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पौधशाला से लकड़ी उठाने के मामले की जांच अधर में

Sat, 30 Sep 2017 03:03 AM IST
Updated Sat, 30 Sep 2017 03:03 AM IST
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पौधशाला से लकड़ी उठाने के मामले की जांच अधर में
पौधशाला से लकड़ी उठाने के मामले की जांच अधर में
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ललितपुर। गोविंद सागर बांध की तलहटी में स्थित पौधशाला से लकड़ी उठाने के मामले की जांच अधर में है। एक पखवाड़ा से अधिक समय गुजरने के बाद भी जांच पूरी नहीं की जा सकी है। जिससे दोषियों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित नहीं हो पा रही है।
गौरतलब है कि सेवानिवृत्त वन दरोगा ने डीएफओ को दिए शिकायत पत्र में आरोप लगाया था कि पांच सितंबर को दोपहर एक बजे पौधशाला स्थित भंडारण स्थल से इमारती लकड़ी के पांच-छह मोटे टुकड़े पिकप में लादे जा रहे थे। जिसकी सूचना लीक होने पर लकड़ी जिले से बाहर नहीं जा सकी थी। इस मामले में उसने विभागीय कर्मियों पर आरोप लगाए थे। जो लकड़ी जिले से बाहर भेजी जा रही थी, उसका रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज नहीं है। इस पर डीएफओ ने इस मामले की जांच एसडीओ आरके त्रिपाठी को सौंप रखी है। जांच अधिकारी घटना स्थल का मौका मुआयना कर चुके हैं। इसके अलावा विभागीय कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाने हैं। जिसमें जानबूझकर विलंब किया जा रहा है। शायद यही वजह है कि कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट अब तक डीएफओ को सुपुर्द नहीं की जा सकी है। सूत्रों की माने तो यदि निष्पक्ष तरीके से जांच पूरी हुई तो इस मामले में ललितपुर वन रेंज के कई कर्मियों का फंसना तय माना जा रहा है। विभागीय कर्मियों को बचाने के लिए जांच लटकाई जा रही है। जिससे हकीकत सामने नहीं आ पा रही है। महत्वपूर्ण बात यह है कि शिकायतकर्ता के पास लकड़ी उठाने के मामले की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी के साथ पर्याप्त साक्ष्य हैं। उधर, एसडीओ वन आरके त्रिपाठी का कहना है कि व्यस्तता के चलते जांच पूरी नहीं की जा सकी है। एक-दो दिन में इसे पूरी कर डीएफओ को सौंप दी जाएगी।
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एक अफसर के इशारे पर घटना को दिया अंजाम
लकड़ी उठाने के मामले में एक अफसर की संलिप्तता उजागर हो रही है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एक अफसर के इशारे पर घटना को अंजाम दिया गया है। अब इस मामले में अफसरों का बचाव किया जा रहा है। यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो किसी कमजोर कर्मचारी पर पूरी घटना थोप दी जाएगी। विभागीय कर्मियों में इस तरह की चर्चा है। जांच के उपरांत ही इसकी सही तस्वीर साफ हो सकेगी।
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