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कोचिंग संचालक एक सप्ताह में दुरुस्त करें सभी रिकॉर्ड
Updated Sun, 05 Aug 2018 03:20 AM IST
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कोचिंग संचालक एक सप्ताह में दुरुस्त करें सभी रिकॉर्ड
डीआईओएस ने किया कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। संचालित की जा रही कोचिंग सेंटर के संचालकों द्वारा कोचिंग के रिकॉर्ड तैयार नहीं किए जा रहे हैं। इस बात का खुलासा जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा किए गए कोचिंग सेंटरों के निरीक्षण में हुआ है। डीआईआएस ने सभी रिकॉर्ड को तैयार करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
शनिवार को जिला विद्यालय निरीक्षक राम शंकर ने सुबह सात बजकर 20 मिनट पर मुहल्ला रावतयाना में संचालित केके कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षक के दौरान कोचिंग संचालित मिली। कोचिंग संचालक प्रमोद कुमार कुशवाहा ने कोंचिंग का पंजीकरण प्रमाण पत्र बताया, जिसमें कोचिंग का पंजीयन विगत 29 सितंबर 2017 को समाप्त हो चुका था। लेकिन पंजीयन नवीनीकरण के लिए आवेदन होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की है। कोचिंग में सफाई का अभाव मिला। इसके बाद उन्होंने मवेशी बाजार में संचालित एसके क्लासिस कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के समय कोचिंग संचालित होती मिली। कोचिंग में बच्चों को सौरभ साहू निवासी नदीपुरा नाम का शिक्षक पढ़ा रहा था। कोचिंग पंजीयन के लिए कोचिंग के संचालक शाहरुख खान ने 26 जुलाई 2017 को आवेदन किया था। इसके बाद वह मुहल्ला तालाबपुरा में संचालित अभि कोचिंग सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे। कोचिंग संचालक अभिषेक तिवारी निवासी लक्ष्मीपुरा द्वारा काचिंग पढ़ाई जा रही थी। कोचिंग पंजीकृत मिला जिसका पंजीयन आगामी 02 सितंबर 2019 तक के लिए वैद्य है। तीनों ही कोचिंग संचालकों द्वारा मानकों व नियमों के अनुसार कोचिंग केन्द्र के शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से संबंधित रजिस्ट्रर, कोचिंग केंद्र की प्रत्येक टोली में अभ्यावेशित छात्र-छात्राओं से संबंधित रजिस्ट्रर, छात्र-छात्राओं से वसूल की गई फीस के प्रतिपर्ण सहित रसीद बही एवं कोचिंग केंद्र नियमित शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का भुगतान रजिस्ट्रर आदि पत्रजात प्रस्तुत नहीं किए गए। इस पर डीआईओएस ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संपूर्ण पत्रावलियों व रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही चेतावनी दी कि यदि रिकॉर्ड एक सप्ताह में तैयार व पूर्ण नहीं किए गए तो उन कोचिगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम 2002 के तहत विधिक कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। कोचिंगे कक्ष में पर्याप्त प्रकाश और पेयजल व शौचालय की व्यवस्था कराएं और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही इस बात की चेतावनी दी कि विद्यालय समय खुलने के 30 मिनिट पूर्व प्रत्येक दशा में कोचिंग (बैच) बंद कर दिया जाए।
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डीआईओएस ने किया कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। संचालित की जा रही कोचिंग सेंटर के संचालकों द्वारा कोचिंग के रिकॉर्ड तैयार नहीं किए जा रहे हैं। इस बात का खुलासा जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा किए गए कोचिंग सेंटरों के निरीक्षण में हुआ है। डीआईआएस ने सभी रिकॉर्ड को तैयार करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
शनिवार को जिला विद्यालय निरीक्षक राम शंकर ने सुबह सात बजकर 20 मिनट पर मुहल्ला रावतयाना में संचालित केके कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षक के दौरान कोचिंग संचालित मिली। कोचिंग संचालक प्रमोद कुमार कुशवाहा ने कोंचिंग का पंजीकरण प्रमाण पत्र बताया, जिसमें कोचिंग का पंजीयन विगत 29 सितंबर 2017 को समाप्त हो चुका था। लेकिन पंजीयन नवीनीकरण के लिए आवेदन होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की है। कोचिंग में सफाई का अभाव मिला। इसके बाद उन्होंने मवेशी बाजार में संचालित एसके क्लासिस कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के समय कोचिंग संचालित होती मिली। कोचिंग में बच्चों को सौरभ साहू निवासी नदीपुरा नाम का शिक्षक पढ़ा रहा था। कोचिंग पंजीयन के लिए कोचिंग के संचालक शाहरुख खान ने 26 जुलाई 2017 को आवेदन किया था। इसके बाद वह मुहल्ला तालाबपुरा में संचालित अभि कोचिंग सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे। कोचिंग संचालक अभिषेक तिवारी निवासी लक्ष्मीपुरा द्वारा काचिंग पढ़ाई जा रही थी। कोचिंग पंजीकृत मिला जिसका पंजीयन आगामी 02 सितंबर 2019 तक के लिए वैद्य है। तीनों ही कोचिंग संचालकों द्वारा मानकों व नियमों के अनुसार कोचिंग केन्द्र के शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से संबंधित रजिस्ट्रर, कोचिंग केंद्र की प्रत्येक टोली में अभ्यावेशित छात्र-छात्राओं से संबंधित रजिस्ट्रर, छात्र-छात्राओं से वसूल की गई फीस के प्रतिपर्ण सहित रसीद बही एवं कोचिंग केंद्र नियमित शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का भुगतान रजिस्ट्रर आदि पत्रजात प्रस्तुत नहीं किए गए। इस पर डीआईओएस ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संपूर्ण पत्रावलियों व रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही चेतावनी दी कि यदि रिकॉर्ड एक सप्ताह में तैयार व पूर्ण नहीं किए गए तो उन कोचिगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम 2002 के तहत विधिक कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। कोचिंगे कक्ष में पर्याप्त प्रकाश और पेयजल व शौचालय की व्यवस्था कराएं और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही इस बात की चेतावनी दी कि विद्यालय समय खुलने के 30 मिनिट पूर्व प्रत्येक दशा में कोचिंग (बैच) बंद कर दिया जाए।
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