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डायट में नहीं पहुंचे तालबेहट के प्रशिक्षु

Thu, 28 May 2015 01:19 AM IST
ललितपुर/ ब्यूरो
ललितपुर/ ब्यूरो Updated Thu, 28 May 2015 01:19 AM IST
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ललितपुर। प्रशिक्षु शिक्षकों के सैद्धांतिक प्रशिक्षण व्यवस्थित तरीके से
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शुरू नहीं हो पा रहे हैं। बुधवार को डायट में ब्लाक तालबेहट से कोई प्रशिक्षु शामिल नहीं हुआ। इसके अतिरिक्त अन्य ब्लाक के प्रशिक्षुओं की गैर हाजिरी भी रही।

जिले में छह सैकड़ा से ज्यादा प्रशिक्षु शिक्षकों की तैनाती की गई है। इसमें ब्लाक तालबेहट में प्रशिक्षुओं की भरमार है। यहां के दो बैच बना दिए गए हैं। इनमें से एक बैच को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है। लेकिन, महिला प्रशिक्षु जनपद मुख्यालय पर प्रशिक्षण के लिए तैयार नहीं हैं। कई तो मनमानी बैच बनाने से नाराज हैं। बुधवार को ब्लाक तालबेहट से कोई भी प्रशिक्षु डायट में प्रशिक्षण लेने नहीं पहुंचा। इसके अलावा अन्य ब्लाकों के भी कई प्रशिक्षु नदारद थे। इस तरह की समस्या के कारण प्रशिक्षण व्यवस्थित नहीं हो पा रहे हैं।

 इधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्रा ने महरौनी बीआरसी पर प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। निरीक्षण में एक प्रशिक्षु गायब मिला। बीएसए का कहना है कि ब्लाक तालबेहट के प्रशिक्षुओं का नए सिरे से बैच बनाया गया है। बृहस्पतिवार से डायट में प्रशिक्षण व्यवस्थित हो जाएगा।

इनका कहना है
डायट में चल रहे प्रशिक्षण की उपस्थिति शिक्षकों के पास रहती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं की उपस्थिति पर अनभिज्ञता जाहिर की।
कीर्ति शुक्ला प्राचार्य, डायट, ललितपुर


इनका कहना है
जो प्रशिक्षु वर्तमान में प्रशिक्षण लेने से कतरा रहा है, उनके प्रशिक्षण शासन की अनुमति से हो सकेंगे। प्रशिक्षण में शामिल नहीं होने वाले प्रशिक्षुओं से स्पष्टीकरण तलब खंड शिक्षा अधिकारी स्तर से किए जा रहे हैं।
विनोद कुमार मिश्रा, बीएसए, ललितपुर



तैनाती में तालबेहट रही पहली पसंद
प्रशिक्षुओं की जिस समय तैनाती हो रही थी, उस समय अभ्यर्थियों की पहली पसंद ब्लाक तालबेहट रहा। यही वजह है कि यहां करीब 185 प्रशिक्षुओं की तैनाती हुई। वहीं, ब्लाक मड़ावरा के दूरदराज इलाके में केवल 60 प्रशिक्षु ही पहुंचे। इस बडे़ अंतर पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब जबकि, प्रशिक्षण प्रारंभ हो गया है तो इसकी हकीकत सामने आ गई है। झांसी जिले या इससे आसपास के प्रशिक्षुओं की पहली पसंद बीआरसी तालबेहट ही बना हुआ है, जिससे अधिकारियों को बैच बनाने में कठिनाई हो रही है।
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