{"_id":"5b411c5a4f1c1b56238b51ed","slug":"201530993754-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चोरी के वाहनों का व्यापार करने में चार को दस-दस वर्ष की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चोरी के वाहनों का व्यापार करने में चार को दस-दस वर्ष की सजा
Updated Sun, 08 Jul 2018 02:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चोरी के वाहनों का व्यापार करने पर दस-दस वर्ष की सजा
शहर के चौबाबाग में चोरी के ट्रक, ट्रैक्टर काटकर बेचते थे
पकड़े जाने से बचने को वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे
ललितपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने शहर के मुहल्ला चौकाबाग में चोरी के वाहन खरीदकर काटकर बेचने और धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उक्त अपराधी पकड़े जाने से बचने के लिए चोरी के वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगा लेते थे।
सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि चार वर्ष पूर्व थाना कोतवाली में एसआई महेश कुमार ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि वह 12 सितंबर 2014 को सिपाहियों के साथ क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे, इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि रामबाग चौकाबाग में खुले मैदान में परमानंद प्रजापति अपने साथियों के साथ चोरी के ट्रैक्टर ट्रक आदि खरीदकर काटकर बेचने का व्यापार करते हैं। उस दिन भी वह अपने साथियों के साथ चोरी की गाड़ी काट रहा है। जिस पर उन्होंने मौके पर छापा मारा और एक व्यक्ति को मौके से दबोच लिया। जबकि अन्य तीन लोग आपाधापी का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम परमानंद प्रजापति बताया, भागे हुए व्यक्तियों के नाम मोहम्मद नसीर बादशाह, बंटी मिस्त्री व लईक खान बताया। पूछताछ में परमानंद ने बताया कि वे लोग ट्रक, ट्रैक्टर, जीप आदि को खरीदकर काटकर टुकड़ों में बेचने का व्यापार करते हैं। उस दिन भी वह लोग एक ट्रक व ट्रैक्टर के इंजन, जिन्हें पूर्व में चोरी कर खड़ा किया गया था, काट रहे थे और ट्रक में लगे नंबर प्लेट यूूपी 94ई 9333 के बारे में बताया कि वे लोग चोरी के वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगा लेते हैं। मौके पर कटे पड़े इंजन को ठोकपीटकर विकृत किया गया था। दूसरा ट्रैक्टर का इंजन भी स्पष्ट नहीं है। उसे भी ठोकपीटकर विकृत किया था। ट्रक की चेचिस पर भी नंबर स्पष्ट नहीं थे। मौके से उक्त माल को जब्त किया गया था। जिस पर पुलिस ने उक्त मामले में एसआई की तहरीर के आधार पर चोरी किए वाहनों का इस्तेमाल करने, चोरी के वाहन काटकर व्यापार करने और धोखाधड़ी के मामले में मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को अभियोजन पक्षी की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने अभियुक्तों चौकाबाग निवासी परमानंद प्रजापति, गोविंदनगर निवासी मोहम्मद हारुन व लईक खान, नदीपुरा निवासी बंटी मिस्त्री को चोरी के वाहनों का व्यापार करने के मामले में दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष के कठोर कारावास और बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड एवं धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष व दस-दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। सभी अभियुक्त जमानत पर थे, जिन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
शहर के चौबाबाग में चोरी के ट्रक, ट्रैक्टर काटकर बेचते थे
पकड़े जाने से बचने को वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे
ललितपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने शहर के मुहल्ला चौकाबाग में चोरी के वाहन खरीदकर काटकर बेचने और धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उक्त अपराधी पकड़े जाने से बचने के लिए चोरी के वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगा लेते थे।
सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि चार वर्ष पूर्व थाना कोतवाली में एसआई महेश कुमार ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि वह 12 सितंबर 2014 को सिपाहियों के साथ क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे, इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि रामबाग चौकाबाग में खुले मैदान में परमानंद प्रजापति अपने साथियों के साथ चोरी के ट्रैक्टर ट्रक आदि खरीदकर काटकर बेचने का व्यापार करते हैं। उस दिन भी वह अपने साथियों के साथ चोरी की गाड़ी काट रहा है। जिस पर उन्होंने मौके पर छापा मारा और एक व्यक्ति को मौके से दबोच लिया। जबकि अन्य तीन लोग आपाधापी का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम परमानंद प्रजापति बताया, भागे हुए व्यक्तियों के नाम मोहम्मद नसीर बादशाह, बंटी मिस्त्री व लईक खान बताया। पूछताछ में परमानंद ने बताया कि वे लोग ट्रक, ट्रैक्टर, जीप आदि को खरीदकर काटकर टुकड़ों में बेचने का व्यापार करते हैं। उस दिन भी वह लोग एक ट्रक व ट्रैक्टर के इंजन, जिन्हें पूर्व में चोरी कर खड़ा किया गया था, काट रहे थे और ट्रक में लगे नंबर प्लेट यूूपी 94ई 9333 के बारे में बताया कि वे लोग चोरी के वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगा लेते हैं। मौके पर कटे पड़े इंजन को ठोकपीटकर विकृत किया गया था। दूसरा ट्रैक्टर का इंजन भी स्पष्ट नहीं है। उसे भी ठोकपीटकर विकृत किया था। ट्रक की चेचिस पर भी नंबर स्पष्ट नहीं थे। मौके से उक्त माल को जब्त किया गया था। जिस पर पुलिस ने उक्त मामले में एसआई की तहरीर के आधार पर चोरी किए वाहनों का इस्तेमाल करने, चोरी के वाहन काटकर व्यापार करने और धोखाधड़ी के मामले में मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को अभियोजन पक्षी की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने अभियुक्तों चौकाबाग निवासी परमानंद प्रजापति, गोविंदनगर निवासी मोहम्मद हारुन व लईक खान, नदीपुरा निवासी बंटी मिस्त्री को चोरी के वाहनों का व्यापार करने के मामले में दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष के कठोर कारावास और बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड एवं धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष व दस-दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। सभी अभियुक्त जमानत पर थे, जिन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन