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गारद में तैनात दोनों सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा
ललितपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2015 12:33 AM IST
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ललितपुर। कचहरी परिसर स्थित स्ट्रांग रूम में ईवीएम मशीन की सुरक्षा में लगाई गारद के कक्ष से एक राइफल और 100 कारतूस चोरी होने के मामले में प्रतिसार निरीक्षक ने देर शाम दोनों सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। वहीं, घटना को 24 घंटे बीतने के बाद असलहा का कोई सुराग नहीं लग पाया है। जांच में जुटी टीमें कचहरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
प्रतिसार निरीक्षक शिवराम यादव की ओर से सौंपी गई तहरीर में कहा गया है कि एपी सिपाही श्याम सुंदर और वीरेंद्र की ड्यूटी स्ट्रांग रूम में लगाई गई थी। सिपाहियों से एक राइफल और 100 कारतूस चोरी की सूचना मिलने पर गारद रूम पहुंचकर देखा तो 303 राइफल, आर्सनल नंबर 47313, बट नंबर 248 रखी पाई गई, लेकिन राइफल नंबर 303, आर्सनल नंबर 23765, बट नंबर 203 और 100 कारतूस गायब मिले। श्यामसुंदर ने बताया कि उसकी ड्यूटी नौ सितंबर की शाम छह बजे से रात 12 बजे तक थी, उसके बाद रात 12 बजे से सुबह छह बजे तक वीरेंद्र सिंह की ड्यूटी थी। वहीं, वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उसे श्याम सुंदर ने ड्यूटी के लिए रात 12 बजे से पहले जगाया ही नहीं था और स्वयं गारद कक्ष का दरवाजा बंद किए बगैर सो गया। इसी दौरान राइफल और कारतूस चोरी हो गए।
कोतवाली पुलिस ने प्रतिसार निरीक्षक की तहरीर पर दोनों सिपाहियों के खिलाफ सरकारी संपत्ति के गबन की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद से ही कचहरी परिसर में ऑपरेशन सर्च शुरू कर दिया गया था। चप्पे-चप्पे की तलाश के बावजूद पुलिस को 24 घंटे बीतने के बाद कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
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खंगाले जा रहे कचहरी परिसर के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज
अपर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने सरकारी असलहा और कारतूस चोरी के मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम को खुलासे में लगा दिया है। स्वॉट टीम इंचार्ज देवी सिंह के नेतृत्व में कचहरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने का काम जारी है।
विभागीय कर्मचारी पर घूम रही संदेह की सुई
जानकारों का मानना है कि गारद के कक्ष में कोई आम आदमी घुसने की हिम्मत नहीं करता। इस कारण संभावना जताई जा रही है कि कहीं, विभागीय कर्मचारी ने ही तो वारदात को अंजाम नहीं दिया है। इस बिंदू को दृष्टिगत रखते हुए सिपाहियों से पूछताछ भी गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
परिसर में ही चलती शराब पार्टी
कचहरी परिसर में स्थित स्ट्रांग रूम के नजदीक ही आए दिन शराब की पार्टी चलती हैं, जिसमें हर तरह के लोग सहभागिता जताते हैं। इस कारण चोरी की वारदात में असामाजिक तत्वों की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
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प्रतिसार निरीक्षक शिवराम यादव की ओर से सौंपी गई तहरीर में कहा गया है कि एपी सिपाही श्याम सुंदर और वीरेंद्र की ड्यूटी स्ट्रांग रूम में लगाई गई थी। सिपाहियों से एक राइफल और 100 कारतूस चोरी की सूचना मिलने पर गारद रूम पहुंचकर देखा तो 303 राइफल, आर्सनल नंबर 47313, बट नंबर 248 रखी पाई गई, लेकिन राइफल नंबर 303, आर्सनल नंबर 23765, बट नंबर 203 और 100 कारतूस गायब मिले। श्यामसुंदर ने बताया कि उसकी ड्यूटी नौ सितंबर की शाम छह बजे से रात 12 बजे तक थी, उसके बाद रात 12 बजे से सुबह छह बजे तक वीरेंद्र सिंह की ड्यूटी थी। वहीं, वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उसे श्याम सुंदर ने ड्यूटी के लिए रात 12 बजे से पहले जगाया ही नहीं था और स्वयं गारद कक्ष का दरवाजा बंद किए बगैर सो गया। इसी दौरान राइफल और कारतूस चोरी हो गए।
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कोतवाली पुलिस ने प्रतिसार निरीक्षक की तहरीर पर दोनों सिपाहियों के खिलाफ सरकारी संपत्ति के गबन की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद से ही कचहरी परिसर में ऑपरेशन सर्च शुरू कर दिया गया था। चप्पे-चप्पे की तलाश के बावजूद पुलिस को 24 घंटे बीतने के बाद कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
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खंगाले जा रहे कचहरी परिसर के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज
अपर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने सरकारी असलहा और कारतूस चोरी के मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम को खुलासे में लगा दिया है। स्वॉट टीम इंचार्ज देवी सिंह के नेतृत्व में कचहरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने का काम जारी है।
विभागीय कर्मचारी पर घूम रही संदेह की सुई
जानकारों का मानना है कि गारद के कक्ष में कोई आम आदमी घुसने की हिम्मत नहीं करता। इस कारण संभावना जताई जा रही है कि कहीं, विभागीय कर्मचारी ने ही तो वारदात को अंजाम नहीं दिया है। इस बिंदू को दृष्टिगत रखते हुए सिपाहियों से पूछताछ भी गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
परिसर में ही चलती शराब पार्टी
कचहरी परिसर में स्थित स्ट्रांग रूम के नजदीक ही आए दिन शराब की पार्टी चलती हैं, जिसमें हर तरह के लोग सहभागिता जताते हैं। इस कारण चोरी की वारदात में असामाजिक तत्वों की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता।