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लाखों रुपये हड़पने वाले लेखपाल पर नहीं हुई कार्रवाई

Mon, 14 Nov 2016 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 14 Nov 2016 01:04 AM IST
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Accountant action on sharks had millions
police, lalitpur news - फोटो : demo
किसानों से पट्टों के नाम पर लाखों रुपये हड़पने वाले पूराकलां के पूर्व लेखपाल को जांच में दोषी पाए जाने के एक वर्ष बाद आज तक राजस्व अधिकारी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सके। अब लेखपाल से पूर्व में भेजें गए नोटिस का जवाब मांगा है। 
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बताते चले कि लगभग एक वर्ष पहले पूूराकलां में तैनात लेखपाल विनोद दुबे ने किसानों से उनके पट्टों के नाम पर लाखों रुपये वसूलें थे। राजस्व अधिकारियों द्वारा पात्र व्यक्तिओं को पट्टे दे दिए गए थे। शेष अपात्रों के पट्टे खारिज कर दिए गए थे। जिन लोगों के पट्टे खारिज हो गए थे, उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो लेखपाल ने उन्हें गुमराह करते हुए अपना स्थानांतरण महरौनी करा लिया। 
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इसके बाद ग्रामीणों ने अपना पैसा वापस लेने के लिए अधिकारियों को शिकायती पत्र दिए और तहसील में प्रदर्शन किया और सड़क जाम तक की। ग्रामीणों की शिकायतों पर तत्कालीन डीएम के निर्देश पर तहसीलदार प्रीति जैन को इसकी जांच का जिम्मा दिया गया। जिस पर उन्होंने अपनी जांच में लेखपाल को पट्टों के नाम पर पैसा वसूलने का आरोपी पाया और अपनी रिपोर्ट कार्रवाई के लिए महरौनी भेज दी। 
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इसके बाद आरोपी लेखपाल अपनी सांठगांठ करके पुन: महरौनी से तालबेहट स्थानांतरण कराके आ गया। पूराकलां के एक युवक की शिकायत और न्यायालय के आदेश पर उक्त लेखपाल के खिलाफ थाना पूराकलां में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ।  
इस संबंध में लोगों ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को पूरे मामले में अवगत कराया था। जिस पर उन्होंने आरोपी लेखपाल को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने निर्देश के छह माह बाद भी आरोपी लेखपाल का राजस्व अधिकारी कुछ नहीं कर सकें। इससे बड़ी शर्मनाक बात क्या होगी कि लेखपाल को पूर्व में भेजें गए नोटिस का जवाब तक आज तक अधिकारी उससे प्राप्त न कर सकें। इसके लिए उसे पुन: पत्र भेजा गया है।


इस संबंध में जब उपजिलाधिकारी हरीओम शर्मा से बात की तो उनका कहना था कि इसकी जांच तहसीलदार के पास है जाँच आने के बाद  ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करना उचित होगा। वहीं, तहसीलदार प्रीति जैन का कहना कि जांच चल रही है। लेखपाल से जवाब मांगा गया है। इसके बाद जांच रिपोर्ट अधिकारियों को प्रेषित कर दी जाएगी। बताते चले कि इस मामले की पूर्व में कि गई जांच तहसीलदार लेखपाल को दोषी ठहरा चुकी है।
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