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सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा
Lalitpur
Updated Thu, 14 Apr 2016 01:26 AM IST
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सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा
- फोटो : Amar Ujala
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ललितपुर। शहर के मुहल्ला चौकाबाग स्थित गोविंद सागर बांध की बड़ी नहर के किनारे सिंचाई विभाग द्वारा की गई नापजोख में तीस फुट अवैध निर्माण पाया गया। अवैध निर्माण रोकने गए सींचपाल के साथ कब्जा करने वालों ने धक्का-मुक्की कर दी थी, जिसके बाद विभाग ने कार्रवाई की। मामले की तहरीर पुलिस को दे दी गई है।
राजघाट निर्माण खंड में कार्यरत सींच पर्यवेक्षक पुरुषोत्तम नारायण मुहल्ला चौका बाग के पास बड़ी नहर की दायीं मुख्य नहर की ओर गश्त कर रहे थे। उन्होंने देखा कि नझाई बाजार निवासी एक व्यक्ति द्वारा सिंचाई विभाग की जमीन पर बाउंड्रीवाल व पिलर बनवाए जा रहे हैं। उसने सिंचाई विभाग की जमीन पर निर्माण करने से उसे रोका तो आरोपियों ने उसके साथ धक्का-मुक्का कर दी। सींच पर्यवेक्षक ने मामले की सूचना पुलिस व अपने विभागीय अफसरों को दी।
सींच पर्यवेक्षक द्वारा दी गई सूचना के बाद राजघाट निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एके सिंह के निर्देश पर सहायता अभियंता आनंद स्वरुप, सहायक अभियंता एसएन प्रसाद आदि मौके पर पहुंचे और जमीन की नापजोख की। नहर की मध्य सीमा से 84 फुट चौड़ाई तक की जमीन सिंचाई विभाग की है। नाप के दौरान पाया गया कि सिंचाई विभाग की जमीन पर करीब 30 फुट चौड़ाई तक अवैध तरीके से निर्माण कराया जा रहा था। टीम ने निर्माण को चिह्नित कर कार्य को रुकवाने के लिए कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी है।
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राजघाट निर्माण खंड में कार्यरत सींच पर्यवेक्षक पुरुषोत्तम नारायण मुहल्ला चौका बाग के पास बड़ी नहर की दायीं मुख्य नहर की ओर गश्त कर रहे थे। उन्होंने देखा कि नझाई बाजार निवासी एक व्यक्ति द्वारा सिंचाई विभाग की जमीन पर बाउंड्रीवाल व पिलर बनवाए जा रहे हैं। उसने सिंचाई विभाग की जमीन पर निर्माण करने से उसे रोका तो आरोपियों ने उसके साथ धक्का-मुक्का कर दी। सींच पर्यवेक्षक ने मामले की सूचना पुलिस व अपने विभागीय अफसरों को दी।
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सींच पर्यवेक्षक द्वारा दी गई सूचना के बाद राजघाट निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एके सिंह के निर्देश पर सहायता अभियंता आनंद स्वरुप, सहायक अभियंता एसएन प्रसाद आदि मौके पर पहुंचे और जमीन की नापजोख की। नहर की मध्य सीमा से 84 फुट चौड़ाई तक की जमीन सिंचाई विभाग की है। नाप के दौरान पाया गया कि सिंचाई विभाग की जमीन पर करीब 30 फुट चौड़ाई तक अवैध तरीके से निर्माण कराया जा रहा था। टीम ने निर्माण को चिह्नित कर कार्य को रुकवाने के लिए कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी है।
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