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अकरम हत्याकांड में तीन को आजीवन कारावास

Thu, 28 Apr 2016 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 28 Apr 2016 12:37 AM IST
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Akram life imprisonment for three murders
court disition, jhansi news - फोटो : demo
ललितपुर। अपर जिला और सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट हरकेश कुमार की अदालत ने अकरम हत्याकांड में दोषी करार तीन दोस्तों को बृहस्पतिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शनिवार को न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को अकरम की हत्या में दोष सिद्ध करार देते हुए सोमवार की तिथि सजा के बिंदू पर सुनवाई के लिए मुकर्रर की थी, लेकिन इस मामले में पुलिस द्वारा तीसरे हत्यारोपी को न्यायालय में पेश नहीं किया जा सका था, जिसके चलते यह फैसला सोमवार को टल गया था।
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 कोतवाली के मुहल्ला गोविंदनगर निवासी असलम खां ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि दो जुलाई 2010 की रात्रि लगभग आठ बजे मुहल्ला के ही सूरज खटीक, गुलाम अली व नंदू कुुशवाहा उसके घर आए और उसका भाई अकरम उधारी के रुपये लेने की बात कहकर उन लोगों के साथ चला गया। जब काफी देर हो गई तो उसके अकरम को फोन लगाया तो बात नहीं हो सकी। दूसरे दिन वह अपने बहनोई अख्तर अली के साथ सूरज के घर गया तो वह उन लोगों को देखकर भाग गया।
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शक होने पर वह अपने भाई की तलाश करने लगा। कुछ देर बाद अकरम मुहल्ला गोविंद नगर से निकली शहजाद नदी के किनारे झाड़ियों में मृत अवस्था में पड़ा मिला। उसके सिर में गोली लगी थी। पुलिस ने घटना ने  प्रयुक्त तमंचा संजय बहादुर के घर से बरामद भी कर दिया था और मृतक के भाई असलम की तहरीर पर पुलिस ने विवेचना उपरांत तीनों आरोपियों सूरज, गुलाम अली और नंदू कुशवाहा के अलावा संजय बहादुर के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए।
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इस मामले में न्यायालय ने शनिवार को तीन आरोपियों सूरज खटीक, गुलामअली और नंदू  कुशवाहा पर हत्या का दोष सिद्ध पाया था, जबकि संजय बहादुर को संदेह का लाभ  देते हुए बरी कर दिया था। अकरम की हत्या के इस  मामले में  न्यायालय में पेश नहीं होने पर न्यायाधीश ने दोषी तीसरे हत्यारोपी नंदू कुशवाहा के खिलाफ शनिवार को वारंट जारी कर दिए थे और पुलिस को अभियुक्त को न्यायालय में पेश  करने के आदेश दिए थे, लेकिन सोमवार को  पुलिस गायब चल रहे तीसरे हत्यारे नंदू कुशवाहा को न्यायालय में पेश नहीं कर सकी,

जिसके चलते न्यायालय ने सजा के बिंदू पर सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तिथि मुकर्रर कर दी थी। बुुधवार को फरार अभियुक्त नंदू कुशवाहा के  न्यायालय में आत्मसमर्पण के बाद न्यायाधीश ने तीनों अभियुक्तों सूरज खटीक, गुलाम अली और नंदू कुशवाहा को अपहरण, हत्या, साक्ष्य छिपाने में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यही नहीं तीनों पर 35-35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।


अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में पांच माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। जबकि इस मामले में दोषी गुलाम अली को न्यायालय ने आयुध अधिनियम में भी दोषी पाते हुए दो वर्ष सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। इस मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।
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