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बिजली: ग्रामीण क्षेत्रों में चुनौती बना बिजली चोरी रोकना
Updated Tue, 10 Apr 2018 02:08 AM IST
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ग्रामीण क्षेत्रों में चुनौती बना बिजली चोरी रोकना
सुरक्षा के अभाव में अभियान में नहीं मिल पाती पर्याप्त सफलता
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी रोकना बिजली विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। गत माह ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में ललितपुर में 52.89 फीसदी लाइनलॉस पाया गया, जिस पर ऊर्जा विभाग के अधिकारियों द्वारा जनपद के अधिकारियों को बिजली चोरी रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। जबकि कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं, जहां 60 फीसदी से भी अधिक बिजली चोरी हो रही है, जैसा कि गत तीन महीनों पूर्व चलाए गए विद्युत अभियानों में चोरी के मामले में करीब छह सौ से अधिक एफआईआर दर्ज कराई गई हैं।
जनपद को 14 विद्युत सब स्टेशनों के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति कर हर घर और प्रतिष्ठान को रोशन किया जाता है। उपभोक्ताओं द्वारा हर माह भरपूर बिजली का उपभोग किया जाता है, जिसके हिसाब से विद्युत विभाग द्वारा उन उपभोक्ताओं को विद्युत बिल जारी किए जाते हैं। जनपद में करीब 80 हजार उपभोक्ता हैं, जिनको विद्युत उपभोग पर बिल बनाकर दिए जा रहे हैं, लेकिन जब विद्युत वसूली की बात या फिर विद्युत उपभोग के प्रकार की बात आती है तो सबसे अधिक ज्यादा विद्युत उपभोग करने वाले उपभोक्ता ही बकाया अदा नहीं करते हैं और वहीं सबसे ज्यादा बिजली चोरी में लिप्त पाए जाते हैं, जबकि नियमित रुप से बिल अदा करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या का प्रतिशत भी मुश्किल से चालीस फीसदी से भी कम बताया जा रहा है। विद्युत विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत टाउन व तहसील क्षेत्रों में तो बहुत हद तक बिजली चोरी रोकने के लिए इलैक्ट्रॉनिक मीटर लगाने के साथ ही बंच केबल भी बिछाई गई है। जिसके चलते इन क्षेत्रों तालबेहट, पाली, महरौनी में बिजली चोरी को नियंत्रण किया गया है। वहीं शहर में भी बिजली चोरी पर बहुत हद तक नियंत्रण पा लिया गया है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर सड़क से काफी अंदर वाले क्षेत्रों में बिजली चोरी अधिक हो रही है। तालबेहट विद्युत सब स्टेशन अंतर्गत पूराकलां क्षेत्र में जहां राजस्व वसूली भी कम है तो वहीं यहां के आसपास के इलाकों में बिजली चोरी भी खूब हो रही है। जबकि तालबेहट के अंतर्गत और भी कई क्षेत्रों में जमकर बिजली चोरी हो रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां गत तीन महीने में ही करीब 180 से अधिक बिजली चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। इसी प्रकार महरौनी क्षेत्र अंतर्गत सजमाम बांध रोड पर पठा विजयपुरा तक पड़ने वाले अधिकांश गांवों में तो रोज शाम को खुले आम ग्रामीणों द्वारा कटिया डालकर बिजली चोरी की जाती है। मड़ावरा, नाराहट, मदनपुर क्षेत्रों में भी ऐसा ही हाल हैं, जहां विद्युत कर्मचारी फाल्ट ठीक करने तो जाते हैं, लेकिन बिजली चोरी रोकने की हिम्मत नहीं कर पाते हैं। महरौनी विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत भी कई दर्जनों ग्रामीण क्षेत्र हैं, जहां बिजली चोरी के साथ ही सत्तर प्रतिशत तक ग्रामीणों पर विद्युत बकाया है और बिजली चोरी भी खूब हो रही है।
सौभाग्य से रोकी बिजली चोरी
शासन द्वारा कटिया कनेक्शनों की प्रथा खत्म करने के उद्देश्य से चलाई जा रही सौभाग्य योजना के तहत हर गरीब को निशुल्क विद्युत कनेक्शन मुहैया कराया जा रहा है। पूरे सौभाग्य योजना के अंतर्गत अब तक करीब साढ़े चार हजार से अधिक विद्युत कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि सौभाग्य योजना में दिए जा रहे कनेक्शनों ने कटिया से बिजली चोरी में काफी हद तक अंकुश लगा दिया है। मड़ावरा क्षेत्र के अंतर्गत कुछ ऐसे ही गांव मैनवार, कुसमाड़, गौना, मड़ावरा, गिरार में हर शिविर में लगभग 60 से 70 या इससे भी अधिक कनेक्शन हुए हैं, जबकि इनमें अधिकांश लोग बिजली का उपभोग करते रहे हैं।
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बिजली चोरी रोकने के लिए जनपद में विद्युत अभियान और मीटर बदलने का कार्य किया जा रहा है, विद्युत अभियानों में लगातार एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं। बिजली चोरी रोकने का दायित्व विद्युत विभाग के साथ ही समाज के सभी लोगों का दायित्व हैं और इसके लिए समाज को भी आगे आना चाहिए।
पीआर सिंह, अधीक्षण अभियंता।
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सुरक्षा के अभाव में अभियान में नहीं मिल पाती पर्याप्त सफलता
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी रोकना बिजली विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। गत माह ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में ललितपुर में 52.89 फीसदी लाइनलॉस पाया गया, जिस पर ऊर्जा विभाग के अधिकारियों द्वारा जनपद के अधिकारियों को बिजली चोरी रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। जबकि कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं, जहां 60 फीसदी से भी अधिक बिजली चोरी हो रही है, जैसा कि गत तीन महीनों पूर्व चलाए गए विद्युत अभियानों में चोरी के मामले में करीब छह सौ से अधिक एफआईआर दर्ज कराई गई हैं।
जनपद को 14 विद्युत सब स्टेशनों के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति कर हर घर और प्रतिष्ठान को रोशन किया जाता है। उपभोक्ताओं द्वारा हर माह भरपूर बिजली का उपभोग किया जाता है, जिसके हिसाब से विद्युत विभाग द्वारा उन उपभोक्ताओं को विद्युत बिल जारी किए जाते हैं। जनपद में करीब 80 हजार उपभोक्ता हैं, जिनको विद्युत उपभोग पर बिल बनाकर दिए जा रहे हैं, लेकिन जब विद्युत वसूली की बात या फिर विद्युत उपभोग के प्रकार की बात आती है तो सबसे अधिक ज्यादा विद्युत उपभोग करने वाले उपभोक्ता ही बकाया अदा नहीं करते हैं और वहीं सबसे ज्यादा बिजली चोरी में लिप्त पाए जाते हैं, जबकि नियमित रुप से बिल अदा करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या का प्रतिशत भी मुश्किल से चालीस फीसदी से भी कम बताया जा रहा है। विद्युत विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत टाउन व तहसील क्षेत्रों में तो बहुत हद तक बिजली चोरी रोकने के लिए इलैक्ट्रॉनिक मीटर लगाने के साथ ही बंच केबल भी बिछाई गई है। जिसके चलते इन क्षेत्रों तालबेहट, पाली, महरौनी में बिजली चोरी को नियंत्रण किया गया है। वहीं शहर में भी बिजली चोरी पर बहुत हद तक नियंत्रण पा लिया गया है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर सड़क से काफी अंदर वाले क्षेत्रों में बिजली चोरी अधिक हो रही है। तालबेहट विद्युत सब स्टेशन अंतर्गत पूराकलां क्षेत्र में जहां राजस्व वसूली भी कम है तो वहीं यहां के आसपास के इलाकों में बिजली चोरी भी खूब हो रही है। जबकि तालबेहट के अंतर्गत और भी कई क्षेत्रों में जमकर बिजली चोरी हो रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां गत तीन महीने में ही करीब 180 से अधिक बिजली चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। इसी प्रकार महरौनी क्षेत्र अंतर्गत सजमाम बांध रोड पर पठा विजयपुरा तक पड़ने वाले अधिकांश गांवों में तो रोज शाम को खुले आम ग्रामीणों द्वारा कटिया डालकर बिजली चोरी की जाती है। मड़ावरा, नाराहट, मदनपुर क्षेत्रों में भी ऐसा ही हाल हैं, जहां विद्युत कर्मचारी फाल्ट ठीक करने तो जाते हैं, लेकिन बिजली चोरी रोकने की हिम्मत नहीं कर पाते हैं। महरौनी विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत भी कई दर्जनों ग्रामीण क्षेत्र हैं, जहां बिजली चोरी के साथ ही सत्तर प्रतिशत तक ग्रामीणों पर विद्युत बकाया है और बिजली चोरी भी खूब हो रही है।
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सौभाग्य से रोकी बिजली चोरी
शासन द्वारा कटिया कनेक्शनों की प्रथा खत्म करने के उद्देश्य से चलाई जा रही सौभाग्य योजना के तहत हर गरीब को निशुल्क विद्युत कनेक्शन मुहैया कराया जा रहा है। पूरे सौभाग्य योजना के अंतर्गत अब तक करीब साढ़े चार हजार से अधिक विद्युत कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि सौभाग्य योजना में दिए जा रहे कनेक्शनों ने कटिया से बिजली चोरी में काफी हद तक अंकुश लगा दिया है। मड़ावरा क्षेत्र के अंतर्गत कुछ ऐसे ही गांव मैनवार, कुसमाड़, गौना, मड़ावरा, गिरार में हर शिविर में लगभग 60 से 70 या इससे भी अधिक कनेक्शन हुए हैं, जबकि इनमें अधिकांश लोग बिजली का उपभोग करते रहे हैं।
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बिजली चोरी रोकने के लिए जनपद में विद्युत अभियान और मीटर बदलने का कार्य किया जा रहा है, विद्युत अभियानों में लगातार एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं। बिजली चोरी रोकने का दायित्व विद्युत विभाग के साथ ही समाज के सभी लोगों का दायित्व हैं और इसके लिए समाज को भी आगे आना चाहिए।
पीआर सिंह, अधीक्षण अभियंता।