ललितपुर। श्रीदेवगढ़ मैनेजमेंट कमेटी ने कोषाध्यक्ष कमलेश सराफ के नेतृत्व में एक ज्ञापन जिलाधिकारी को देकर धार्मिक स्थल देवगढ़ में मछली पालन का ठेका एवं पट्टा नहीं दिए जाने की मांग की है।
ज्ञापन में अवगत कराया है कि हिंदू जैन एवं बौद्ध धार्मिक स्थल देवगढ़ में मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालन का ठेका किसी ठेकेदार को दिए जाने की जानकारी हुई है। देवगढ़ धार्मिक स्थल होने के कारण यहां पर मछली पालन का ठेका, पट्टा नहीं दिया जाना चाहिए। देवगढ़ मंदिर की तलहटी पर धर्मशाला स्थित है एवं आसपास कई सनातनी धर्म स्थल भी हैं। तालाब पर जाने के लिए इन्हीं मंदिरों के सामने से साधु संतों को गुजरना पड़ता है। मंदिर को जाने के लिए पैदल मार्ग एवं वाहन मार्ग के बीच में यह तालाब स्थित है, इसी मार्ग से जैन साधु संत, हिंदू साधु संत व अनेक धर्मों के जुलूस का आवागमन होता रहता है, यदि मछली का ठेका दिया जाता है तो इससे कभी भी धार्मिक उन्माद एवं शांति भंग होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। मछली आखेट का ठेका रोकने के लिए कई पत्र दे चुके हैं। ज्ञापन पर मुख्य रूप से कोषाध्यक्ष कमलेश सराफ, सुरेश बडेरा, प्रदीप सतरवांस, शैलेंद्र सिंघई, दीपक जैन सिंघई, पंडित मनीष सड़ैया, मदनलाल सोनी, समित समैया, संजीव सोरयां, मो. फहीम इकबाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे।