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Lalitpur News: बेटी ने निभाया बेटे का फर्ज... पिता को दी मुखाग्नि
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ललितपुर। एक बेटी ने अपने पिता की अर्थी को कंधा व पार्थिव देह को मुखाग्नि देकर मिसाल पेश की है। दो बेटियों के पिता गांधीनगर निवासी संजय पाराशर की अंतिम इच्छा थी कि पुत्र न होने के कारण उन्हें लावारिस हाथों के बजाय बेटी के हाथ से मुखाग्नि दी जाए। सोमवार को उनकी बड़ी बेटी ने परंपराओं को तोड़ पिता की देह को मुखाग्नि दी।
शहर के मोहल्ला गांधीनगर नईबस्ती निवासी संजय पाराशर (50) कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। झांसी में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार दोपहर में उनका निधन हो गया। शव घर लाया गया। देर शाम उनकी अंतिम यात्रा गांधीनगर स्थित मुक्तिधाम पहुंची। संजय पाराशर के कोई पुत्र न होने के कारण उनकी बड़ी पुत्री नैनी अंतिम संस्कार करने मुक्तिधाम पहुंची। नैनी ने अंतिम संस्कार से पूर्व की सभी क्रियाएं पूरी की और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पिता की देह को मुखाग्नि भी दी।
इस दृश्य को देख वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। संजय पाराशर निजी काम करते थे और उनके दो पुत्रियां हैं। बड़ी पुत्री नैनी भोपाल में एक कंपनी में काम करती है। पिता के बीमार होने पर वह कुछ दिनों पहले घर आई थी। पिता का इलाज करवा रही थी। इस बीच सोमवार को संजय पाराशर का निधन हो गया।
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शहर के मोहल्ला गांधीनगर नईबस्ती निवासी संजय पाराशर (50) कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। झांसी में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार दोपहर में उनका निधन हो गया। शव घर लाया गया। देर शाम उनकी अंतिम यात्रा गांधीनगर स्थित मुक्तिधाम पहुंची। संजय पाराशर के कोई पुत्र न होने के कारण उनकी बड़ी पुत्री नैनी अंतिम संस्कार करने मुक्तिधाम पहुंची। नैनी ने अंतिम संस्कार से पूर्व की सभी क्रियाएं पूरी की और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पिता की देह को मुखाग्नि भी दी।
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इस दृश्य को देख वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। संजय पाराशर निजी काम करते थे और उनके दो पुत्रियां हैं। बड़ी पुत्री नैनी भोपाल में एक कंपनी में काम करती है। पिता के बीमार होने पर वह कुछ दिनों पहले घर आई थी। पिता का इलाज करवा रही थी। इस बीच सोमवार को संजय पाराशर का निधन हो गया।
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