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शिक्षक हुआ मूर्छित, तीन दिन आगे खिंच सकता मूल्यांकन

Mon, 02 Apr 2018 02:00 AM IST
Updated Mon, 02 Apr 2018 02:00 AM IST
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शिक्षक हुआ मूर्छित, तीन दिन आगे खिंच सकता मूल्यांकन
कापी जांचते समय शिक्षक हुआ बेहोश
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ललितपुर। रविवार को नगर के राजकीय इंटर कालेज में यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट, हाईस्कूल के मूल्यांकन में कार्य करते समय शिक्षक देवेंद्र सिंह के पेट में दर्द होने से वह बेहोश हो गए। साथी शिक्षकों ने अस्पताल में भर्ती कराया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई।
जिले में यूपी बोर्ड के मूल्यांकन कार्य के लिए जीआईसी को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। जिसमें हाईस्कूल की 77 हजार एवं इंटरमीडिएट की 47 हजार कापियां जांची जानी हैं, इनमें से हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान की छह हजार व इंटरमीडिएट जीव विज्ञान की करीब तीन हजार एवं रसायन विज्ञान की 1700 कापियां शेष है। शेष कापियों को जांचने के लिए सामाजिक विज्ञान विषय में दो टोलियां काम कर रही हैं। एक टोली में दस से बारह शिक्षक शामिल रहते हैं। वहीं रसायन विज्ञान में एक और जीव विज्ञान में भी एक टोली काम कर रही है। रविवार को दोपहर में जीव विज्ञान विषय की कापी जांच कर रहा शिक्षक पेट में दर्द होने पर बेहोश हो गया। साथी शिक्षकों ने उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया मामले की सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक वीके दुबे को दी गई। जिस पर वह मौके पर पहुंच गए। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे छुट्टी दे दी गई। साथ ही शिक्षक को मूल्यांकन कार्य से भी अवकाश दे दिया है।
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एक शिक्षक जांचता औसतन 70 कापियां
- एक शिक्षक दिन में सुबह नौ बजे से छह बजे तक औसतन साठ से सत्तर कापियां जांचता है। यदि शिक्षक और तेजी से कार्य करें तो इनकी बढ़कर अस्सी से सौ तक पहुंच जाती है।
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