फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Millions fled the company sued seven

लाखों लेकर भागी कंपनी, सात पर मुकदमा

Mon, 27 Feb 2017 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 27 Feb 2017 12:17 AM IST
विज्ञापन
Millions fled the company sued seven
police, lalitpur news - फोटो : demo
चार प्रतिशत ब्याज दर पर लोन दिलाने के नाम पर एक सैकड़ा लोगों के साथ लाखों की ठगी कर एक कंपनी फरार हो गई। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने सात लोगों के  खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 
विज्ञापन

जनवरी में इलाइट रोड पर एक भवन में यूनिक यूनीवर्सल नामक कंपनी खोली गई। कंपनी की तरफ से चार प्रतिशत ब्याज दर पर पर होम लोन, एजुकेशन लोन सहित अन्य लोन देने का प्रचार-प्रसार किया गया। कंपनी के झांसे में आकर कई लोगों ने कंपनी से संपर्क साधा। कंपनी की ओर से लोन मिलने के पहले तमाम प्रकार की औपचारिकताओं के नाम पर शुल्क दिया। यह शुल्क 35 सौ से शुरू होकर लोन लेने वाली रकम के दस प्रतिशत तक था। लोगों ने तय शुल्क जमा कर अपनी फाइलें तैयार करा ली गईं। कंपनी की ओर से लोगों को जल्द ही स्वीकृत लोन की रकम उनके खाते में पहुंचने का आश्वासन दिया गया।
विज्ञापन


विधानसभा चुनाव के दौरान कंपनी का स्थानीय संचालक राजू तिवारी निवासी देवेंद्र नगर छत्तीसगढ़ अपने परिवार के साथ फरार हो गया। संचालक के भागने की खबर सुनते ही लोन लेने के लिए रकम जमा करने वालों में हड़कंप मच गया। पीड़ित लोग संचालक राजू तिवारी के निवास पर पहुंचे, जहां पर उन्हें ताला लगा हुआ मिला। निवेेशकों ने इस दौरान हंगामा किया। इससे परेशान होकर आरोपी राजू तिवारी की मकान मालकिन गोमती रैकवार ने शुक्रवार को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर मामला दर्ज करने की शिकायत की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गोमती ने पुलिस को बताया कि उसके मकान में तीन महीने पहले छत्तीसगढ़ के देवेंद्र नगर निवासी राजू तिवारी ने किराए से कमरे लिए थे। इस दौरान मकान मालकिन ने उससे किराएनामा भी तैयार कराकर उसके आधार कार्ड को जमा कराया था। महिला ने बताया कि 22 फरवरी की रात करीब तीन बजे राजू ने उसे जगाकर बताया कि बीना में उसके भाई की मृत्यु हो गई है और उसे तत्काल वहां जाना है। राजू अपने परिवार के साथ जरूरी सामान लेकर रवाना हो गया। सुबह जब कंपनी में काम करने वाले कर्मियों को उसके जाने की जानकारी मिली, तो उनका माथा ठनका। सभी कर्मचारियों ने एकत्रित होकर बीना जाने का फैसला किया।

बीना पहुंचकर कर्मचारियों ने जब राजू से बात की तो, उसने फोन पर बताया कि वह शव लेने देवास गया है। देवास में जानकारी लेने पर उनको जानकारी हुई कि वहां पर राजू का कोई घर नहीं है। इसके बाद से आरोपी राजू के सभी मोबाइल नंबर स्विच आ रहे हैं। कंपनी में आवेदन करने वाले हर प्रसाद सिंह, कुलदीप कुशवाहा, तुलाराम शर्मा, राजकुमार कुशवाहा, दिनेश कुमार, जहीर खां, दिनेश कुमार, सुरेंद्र कुशवाहा, रामसेवक साहू, शिवनारायण तिवारी, महादेव प्रसाद व विनोद कुमार निवासीगण ललितपुर ने पुलिस को यूनिक यूनीर्सल प्रा लि मेरठ के राजू तिवारी, मनोज गोस्वामी, अर्जन, राहुल वाल्मीकि, शनि, शारदा, ओमशंकर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। 

ऐसे की ठगी
यूनिक यूनीवर्सल कंपनी ने कम ब्याज दरों पर लोन देने की आकर्षक योजना से लोगों को लुभाया। कंपनी की योजना के मुताबिक एक लाख से एक करोड़ तक का लोन केवल चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। एक लाख से चार लाख तक लोन लेने वालों से फाइल शुल्क के नाम पर 35 सौ रुपये व पांच लाख रुपये से अधिक रकम का लोन लेने वालों को दस प्रतिशत रकम जमा करनी होती थी। कर्मियों की मानें तो सबसे ज्यादा फाइलें एक से चार लाख रुपये के लोन के लिए तैयार की गईं। वहीं दर्जनों लोगों ने पांच, दस व बीस लाख रुपये लेने के लिए आवेदन किया था। 

पहले कई कंपनियां दिखा चुकी कमाल
जनपद में पहले भी कई निजी कंपनियां आकर्षक योजनाओं के नाम पर यहां के लोगों से ठगी करके फरार हो चुकी हैं। पिछले कुछ सालों में जनपद में बजाज पावर प्लांट, सोलर प्लांट सहित कई बांधों का निर्माण किया गया है। इन योजनाओं के लिए किसानों की जमीनें अधिग्रहित की गई। मुआवजे में मिली लाखों रुपयों की रकम को हड़पने के लिए चिटफंड कंपनियों ने गांवों में जाकर ग्रामीणों को लुभाया गया। तुवन चौराहे पर खुली एडवांटेज नामक चिटफंड कंपनी के बजाज पावर प्लांट में ग्राम चिगलौआ व ग्राम मिर्चवारा के किसानों की जमीन अधिग्रहित होने के बदले मिली मुआवजा राशि को जमा कराया।


किसानों ने आकर्षक निवेश योजना के नाम पर अपनी जमा पूंजी जमा कर दी। पॉलिसी के पूर्ण होने पर जब किसानों ने कंपनी से संपर्क साधा, तो उन्हें पता चला की कंपनी ने अपना नाम बदल लिया है। एडवांटेज नाम से चलने वाली कंपनी ने अपना नाम बदलकर ऑपश्न वन नाम की फर्म संचालित की। किसानों ने जब अपनी जमा राशि मांगी, तो उन्हें तय रकम से कम रकम थमा दी गई। पीड़ित किसानों ने मामले की शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी से भी की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। वहीं बाकी निवेशकों को रकम के बदले प्लॉट लेने का दबाव बनाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed