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पकड़े गए मगरमच्छ को राजघाट बांध में छोड़ा
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टपरियन सहरिया बस्ती के पीछे से मगरमच्छ पकड़ते मजदूर।
- फोटो : LALITPUR
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पकड़े गए मगरमच्छ को राजघाट बांध में छोड़ा
ललितपुर। पिछले कई दिनों से शहर के वार्ड नंबर 23 रावतयाना प्रथम के सहरिया टपरियन बस्ती में पानी से भरी खदान में छिपे मगरमच्छ को आखिरकार पकड़ लिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ले के दो युवकों ने मगरमच्छ को पकड़ा है। इसके बाद ही वन विभाग के कर्मी आए।
शुक्रवार को दोपहर में पहलवान गुरूदीन विद्यालय के पास खदान के पानी में एक दवा का छिड़काव किया गया, इसकी गंध से मगरमच्छ पानी से बाहर आ गया। इस पर स्थानीय युवकों ने रस्सी के सहारे मगरमच्छ को दबोच लिया। वन कर्मी भी सक्रिय हो गए। इसके बाद वन कर्मियों ने इसे ले जाकर राजघाट बांध में छोड़ दिया। उधर, वन कर्मियों का कहना है कि पिछले दिनों गोविंद सागर बांध के साइफन व गेट खोले गए थे। इससे छोड़े गए पानी के साथ ही मगरमच्छ नहर से होकर सहरिया बस्ती में पहुंच गया था। वह कई दिनों से खदान में छिपा बैठा था। वह रात्रि में ही खदान से बाहर निकलता था। दिन में लोगों की आवाज सुनकर खदान में छिप जाता था। इस सूचना से बस्ती के लोगों की रातों की नींद गायब हो गई थी, उन्हें अनहोनी की चिंता सताने लगी थी। इस मगरमच्छ को पकड़ने के लिए काफी प्रयास किया गया। रात व दिन में गश्त कर मगरमच्छ पर निगरानी रखी गई, तब जाकर आज मगरमच्छ हाथ लग सका है। मगरमच्छ पकड़ने वालों में वन विभाग के उमराव प्रसाद, वेद प्रकाश शुक्ला, मुन्ना माली शामिल रहे। ललितपुर वन रेंजर राजेंद्र सिंह ने बताया कि वन कर्मियों ने मगरमच्छ को पकड़कर राजघाट बांध में छोड़ दिया है। कई दिनों से वन कर्मी उसे पकड़ने का प्रयास कर रहे थे।
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ललितपुर। पिछले कई दिनों से शहर के वार्ड नंबर 23 रावतयाना प्रथम के सहरिया टपरियन बस्ती में पानी से भरी खदान में छिपे मगरमच्छ को आखिरकार पकड़ लिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ले के दो युवकों ने मगरमच्छ को पकड़ा है। इसके बाद ही वन विभाग के कर्मी आए।
शुक्रवार को दोपहर में पहलवान गुरूदीन विद्यालय के पास खदान के पानी में एक दवा का छिड़काव किया गया, इसकी गंध से मगरमच्छ पानी से बाहर आ गया। इस पर स्थानीय युवकों ने रस्सी के सहारे मगरमच्छ को दबोच लिया। वन कर्मी भी सक्रिय हो गए। इसके बाद वन कर्मियों ने इसे ले जाकर राजघाट बांध में छोड़ दिया। उधर, वन कर्मियों का कहना है कि पिछले दिनों गोविंद सागर बांध के साइफन व गेट खोले गए थे। इससे छोड़े गए पानी के साथ ही मगरमच्छ नहर से होकर सहरिया बस्ती में पहुंच गया था। वह कई दिनों से खदान में छिपा बैठा था। वह रात्रि में ही खदान से बाहर निकलता था। दिन में लोगों की आवाज सुनकर खदान में छिप जाता था। इस सूचना से बस्ती के लोगों की रातों की नींद गायब हो गई थी, उन्हें अनहोनी की चिंता सताने लगी थी। इस मगरमच्छ को पकड़ने के लिए काफी प्रयास किया गया। रात व दिन में गश्त कर मगरमच्छ पर निगरानी रखी गई, तब जाकर आज मगरमच्छ हाथ लग सका है। मगरमच्छ पकड़ने वालों में वन विभाग के उमराव प्रसाद, वेद प्रकाश शुक्ला, मुन्ना माली शामिल रहे। ललितपुर वन रेंजर राजेंद्र सिंह ने बताया कि वन कर्मियों ने मगरमच्छ को पकड़कर राजघाट बांध में छोड़ दिया है। कई दिनों से वन कर्मी उसे पकड़ने का प्रयास कर रहे थे।
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