फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Delays in water and land allocations stall green hydrogen project

Lalitpur News: जल-जमीन आवंटन में देरी से ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना अटकी

Sat, 04 Apr 2026 12:49 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 12:49 AM IST
विज्ञापन
Delays in water and land allocations stall green hydrogen project
मार्च की समयसीमा खत्म होने से निवेशक के सामने चुनौती बढ़ी, कैबिनेट स्तर पर निर्णय लंबित
विज्ञापन

5000 टीपीए क्षमता की इस परियोजना के लिए धौर्रा में चिन्हित की गई है 650 एकड़ जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में प्रस्तावित प्रदेश की पहली ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी के कारण अब तक शुरू नहीं हो सकी है। समझौते के तहत इस साल मार्च के अंत तक वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया जाना था लेकिन भूमि और जल आवंटन लंबित होने से निवेशक के सामने चुनौती खड़ी हो गई है।
ओसियोर एनर्जी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की इस परियोजना के लिए बीपीसीएल की बीना रिफाइनरी को ग्रीन हाइड्रोजन आपूर्ति के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) मिल चुका है। हालांकि, विभागीय स्तर पर कई बार फॉलोअप के बावजूद अब तक भूमि आवंटन को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है।
विज्ञापन

5000 टीपीए क्षमता की इस परियोजना के लिए ग्राम धौर्रा में करीब 650 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जो राजस्व अभिलेखों में श्रेणी 6-4 (पहाड़) के रूप में दर्ज है। जबकि संयुक्त निरीक्षण में यहां किसी प्रकार की प्राकृतिक पहाड़ी संरचना नहीं पाई गई। 10 मार्च 2026 को राजस्व बोर्ड की बैठक में बिना श्रेणी परिवर्तन के ही कैबिनेट से भूमि आवंटन की स्वीकृति लेने का निर्णय लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजस्व विभाग की रिपोर्ट में इसे सतत विकास की श्रेणी में रखा गया है। भूमि 30 वर्ष की लीज पर दी जानी प्रस्तावित है और इसके प्राकृतिक स्वरूप में बदलाव नहीं किया जाएगा। फिलहाल मामला विभिन्न विभागों में लंबित है, जिससे परियोजना पर अनिश्चितता बनी हुई है।

जल आवंटन को लेकर भी असमंजस
परियोजना के लिए 0.013 टीएमसी पानी की आवश्यकता बताई गई है। इसके लिए बेतवा नदी के किनारे एक स्रोत बिंदु चिन्हित किया गया है। बीते चार-पांच महीनों में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। 24 फरवरी 2026 को हुई बैठक में जल आवंटन प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की बात कही गई थी।
सिंचाई विभाग ने सुझाव दिया है कि पानी बीडा के लिए आवंटित हिस्से से लिया जाए, जिसका इंटेक प्वाइंट रणछोरधाम के पास बेतवा नदी पर होगा, जो परियोजना स्थल से करीब चार किलोमीटर दूर है। निवेशक ने इस संबंध में आवश्यक पत्राचार भी किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।

निवेशक की बढ़ी चिंता
सूत्रों के अनुसार, यदि मार्च 2026 तक भूमि और जल आवंटन नहीं हुआ तो एलओए के तहत तय समयसीमा प्रभावित हो सकती है। इससे निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है।

----------
यह जिले के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। भूमि और जल आवंटन से संबंधित पत्रावली कैबिनेट मंजूरी के लिए भेजी गई है, जिस पर अभी तक निर्णय नहीं हो पाया है, इसी कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। - अतहर जमाल, उपायुक्त उद्योग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed