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तीन बेटियों के हत्यारे पिता को फांसी की सजा
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ललितपुर। तीन साल पहले थाना बानपुर के ग्राम वीर में घर में सो रहीं तीन मासूम बेटियों का सिर हथौड़े से कुचलने के बाद आग लगाकर उनकी निर्मम हत्या करने के मामले में अदालत ने पिता को फांसी की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) निर्भय प्रकाश ने अभियुक्त पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर एक साल अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है। आरोपी जेल में बंद है।
गांव वीर निवासी घनश्याम का पुत्र छिदामी उर्फ छिद्दू (35) शराब पीकर अपनी पत्नी से मारपीट करता था। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश तिवारी के मुताबिक दिवाली के एक दो दिन पहले उसने अपनी पत्नी के साथ शराब पीकर मारपीट की थी, जिससे पत्नी अपनी दो बच्चियों को साथ लेकर मायके चली गई थी। तीन बेटियों अंजनी (11), रद्दो (07) एवं पुत्तो (04) को घर पर छोड़ गई थी।
13 नवंबर 2018 की रात छिदामी ने घर में सो रहीं अपनी तीनों पुत्रियों के सिर पर हथौड़े से वार किए थे। इसके बाद रसोई गैस से घर में आग भी लगा दी थी। इससे तीनों बेटियां जल गईं थीं। घटना की जानकारी होने पर गांव का पूरन सिंह छदामी के चचेरे भाई मनोहर व अन्य लोगों को लेकर मौके पर पहुंचा था। किसी तरह आग पर काबू पाया गया था। मनोहर के पुत्र दयानंद की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। एंबुलेंस से लहूलुहान झुलसी बेटियों को स्वास्थ्य केंद्र महरौनी भेजा गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में पूरन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी छिदामी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्भय प्रकाश ने शुक्रवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर छिदामी को सजा सुनाई है।
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गांव वीर निवासी घनश्याम का पुत्र छिदामी उर्फ छिद्दू (35) शराब पीकर अपनी पत्नी से मारपीट करता था। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश तिवारी के मुताबिक दिवाली के एक दो दिन पहले उसने अपनी पत्नी के साथ शराब पीकर मारपीट की थी, जिससे पत्नी अपनी दो बच्चियों को साथ लेकर मायके चली गई थी। तीन बेटियों अंजनी (11), रद्दो (07) एवं पुत्तो (04) को घर पर छोड़ गई थी।
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13 नवंबर 2018 की रात छिदामी ने घर में सो रहीं अपनी तीनों पुत्रियों के सिर पर हथौड़े से वार किए थे। इसके बाद रसोई गैस से घर में आग भी लगा दी थी। इससे तीनों बेटियां जल गईं थीं। घटना की जानकारी होने पर गांव का पूरन सिंह छदामी के चचेरे भाई मनोहर व अन्य लोगों को लेकर मौके पर पहुंचा था। किसी तरह आग पर काबू पाया गया था। मनोहर के पुत्र दयानंद की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। एंबुलेंस से लहूलुहान झुलसी बेटियों को स्वास्थ्य केंद्र महरौनी भेजा गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में पूरन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी छिदामी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्भय प्रकाश ने शुक्रवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर छिदामी को सजा सुनाई है।
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