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सिटीजन चार्टर लागू कर रोका जाए भ्रष्टाचार व शिक्षकों का शोषण
Updated Fri, 29 Jun 2018 02:16 AM IST
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सिटीजन चार्टर लागू कर रोका जाए भ्रष्टाचार व शिक्षकों का शोषण
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिला बेसिक शिक्षा विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार व शिक्षकों के शोषण को रोकने के लिए सिटीजन चार्टर लागू कराने की मांग की है। महासंघ का आरोप है कि अवकाश स्वीकृति व समस्याओं के निस्तारण के नाम पर विभाग में अवैध वसूली व शोषण किया जाता है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि जिला बेसिक शिक्षा विभाग में फैले भ्रष्टाचार और शिक्षकों के हो रहे शोषण को रोकने के लिए भारत व प्रदेश सरकार जनहित गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सिटीजन चार्ट लागू किया जाए।
उन्होंने बताया कि विभाग में मातृत्व अवकाश स्वीकृत, बाल्य देखभाल अवकाश स्वीकृत, जीपीएफ ऋण स्वीकृत, सेवा पंजिका निर्माण, शिक्षकों का वेतन भुगतान, वेतन अवशेष भुगतान, अनुदेशकों व शिक्षामित्रों का मानदेय भुगतान, शिकायती पत्रों का निस्तारण, जांच आख्याओं का निस्तारण, चिकित्सीय अवकाश स्वीकृत, निलंबन बहाली आदि में भ्रष्टाचार के चलते शिक्षकों का निजलाभार्थ अत्यधिक शोषण किया जाता है। इसके साथ ही महीनों पत्रावलियां कार्यालयों में लंबित रखी जाती है। बाद की विधियों में प्राप्त प्रार्थना पत्रों का निस्तारण पहले किया जाता है व पहले की तिथियों में प्राप्त प्रार्थना पत्र मनमर्जी से निज लाभार्थ महीनों लंबित रखे जाते हैं। आरोप है कि इससे विभाग में खुलेआम भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। संगठन ने डीएम से मांग की है कि सिटीजन चार्टर लागू होने से भ्रष्टाचार व शिक्षकों शोषण पर कुछ अंकुश लग सकेगा। उन्होंने सिटीजन चार्टर लागू कराने की मांग की है। इस दौरान मुख्य रूप से मंडलाध्यक्ष अरविंद कुमार तिवारी, जिलाध्यक्ष रविकांत ताम्रकार, हरभजन सिंह सिसौदिया, कैलाश चंद्र राणा, महेंद्र साहू, अंबरीष विश्वकर्मा, उमाशंकर राठौर, अंशु नामदेव, बालकिशन, वीरसिंह कुशवाहा, शंकरलाल सैन, दशरथ प्रसाद, देशभवत चतुर्वेदी, वीरेंद्र रजक उपस्थित रहे।
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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिला बेसिक शिक्षा विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार व शिक्षकों के शोषण को रोकने के लिए सिटीजन चार्टर लागू कराने की मांग की है। महासंघ का आरोप है कि अवकाश स्वीकृति व समस्याओं के निस्तारण के नाम पर विभाग में अवैध वसूली व शोषण किया जाता है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि जिला बेसिक शिक्षा विभाग में फैले भ्रष्टाचार और शिक्षकों के हो रहे शोषण को रोकने के लिए भारत व प्रदेश सरकार जनहित गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सिटीजन चार्ट लागू किया जाए।
उन्होंने बताया कि विभाग में मातृत्व अवकाश स्वीकृत, बाल्य देखभाल अवकाश स्वीकृत, जीपीएफ ऋण स्वीकृत, सेवा पंजिका निर्माण, शिक्षकों का वेतन भुगतान, वेतन अवशेष भुगतान, अनुदेशकों व शिक्षामित्रों का मानदेय भुगतान, शिकायती पत्रों का निस्तारण, जांच आख्याओं का निस्तारण, चिकित्सीय अवकाश स्वीकृत, निलंबन बहाली आदि में भ्रष्टाचार के चलते शिक्षकों का निजलाभार्थ अत्यधिक शोषण किया जाता है। इसके साथ ही महीनों पत्रावलियां कार्यालयों में लंबित रखी जाती है। बाद की विधियों में प्राप्त प्रार्थना पत्रों का निस्तारण पहले किया जाता है व पहले की तिथियों में प्राप्त प्रार्थना पत्र मनमर्जी से निज लाभार्थ महीनों लंबित रखे जाते हैं। आरोप है कि इससे विभाग में खुलेआम भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। संगठन ने डीएम से मांग की है कि सिटीजन चार्टर लागू होने से भ्रष्टाचार व शिक्षकों शोषण पर कुछ अंकुश लग सकेगा। उन्होंने सिटीजन चार्टर लागू कराने की मांग की है। इस दौरान मुख्य रूप से मंडलाध्यक्ष अरविंद कुमार तिवारी, जिलाध्यक्ष रविकांत ताम्रकार, हरभजन सिंह सिसौदिया, कैलाश चंद्र राणा, महेंद्र साहू, अंबरीष विश्वकर्मा, उमाशंकर राठौर, अंशु नामदेव, बालकिशन, वीरसिंह कुशवाहा, शंकरलाल सैन, दशरथ प्रसाद, देशभवत चतुर्वेदी, वीरेंद्र रजक उपस्थित रहे।
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