्सरे पुरानी मशीनों से किए जा रहे थे, इनमें कई माइनर फ्रैक्चर चिकित्सकों को नजर नहीं आते थे। जांच में स्थिति स्पष्ट न होने पर मरीजों की संख्या भी आधी हो गई थी। डिजिटल एक्सरे जांच के लिए प्रतिदिन औसतन 120 मरीज आते थे।
पुरानी मशीनों से जांच होने के चलते इनकी संख्या घटकर आधी हो गई थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इन दिनों 55-60 मरीज ही जांच कराने आ रहे थे। शेष 50-60 मरीज बाहर निजी सेंटरों पर जांच करा रहे थे। बाहर जांच कराने पर प्रति मरीज 400 रुपये खर्च करने होते हैं। इस तरह 60 मरीजों की जांच में 24 हजार रुपये प्रतिदिन खर्च हो रहे हैं। कई मरीज तो पैसों के अभाव में बिना जांच के ही वापस हो जाते हैं।
विज्ञापन
लेकिन, अब राहत भरी खबर है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मशीन ठीक कराने के लिए संबंधित कंपनी से पत्राचार किया है। अधिकारियों के अनुसार एक सप्ताह में मरम्मत पूर्ण हो जाएगी। इसके बाद डिजिटल एक्सरे जांच शुरू होगी। इससे बाहर निजी सेंटरों पर जांच कराने जा रहे मरीजों को राहत मिल जाएगी।
विज्ञापन
डिजिटल एक्सरे मशीन की मरम्मत कराकर इसी सप्ताह मशीन को चालू कराया जाएगा।
- डॉ. डीनाथ, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज