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गौ हत्याकांड ठंडे बस्ते में
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 02 May 2016 12:55 AM IST
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- फोटो : demo
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कुम्हेड़ी (ललितपुर)। ग्राम कुम्हेड़ी में डेढ़ माह पूर्व दो गायों को बर्बर तरीके से मारने का मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। पुलिस द्वारा लगातार की गई छानबीन के बाद भी अब तक हत्यारे बेसुराग हैं। इससे लोगों में नाराजगी है।
17 मार्च को अज्ञात लोगों ने गांव के पन्नालाल कुशवाहा और रामचरन अहिरवार की गायों को घायल कर दिया था, बाद में उपचार के दौरान गायों की मृत्यु हो गई थी। यह घटना पूरे क्षेत्र में तेजी से फैल गई थी, तमाम संगठनों व क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए थे। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। एसपी ने सक्रियता दिखाते हुए कुम्हैड़ी पुलिस चौकी इंचार्ज को हटा दिया था और टीमें गठित कर हमलावरों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। लेकिन, तब से अब तक पुलिस किसी भी हमलावर को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। गिरफ्तारी तो छोड़ो, किसी के बारे में अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। घटना में महिलाओं की संलिप्तता होने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों का कहना था कि महिलाओं को अपराधिओं की जानकारी है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की थी कि महिला पुलिस अधिकारिओं से जांच कराई जाए, लेकिन अब तक अपराधियों के पकड़ में नहीं आने के कारण गांव के लोग आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने घटना का जद से जल्द पटाक्षेप करने की मांग की है। गौहत्या कांड में कई हिंदू संगठनों और गौ रक्षा समिति के सदस्यों ने उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की थी, लेकिन जांच सीमित रही। इतना ही नहीं संदिग्धों से पूछताछ केवल चौकी तक ही सीमित रही, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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जांच की दिशा भटकी
पुलिस शुरुआत में सही दिशा में जांच कर रही थी, लेकिन प्रेम प्रसंग के मामले सामने आने से पुलिस जांच से भटक गई। पुलिस ने गांव के दो सैकड़ा से अधिक लोगों के मोबाइल सर्विलांस पर लगाए गए, लेकिन कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला।
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17 मार्च को अज्ञात लोगों ने गांव के पन्नालाल कुशवाहा और रामचरन अहिरवार की गायों को घायल कर दिया था, बाद में उपचार के दौरान गायों की मृत्यु हो गई थी। यह घटना पूरे क्षेत्र में तेजी से फैल गई थी, तमाम संगठनों व क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए थे। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। एसपी ने सक्रियता दिखाते हुए कुम्हैड़ी पुलिस चौकी इंचार्ज को हटा दिया था और टीमें गठित कर हमलावरों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। लेकिन, तब से अब तक पुलिस किसी भी हमलावर को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। गिरफ्तारी तो छोड़ो, किसी के बारे में अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। घटना में महिलाओं की संलिप्तता होने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों का कहना था कि महिलाओं को अपराधिओं की जानकारी है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की थी कि महिला पुलिस अधिकारिओं से जांच कराई जाए, लेकिन अब तक अपराधियों के पकड़ में नहीं आने के कारण गांव के लोग आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने घटना का जद से जल्द पटाक्षेप करने की मांग की है। गौहत्या कांड में कई हिंदू संगठनों और गौ रक्षा समिति के सदस्यों ने उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की थी, लेकिन जांच सीमित रही। इतना ही नहीं संदिग्धों से पूछताछ केवल चौकी तक ही सीमित रही, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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जांच की दिशा भटकी
पुलिस शुरुआत में सही दिशा में जांच कर रही थी, लेकिन प्रेम प्रसंग के मामले सामने आने से पुलिस जांच से भटक गई। पुलिस ने गांव के दो सैकड़ा से अधिक लोगों के मोबाइल सर्विलांस पर लगाए गए, लेकिन कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला।