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Lalitpur News: पीएम शहरी आवास की जांच के डिप्टी सीएम ने दिए आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। हाल में दिशा की बैठक में भी जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को उठाया था। इस योजना में भ्रष्टाचार के कारण अपात्रों को लाभ मिल गया है, जबकि पात्र अब भी कच्चे मकानों में रह रहे हैं। लगातार शिकायतों पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जिलाधिकारी को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
जनपद में शहरी आवास योजना के तहत अभी तक 20 हजार से अधिक आवास स्वीकृत हुए हैं, जिसमें अधिकांश का निर्माण हो गया है। इसके बाद अभी भी लोग कच्चे मकानों में रह रहे हैं। जबकि जो व्यक्ति पात्र नहीं थे, उनके आवास बन गए हैं। भ्रष्टाचार का आलम यह रहा कि शहर से जुड़े आसपास के ग्रामीण इलाकों में आवास बना दिए गए। जबकि यह योजना सिर्फ शहरी क्षेत्र के लिए थी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की अलग योजना। इस योजना के अंतर्गत स्पष्ट आदेश है कि जिनके कच्चे घर बने हुए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाए। लेकिन, नए प्लाट खरीदकर लोगों ने इस योजना से अपनी इमारतें बना ली हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से पूरे प्रकरण जांच की मांग की गई थी। उपमुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को विस्तृत जांच करने के आदेश जारी किए।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच सौंपी है। मुख्य विकास अधिकारी केके पांडे ने दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जिसमें जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी व जिला विकास अधिकारी को नामित किया है। अगर यह जांच सही तरीके से हुई तो जनपद के सबसे बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा होगा। मुख्य विकास अधिकारी केके पांडे ने जांच के उपरांत ही किसी निर्णय पर पहुंचने की बात कही है।
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ललितपुर। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। हाल में दिशा की बैठक में भी जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को उठाया था। इस योजना में भ्रष्टाचार के कारण अपात्रों को लाभ मिल गया है, जबकि पात्र अब भी कच्चे मकानों में रह रहे हैं। लगातार शिकायतों पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जिलाधिकारी को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
जनपद में शहरी आवास योजना के तहत अभी तक 20 हजार से अधिक आवास स्वीकृत हुए हैं, जिसमें अधिकांश का निर्माण हो गया है। इसके बाद अभी भी लोग कच्चे मकानों में रह रहे हैं। जबकि जो व्यक्ति पात्र नहीं थे, उनके आवास बन गए हैं। भ्रष्टाचार का आलम यह रहा कि शहर से जुड़े आसपास के ग्रामीण इलाकों में आवास बना दिए गए। जबकि यह योजना सिर्फ शहरी क्षेत्र के लिए थी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की अलग योजना। इस योजना के अंतर्गत स्पष्ट आदेश है कि जिनके कच्चे घर बने हुए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाए। लेकिन, नए प्लाट खरीदकर लोगों ने इस योजना से अपनी इमारतें बना ली हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से पूरे प्रकरण जांच की मांग की गई थी। उपमुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को विस्तृत जांच करने के आदेश जारी किए।
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जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच सौंपी है। मुख्य विकास अधिकारी केके पांडे ने दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जिसमें जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी व जिला विकास अधिकारी को नामित किया है। अगर यह जांच सही तरीके से हुई तो जनपद के सबसे बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा होगा। मुख्य विकास अधिकारी केके पांडे ने जांच के उपरांत ही किसी निर्णय पर पहुंचने की बात कही है।
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