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मीटर बदलने के नाम पर हो रही उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:08 AM IST
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मीटर बदलने के नाम पर हो रही धोखाधड़ी
ललितपुर।
कसबा तालबेहट क्षेत्र अंतर्गत बिजली विभाग द्वारा मीटर व केबल बदलने के नाम पर लोगों के साथ धोखा किया जा रहा है। विभाग ने मीटर बदलने के लिए एक कंपनी को ठेका दे रखा है। कंपनी व ठेकेदार द्वारा जनता पर खुलेआम अपनी मर्जी चलाई जा रही है, लेकिन बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बिजली चोरी को रोकने के उद्देश्य से बिजली विभाग द्वारा उन मीटरों को बदलने का काम किया जा रहा है, जो मीटर खराब पड़े हुए हैं या फिर चलन से बाहर हो चुके हैं। इन खराब व पुराने मीटरों के स्थान पर नये मीटर लगाए जा रहे हैं। साथ ही जिन घरों में मीटर नहीं है, वहां पर भी नवीन मीटर लगाए जा रहे हैं। यह काम एक निजी संस्था द्वारा कराया जा रहा है। पुराने मीटर के साथ इन तारों को भी हटाया जाना है, जिन तारों में जोड़ लगा हुआ है। जनपद में शासन की मंशा के विपरीत और निजी संस्था के ठेकेदार की मनमर्जी से काम हो रहा है। जनपद के तालबेहट क्षेत्र में नवीन मीटर लगाने और केबल बदलने में काफी मनमर्जी बरती जा रही है। वहीं, दबंगों के घरों से दूरी बनाए हुए हैं, जहां पर चलन से बाहर हो चुके मीटर लगे हुए हैं। इसमें सबसे बड़ा खेल मीटरों के साथ बदले जाने वाले केबल यानी तार में किया जा रहा है। इस दौरान कंपनी के कर्मचारी मीटर के साथ उन तारों को भी बदल रहे हैं जो पूरी तरह से सही हैं। इसके अलावा बदले हुए तारों की लंबाई को कागजों में वास्तविक स्थिति से कई गुना अधिक दर्शाया जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि कनेक्शन में लगने वाले तारों का भुगतान कंपनी को सरकारी धन से किया जाना है। इसमें वह जितने अधिक तारों का व्यय बताएंगे उसी के अनुसार भुगतान दिया जाएगा। इसके अलावा यदि किसी घर की दूरी खंभे से 20 मीटर से अधिक है तो वहां पर तार नहीं बदले जा रहे हैं। तालबेहट के मुहल्ला रानीपुरा में रहने वाले एक व्यक्ति जिसके घर की दूरी खंभे से लगभग 08 मीटर है, जबकि इसके स्थान पर उक्त उपभोक्ता को देने वाली पर्ची में तार की लंबाई 25 मीटर दर्ज की गई है, जो वास्तविक स्थिति से तीन गुना से अधिक है। इलाके में इसी तरह से अन्य अनेकों मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा जब लोगों के द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है, तो कर्मचारी उनके साथ अभद्रता करने लगते हैं। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा खुलेआम मनमर्जी चलाई जा रही है और विभागीय अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। इसके अलावा कंपनी के कर्मचारी मीटर बदलने और जबरन नए तार डालने के साथ-साथ लोगों की पुराने तारों को भी अपने साथ ले जा रहे हैं, जिसको लोगों ने खुद के रुपयों से खरीदकर लगवाया था। अब तक कर्मचारी हजारों मीटर तारों को निकालकर ले गए हैं और इसकी कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है।
लोगों के तारों को भी ले जा रहे साथ
कंप्यूटर नंबरिंग वाला नया मीटर घर के बाहर ही लगा हुआ था, जो चालू हालत में था। साथ ही उनके तार में कहीं पर भी किसी तरह का कट या जोड़ नहीं था। इसके बावजूद भी जबरन उनका मीटर बदल दिया गया है और साथ ही लगभग 32 मीटर तार जबरन ले गए हैं, इसकी कोई रसीद भी नहीं दी गई है।
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-देवी सिंह
दो गुना लिख दिया तार
घर के बाहर लगे नए व चालू मीटर को जबरन बदल दिया है और उसके तार को भी साथ ले गए हैं। इसके अलावा उसके घर के बाहर जो कंपनी के द्वारा नया तार लगाया गया है, उसकी वास्तविक लंबाई मात्र आठ मीटर है, जबकि मीटर सीलिंग रसीद में 16 मीटर लंबा तार दर्शाया गया है। - हरपाल सिंह
कर रहे अभद्रता
मीटर व तार सही होने पर भी जबरन बदला जा रहा है। जब कंपनी के कर्मचारी को ऐसा करने से मना किया तो वह रोब झाड़ने लगे। वह अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं। वहीं मेरे यहां पर मात्र 10 मीटर केबिल लगाई गई है, जबकि सीलिंग रसीद पर 25 मीटर दर्ज किया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए। - रामपाल झा
पहले राउंड में उन कनेक्शन धारकों के मीटर व केबिल बदली जाना है, जिनकी केबिल कटी हुई है मीटर खराब पड़े, या मीटर लगा ही नहीं है। उसके बाद में जिनके मीटर अंदर लगे उनको बदला जाएगा। बाद में चोरी रोकने व सुरक्षा के उद्देश्य से सभी कनेक्शन धारकों की केबिल व मीटर बदले जाएंगे। फर्जी केबिल दर्शाने के मामले की जांच कर की जाएगी।
