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भालू की खोज को पारौल के जंगलों में की कांबिंग
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भालू की खोज को पारौल के जंगलों में की कांबिंग
डोंगरा खुर्द/अर्जुन खिरिया (ललितपुर)। तहसील पाली अंतर्गत ग्राम पारौल के जंगलों में गत दो दिवसों में भालू के हमले में एक व्यक्ति की मौत और चार लोग घायल हो गए थे। इसके बाद अब वन विभाग सक्रिय हो गया है और सोमवार को ग्राम पारौल में प्रधान प्रतिनिधि चंदन सिंह की अध्यक्षता में मानव वन्य जीव संघर्ष रोकने के लिए ग्रामीणों के साथ एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। इसमें भालू से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश ग्रामीणों को दिए।
क्षेत्रीय वन अधिकारी आरके शाही ने ग्रामवासियों को मानव वन्य जीव के संघर्ष के संबंध में बताया कि ग्राम या मकान मनुष्य के निवास के लिए होता है। इसी प्रकार जंगल जंगली जानवरों के निवास के लिए होता है। जंगल में भालू एवं हिंसक जानवर स्थायी रूप से एक जगह नहीं रहते। वे जंगल में इधर-उधर घूमते रहते हैं। दो-चार दिन में स्वत: ही भालू कहीं और चल जाएगा। इसकी बंचिंग देख-रेख वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। साथ ही उच्च अधिकारियों को अवगत कराकर भालू को पकड़ने की व्यवस्था की जा रही है। जब तक कोई भी ग्रामीण अपनी जान जोखिम में न डालें और जंगल की तरफ न जाएं। वन विभाग की टीम भालू को पकड़ने के लिए रात दिन एक किए हुए हैं और जंगल में पांडवन से घटना स्थल, भान टोरिया जमुन झिर, बरगुल्ला, मुंडी की खदान, बड़ी खदान से होते हुए मध्य प्रदेश सीमा से इमला भाटा अमझरा घाटी संपूर्ण वन क्षेत्रों में गस्त किया जा रहा है। रात्रि में आतिशबाजी, सुतली बम एवं तेज आवाज के पटाखों का विस्फोट किया गया और ग्राम पारोल एवं आस पास के क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवो में लाउडस्पीकर लगाकर आगाह कराया गया कि कोई भी व्यक्ति जंगल मे न जाए। बताया कि उन्होंने अपना मोबाइल नंबर लगभग सभी लोगों को दे दिया है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि यदि भालू खेतों की तरफ आता है तो उसके साथ छेड़खानी बिल्कुल भी न करें, तत्काल इसकी सूचना उन्हें दें। वन विभाग की टीम में सेक्सन ऑफिसर नवल कुमार, वीट प्रभारी सतेंद्र सचान, वीरेंद्र कुमार, वेद प्रकाश, जगत सिंह, मेघराज, जगतपाल की टीम रही।
ग्रामीणों में बना दहशत का माहौल
भालू के डर से श्रद्धालु तपोभूमि पांडव वन जाने से भयभीत हैं कि कहीं भालू उन पर आक्रमण न कर दे। चरवाहों व किसानों में भय का माहौल बना हुआ है। विगत चार दिन पहले भालू ने तीन लोगों पर हमला किया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बीते दिन भी भालू ने दो लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था। जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है
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भटके हुये खूंख्वार जंगली भालू को भगाने के लिए अधिकारियों एवं गांव वालों के साथ बराबर बैठकें चल रही हैं। आज भी भालू को कई जगह खोजा गया। वह तो नहीं मिला। कुछ चरवाहे जानवरों के साथ मिले, जिस पर उन्हें चेतावनी देकर जंगल से बाहर हटवाया गया है।
- आरके शाही, वनक्षेत्रधिकारी, गौना।
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डोंगरा खुर्द/अर्जुन खिरिया (ललितपुर)। तहसील पाली अंतर्गत ग्राम पारौल के जंगलों में गत दो दिवसों में भालू के हमले में एक व्यक्ति की मौत और चार लोग घायल हो गए थे। इसके बाद अब वन विभाग सक्रिय हो गया है और सोमवार को ग्राम पारौल में प्रधान प्रतिनिधि चंदन सिंह की अध्यक्षता में मानव वन्य जीव संघर्ष रोकने के लिए ग्रामीणों के साथ एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। इसमें भालू से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश ग्रामीणों को दिए।
क्षेत्रीय वन अधिकारी आरके शाही ने ग्रामवासियों को मानव वन्य जीव के संघर्ष के संबंध में बताया कि ग्राम या मकान मनुष्य के निवास के लिए होता है। इसी प्रकार जंगल जंगली जानवरों के निवास के लिए होता है। जंगल में भालू एवं हिंसक जानवर स्थायी रूप से एक जगह नहीं रहते। वे जंगल में इधर-उधर घूमते रहते हैं। दो-चार दिन में स्वत: ही भालू कहीं और चल जाएगा। इसकी बंचिंग देख-रेख वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। साथ ही उच्च अधिकारियों को अवगत कराकर भालू को पकड़ने की व्यवस्था की जा रही है। जब तक कोई भी ग्रामीण अपनी जान जोखिम में न डालें और जंगल की तरफ न जाएं। वन विभाग की टीम भालू को पकड़ने के लिए रात दिन एक किए हुए हैं और जंगल में पांडवन से घटना स्थल, भान टोरिया जमुन झिर, बरगुल्ला, मुंडी की खदान, बड़ी खदान से होते हुए मध्य प्रदेश सीमा से इमला भाटा अमझरा घाटी संपूर्ण वन क्षेत्रों में गस्त किया जा रहा है। रात्रि में आतिशबाजी, सुतली बम एवं तेज आवाज के पटाखों का विस्फोट किया गया और ग्राम पारोल एवं आस पास के क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवो में लाउडस्पीकर लगाकर आगाह कराया गया कि कोई भी व्यक्ति जंगल मे न जाए। बताया कि उन्होंने अपना मोबाइल नंबर लगभग सभी लोगों को दे दिया है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि यदि भालू खेतों की तरफ आता है तो उसके साथ छेड़खानी बिल्कुल भी न करें, तत्काल इसकी सूचना उन्हें दें। वन विभाग की टीम में सेक्सन ऑफिसर नवल कुमार, वीट प्रभारी सतेंद्र सचान, वीरेंद्र कुमार, वेद प्रकाश, जगत सिंह, मेघराज, जगतपाल की टीम रही।
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ग्रामीणों में बना दहशत का माहौल
भालू के डर से श्रद्धालु तपोभूमि पांडव वन जाने से भयभीत हैं कि कहीं भालू उन पर आक्रमण न कर दे। चरवाहों व किसानों में भय का माहौल बना हुआ है। विगत चार दिन पहले भालू ने तीन लोगों पर हमला किया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बीते दिन भी भालू ने दो लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था। जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है
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भटके हुये खूंख्वार जंगली भालू को भगाने के लिए अधिकारियों एवं गांव वालों के साथ बराबर बैठकें चल रही हैं। आज भी भालू को कई जगह खोजा गया। वह तो नहीं मिला। कुछ चरवाहे जानवरों के साथ मिले, जिस पर उन्हें चेतावनी देकर जंगल से बाहर हटवाया गया है।
- आरके शाही, वनक्षेत्रधिकारी, गौना।