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पौधशाला की लकडी के मामले में कर्मियों के दर्ज होंगे बयान
Updated Wed, 13 Sep 2017 12:53 AM IST
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पौधशाला की लकड़ी के मामले में कर्मियों के दर्ज होंगे बयान
ललितपुर।
गोविंद सागर बांध की तलहटी में स्थित पौधशाला से लकड़ी उठाने के मामले में अब वन रेंज कर्मियों के बयान दर्ज होंगे। इससे पहले नामित अफसर एसडीओ घटना स्थल का जायजा ले चुके हैं। इस मामले की जांच डीएफओ ने एसडीओ ललितपुर को सौंपी है।
इन दिनों वन विभाग में पौधशाला से लकड़ी को पिकअप में लादने का मामला गरमाया हुआ है। विभागीय कर्मियों की नजरें एसडीओ ललितपुर आरके त्रिपाठी की जांच पर टिकी हैं। इस मामले में विभागीय कर्मी भी जानना चाहते हैं कि आखिर किसके इशारे पर पौधशाला से लकड़ी उठवाई जा रही थी? बता दें कि रिटायर वन कर्मचारी मो. कादिर के शिकायती पत्र पर जांच चल रही है। शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया कि विभागीय कर्मियों की संलिप्तता से पौधशाला में रखी लकड़ी को जनपद से बाहर भेजा जा रहा था। जिसकी सूचना लीक होने पर उनके मंसूबों पर पानी फिर गया। इस पूरे मामले में विभागीय कर्मी घिरते दिख रहे हैं। इनमें मुख्य बिंदू यह है कि पौधशाला में आखिर प्राइवेट लोडिंग वाहन कैसे पहुंचा। यदि पौधशाला में लकड़ी एक जगह से दूसरी जगह रखी जा रही थी तो इसमें सरकारी वाहन को क्यो उपयोग में नहीं लिया गया। इसका जवाब विभागीय कर्मियों को जवाब देते नहीं बन रहा है। उधर, जांच अधिकारी एसडीओ आरके त्रिपाठी का कहना है कि घटना स्थल सहित पौधशाला व बगल में स्थित आरामशीन का निरीक्षण कर चुके हैं। अब ललितपुर रेंज से संबंधित कर्मियों के बयान दर्ज किए जाने हैं। इसका सिलसिला कल से ही शुरू हो सकता है। इसमें वन दरोगा कमलापत का भी बयान दर्ज किया जाना है। कर्मचारियों के बयान लेने के उपरांत जांच रिपोर्ट डीएफओ को सौप दी जाएगी।
बुलंदशहर के अफसर ने खरीदें पौधे
बुंदेलखंड में ललितपुर को अति पिछड़े जनपद के रूप में पहचान मिली है। लेकिन, पौधों की उपलब्धता के मामले में अन्य जिलों को पीछे छोड़ दिया है। बुलंदशहर के वन अफसर ललितपुर जिले से विभिन्न प्रजातियों के पौध खरीद रहे हैं। बीते दिनों यह मामला तब प्रकाश में आया जब पौधशाला से लकड़ी को पिकप में लादा गया। धीरे-धीरे इसकी परतें खुली तो पता चला कि बुलंदशहर के एक अफसर के नाम करीब एक हजार पौधे खरीदे गए, जिसकी रसीद काटी गई है। इससे पहले तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थी।
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ललितपुर।
गोविंद सागर बांध की तलहटी में स्थित पौधशाला से लकड़ी उठाने के मामले में अब वन रेंज कर्मियों के बयान दर्ज होंगे। इससे पहले नामित अफसर एसडीओ घटना स्थल का जायजा ले चुके हैं। इस मामले की जांच डीएफओ ने एसडीओ ललितपुर को सौंपी है।
इन दिनों वन विभाग में पौधशाला से लकड़ी को पिकअप में लादने का मामला गरमाया हुआ है। विभागीय कर्मियों की नजरें एसडीओ ललितपुर आरके त्रिपाठी की जांच पर टिकी हैं। इस मामले में विभागीय कर्मी भी जानना चाहते हैं कि आखिर किसके इशारे पर पौधशाला से लकड़ी उठवाई जा रही थी? बता दें कि रिटायर वन कर्मचारी मो. कादिर के शिकायती पत्र पर जांच चल रही है। शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया कि विभागीय कर्मियों की संलिप्तता से पौधशाला में रखी लकड़ी को जनपद से बाहर भेजा जा रहा था। जिसकी सूचना लीक होने पर उनके मंसूबों पर पानी फिर गया। इस पूरे मामले में विभागीय कर्मी घिरते दिख रहे हैं। इनमें मुख्य बिंदू यह है कि पौधशाला में आखिर प्राइवेट लोडिंग वाहन कैसे पहुंचा। यदि पौधशाला में लकड़ी एक जगह से दूसरी जगह रखी जा रही थी तो इसमें सरकारी वाहन को क्यो उपयोग में नहीं लिया गया। इसका जवाब विभागीय कर्मियों को जवाब देते नहीं बन रहा है। उधर, जांच अधिकारी एसडीओ आरके त्रिपाठी का कहना है कि घटना स्थल सहित पौधशाला व बगल में स्थित आरामशीन का निरीक्षण कर चुके हैं। अब ललितपुर रेंज से संबंधित कर्मियों के बयान दर्ज किए जाने हैं। इसका सिलसिला कल से ही शुरू हो सकता है। इसमें वन दरोगा कमलापत का भी बयान दर्ज किया जाना है। कर्मचारियों के बयान लेने के उपरांत जांच रिपोर्ट डीएफओ को सौप दी जाएगी।
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बुलंदशहर के अफसर ने खरीदें पौधे
बुंदेलखंड में ललितपुर को अति पिछड़े जनपद के रूप में पहचान मिली है। लेकिन, पौधों की उपलब्धता के मामले में अन्य जिलों को पीछे छोड़ दिया है। बुलंदशहर के वन अफसर ललितपुर जिले से विभिन्न प्रजातियों के पौध खरीद रहे हैं। बीते दिनों यह मामला तब प्रकाश में आया जब पौधशाला से लकड़ी को पिकप में लादा गया। धीरे-धीरे इसकी परतें खुली तो पता चला कि बुलंदशहर के एक अफसर के नाम करीब एक हजार पौधे खरीदे गए, जिसकी रसीद काटी गई है। इससे पहले तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थी।
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