जेई विनय कुमार साहू
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ललितपुर।
कसबा तालबेहट क्षेत्र अंतर्गत बिजली विभाग द्वारा मीटर व केबल बदलने के नाम पर लोगों के साथ धोखा किया जा रहा है। विभाग ने मीटर बदलने के लिए एक कंपनी को ठेका दे रखा है। कंपनी व ठेकेदार द्वारा जनता पर खुलेआम अपनी मर्जी चलाई जा रही है, लेकिन बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बिजली चोरी को रोकने के उद्देश्य से बिजली विभाग द्वारा उन मीटरों को बदलने का काम किया जा रहा है, जो मीटर खराब पड़े हुए हैं या फिर चलन से बाहर हो चुके हैं। इन खराब व पुराने मीटरों के स्थान पर नये मीटर लगाए जा रहे हैं। साथ ही जिन घरों में मीटर नहीं है, वहां पर भी नवीन मीटर लगाए जा रहे हैं। यह काम एक निजी संस्था द्वारा कराया जा रहा है। पुराने मीटर के साथ इन तारों को भी हटाया जाना है, जिन तारों में जोड़ लगा हुआ है। जनपद में शासन की मंशा के विपरीत और निजी संस्था के ठेकेदार की मनमर्जी से काम हो रहा है। जनपद के तालबेहट क्षेत्र में नवीन मीटर लगाने और केबल बदलने में काफी मनमर्जी बरती जा रही है। वहीं, दबंगों के घरों से दूरी बनाए हुए हैं, जहां पर चलन से बाहर हो चुके मीटर लगे हुए हैं। इसमें सबसे बड़ा खेल मीटरों के साथ बदले जाने वाले केबल यानी तार में किया जा रहा है। इस दौरान कंपनी के कर्मचारी मीटर के साथ उन तारों को भी बदल रहे हैं जो पूरी तरह से सही हैं। इसके अलावा बदले हुए तारों की लंबाई को कागजों में वास्तविक स्थिति से कई गुना अधिक दर्शाया जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि कनेक्शन में लगने वाले तारों का भुगतान कंपनी को सरकारी धन से किया जाना है। इसमें वह जितने अधिक तारों का व्यय बताएंगे उसी के अनुसार भुगतान दिया जाएगा। इसके अलावा यदि किसी घर की दूरी खंभे से 20 मीटर से अधिक है तो वहां पर तार नहीं बदले जा रहे हैं। तालबेहट के मुहल्ला रानीपुरा में रहने वाले एक व्यक्ति जिसके घर की दूरी खंभे से लगभग 08 मीटर है, जबकि इसके स्थान पर उक्त उपभोक्ता को देने वाली पर्ची में तार की लंबाई 25 मीटर दर्ज की गई है, जो वास्तविक स्थिति से तीन गुना से अधिक है। इलाके में इसी तरह से अन्य अनेकों मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा जब लोगों के द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है, तो कर्मचारी उनके साथ अभद्रता करने लगते हैं। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा खुलेआम मनमर्जी चलाई जा रही है और विभागीय अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। इसके अलावा कंपनी के कर्मचारी मीटर बदलने और जबरन नए तार डालने के साथ-साथ लोगों की पुराने तारों को भी अपने साथ ले जा रहे हैं, जिसको लोगों ने खुद के रुपयों से खरीदकर लगवाया था। अब तक कर्मचारी हजारों मीटर तारों को निकालकर ले गए हैं और इसकी कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है।
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लोगों के तारों को भी ले जा रहे साथ
कंप्यूटर नंबरिंग वाला नया मीटर घर के बाहर ही लगा हुआ था, जो चालू हालत में था। साथ ही उनके तार में कहीं पर भी किसी तरह का कट या जोड़ नहीं था। इसके बावजूद भी जबरन उनका मीटर बदल दिया गया है और साथ ही लगभग 32 मीटर तार जबरन ले गए हैं, इसकी कोई रसीद भी नहीं दी गई है।
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-देवी सिंह
दो गुना लिख दिया तार
घर के बाहर लगे नए व चालू मीटर को जबरन बदल दिया है और उसके तार को भी साथ ले गए हैं। इसके अलावा उसके घर के बाहर जो कंपनी के द्वारा नया तार लगाया गया है, उसकी वास्तविक लंबाई मात्र आठ मीटर है, जबकि मीटर सीलिंग रसीद में 16 मीटर लंबा तार दर्शाया गया है। - हरपाल सिंह
कर रहे अभद्रता
मीटर व तार सही होने पर भी जबरन बदला जा रहा है। जब कंपनी के कर्मचारी को ऐसा करने से मना किया तो वह रोब झाड़ने लगे। वह अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं। वहीं मेरे यहां पर मात्र 10 मीटर केबिल लगाई गई है, जबकि सीलिंग रसीद पर 25 मीटर दर्ज किया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए। - रामपाल झा
पहले राउंड में उन कनेक्शन धारकों के मीटर व केबिल बदली जाना है, जिनकी केबिल कटी हुई है मीटर खराब पड़े, या मीटर लगा ही नहीं है। उसके बाद में जिनके मीटर अंदर लगे उनको बदला जाएगा। बाद में चोरी रोकने व सुरक्षा के उद्देश्य से सभी कनेक्शन धारकों की केबिल व मीटर बदले जाएंगे। फर्जी केबिल दर्शाने के मामले की जांच कर की जाएगी।
जेई विनय कुमार साहू