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गौना रेंज में अवैध खनन व कटान वन संपदा खतरे में

Thu, 15 Jul 2021 01:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jul 2021 01:33 AM IST
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deforestation at gona range
डोंगरा खुर्द (ललितपुर)। गौना रेंज में धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध खनन व कटान से वन संपदा खतरे में आ गई है। यहां खनन माफियाओं की नजर इमारती पत्थर पर है, इससे रेंज में पेड़-पौधों की जगह-जगह गड्ढे नजर आने लगे हैं। विभागीय अफसर इसे जानकर भी अंजान बने हुए हैं।
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गौना वन रेंज में विंध्याचल की पर्वत श्रंखलाएं हैं, जो हरे भरे पेड़ों से लदी हैं। खनन माफियाओं की नजर इन पर पड़ गई है, जिस कारण इनके सौंदर्य का खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्राम डोंगराखुर्द, पटना व पारौल में इमारती पत्थर बेखौफ होकर अवैध खनन किया जा रहा है। खनन माफिया अपनी दबंगई दिखाकर इमारती पत्थर निकालने के साथ हरे भरे पेड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे वन संपदा खतरे में पड़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौना वन रेंज में माफिया किस्म के लोग खनन व कटान कर अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। इस क्षेत्र में पर्वत श्रृंखलाएं होने से बड़े पैमाने पर इमारती पत्थर, मौरंग, खड़ंजा एवं मिट्टी पाईं जाती है, जिसे खनन माफिया मनमाने तरीके से खोदकर पर्वत श्रृंखलाओं को खोखला करने में लगे हैं। यहां इमारती पत्थर भी पाया जाता है। वन विभाग के कर्मी इसे जानकारी भी अंजान बने बैठे हैं। कई बार शिकायतें की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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ऐसा ही एक शिकायत पत्र मुलायम सिंह बुंदेला निवासी डोंगराखुर्द ने जिलाधिकारी एवं सामाजिक वानिकी प्रभाग के वनाधिकारी को दिया है। इसमें गौना वन रेंज के जंगल में वन माफियाओं द्वारा इमारती पत्थर व पेड़ों का कटान बड़े पैमाने पर होने का आरोप लगाया गया है।
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रेंज से लुप्त हो रही जड़ी बूटी
जंगल में महुआ, अचार, बेल, तेंदू, सागौन के पेड़ पाए जाते हैं। इन पेड़ों का कटान होने से इनकी संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है, इससे जंगल में घुसने में भय लगता था, अब वहां मैदान सा दिखाई देता है। कई लोग अवैध कब्जा करके कृषि कार्य करने लगे हैं।
खनन की जानकारी नहीं है। यदि स्पॉट की सटीक सूचना मिलती है तो दोषियों को मौके से पकड़ने में मदद मिल सकेगी।
जेडी सिंह, एसडीओ, महरौनी वन क्षेत्र
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