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मारपीट के विरोध में सफाई कर्मचारियों ने की काम बंद हड़ताल
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मारपीट के विरोध में सफाई कर्मचारियों ने की काम बंद हड़ताल
सफाई कर्मचारियों ने की दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। गत रोज रविवार को जेल चौराहा के पास क्रिकेट को लेकर हुए दो गुटों में हुए विवाद और नगर पालिका के एक सफाई कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट के मामले में सोमवार को नगर पालिका के सभी सफाई कर्मचारियों ने एकजुट होकर काम बंद हड़ताल कर दी, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कर्मचारियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने अधिशासी अधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया है कि एमईएस ग्राउंड में क्रिकेट खेलने को लेकर कुछ युवकों में विवाद हुआ था, जिस पर उक्त विवाद को मैदान में मौजूद लोगों ने समझाबुझाकर निपटा दिया था। इस घटना को सांप्रदायिक दंगे का रुप देने के लिए कुछ उपद्रवी युवकों ने षड़यंत्र रचा। इनके द्वारा अतिक्रमण किया हुआ है और इन दुकानों पर उपद्रवी युवक आए दिन राहगीरों से छींटाकसी एवं मारपीट करते रहते हैं। रविवार की शाम को पांच बजे जेल चौराहा निवासी अभिषेक वाल्मीकि, जो नगर पालिका में आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी के रुप में तैनात है, वह पानी की टंकी से जेल चौराहा की ओर आ रहा था। जैसे ही वह कुरैशी समाज की मीट की दुकानों क पास से गुजरा तो वहां मौजूद कुछ युवकों द्वारा उसे रोका और गाली गलौच करते हुए जातिसूचक शब्दों से बोलते हुए जान से मारने की धमकी हैं। जिसका विरोध करने पर उक्त युवक जान से मारने की नीयत से मारपीट करने लगे, जो घातक हथियार लिए हुए थे। जिससे भयभीत होकर अभिषेक जान बचाकर अपने वाल्मीकि समाज क घरों में छिप गया। इतने में उक्त उपद्रवी युवकों द्वारा वाल्मीकि समाज के घरों में पथराव शुरु कर दिया। जिसका विरोध करने पर उक्त लोगों ने दिन दहाड़े दहशत फैलाने एवं जान से मारने के उद्देश्य से फायरिंग कर दी। जिसकी फायरिंग से वाल्मीकि समाज के लोग बाल बाल बचे। उक्त लोगों द्वारा कर्मचारियों के घरों के बाहर रखे वाहनों के साथ भी तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त किया गया। ज्ञापन में बताया गया कि इस घटना के विरोध में सोमवार को समस्त वाल्मीकि समाज एवं सफाई कर्मचारियों ने एक राय होकर अपने सफाई कार्य को बंद करने का निर्णय लिया है और उक्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। ज्ञापन पर मंजीत करौसिया, विनीत वाल्मीकि, आशीष अहारिया, ओमप्रकाश अहिरवार, बृजेश, बलराम, महेंद्र, सनीकुमार, दिनेश, अंकित, अजय, शिवम, विकास, जीवन, प्रिंस, निकिल, जगदीश, प्रदीप आदि के हस्ताक्षर हैं।
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सफाई कर्मचारियों ने की दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। गत रोज रविवार को जेल चौराहा के पास क्रिकेट को लेकर हुए दो गुटों में हुए विवाद और नगर पालिका के एक सफाई कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट के मामले में सोमवार को नगर पालिका के सभी सफाई कर्मचारियों ने एकजुट होकर काम बंद हड़ताल कर दी, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कर्मचारियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने अधिशासी अधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया है कि एमईएस ग्राउंड में क्रिकेट खेलने को लेकर कुछ युवकों में विवाद हुआ था, जिस पर उक्त विवाद को मैदान में मौजूद लोगों ने समझाबुझाकर निपटा दिया था। इस घटना को सांप्रदायिक दंगे का रुप देने के लिए कुछ उपद्रवी युवकों ने षड़यंत्र रचा। इनके द्वारा अतिक्रमण किया हुआ है और इन दुकानों पर उपद्रवी युवक आए दिन राहगीरों से छींटाकसी एवं मारपीट करते रहते हैं। रविवार की शाम को पांच बजे जेल चौराहा निवासी अभिषेक वाल्मीकि, जो नगर पालिका में आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी के रुप में तैनात है, वह पानी की टंकी से जेल चौराहा की ओर आ रहा था। जैसे ही वह कुरैशी समाज की मीट की दुकानों क पास से गुजरा तो वहां मौजूद कुछ युवकों द्वारा उसे रोका और गाली गलौच करते हुए जातिसूचक शब्दों से बोलते हुए जान से मारने की धमकी हैं। जिसका विरोध करने पर उक्त युवक जान से मारने की नीयत से मारपीट करने लगे, जो घातक हथियार लिए हुए थे। जिससे भयभीत होकर अभिषेक जान बचाकर अपने वाल्मीकि समाज क घरों में छिप गया। इतने में उक्त उपद्रवी युवकों द्वारा वाल्मीकि समाज के घरों में पथराव शुरु कर दिया। जिसका विरोध करने पर उक्त लोगों ने दिन दहाड़े दहशत फैलाने एवं जान से मारने के उद्देश्य से फायरिंग कर दी। जिसकी फायरिंग से वाल्मीकि समाज के लोग बाल बाल बचे। उक्त लोगों द्वारा कर्मचारियों के घरों के बाहर रखे वाहनों के साथ भी तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त किया गया। ज्ञापन में बताया गया कि इस घटना के विरोध में सोमवार को समस्त वाल्मीकि समाज एवं सफाई कर्मचारियों ने एक राय होकर अपने सफाई कार्य को बंद करने का निर्णय लिया है और उक्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। ज्ञापन पर मंजीत करौसिया, विनीत वाल्मीकि, आशीष अहारिया, ओमप्रकाश अहिरवार, बृजेश, बलराम, महेंद्र, सनीकुमार, दिनेश, अंकित, अजय, शिवम, विकास, जीवन, प्रिंस, निकिल, जगदीश, प्रदीप आदि के हस्ताक्षर हैं।
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