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ऋण माफी नहीं होने पर राष्ट्रपति से मांगी इच्छाम़ृत्यु
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:33 AM IST
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ऋण माफी नहीं होने पर राष्ट्रपति से मांगी इच्छा म़ृत्यु
ललितपुर।
दो एकड़ जमीन पर खेतीबाड़ी को लिया गया ऋण माफ नहीं होने पर बुढ़वार गांव के निवासी एक किसान ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु मांगी है। पीड़ित ने अपनी किडनी बेचकर कर ऋण चुकाने का विकल्प भी रखा है।
जिले के ग्राम बुढ़वार निवासी सुरेश कुमार पुत्र दयाराम ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर बताया है कि उसके पास सहखाते के साथ मिलाकर कुल दो एकड़ कृषि भूमि है। उसने सर्वयूपी ग्रामीण बैंक की बुढ़वार शाखा से वर्ष 2013 में 80 हजार रुपये ऋण लिया था। कर्जमाफी योजना के दौरान बैंक द्वारा उसके खाते में पहले उसे लाभार्थी शून्य दर्शा दिया गया, जिसके चलते उसे ऋण माफी योजना का लाभ नहीं मिल सका। इसके बाद ऋण माफी योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत करने पर बैंक द्वारा 9 नबंवर 2017 को उसे एक लाख 12 हजार 567 रुपये बैंक ऋण जमा करने का नोटिस थमा दिया। उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के तहत उसे कृषि ऋण माफी के लिए शासन प्रशासन को कई प्रार्थना पत्र देने के उपरांत भी उसका ऋण माफ नहीं किया गया है। इसके चलते वह और उसका परिवार भुखमरी की कगार पर आ गया है और ऋण माफी नहीं होने एवं कृषि ऋण अदायगी का नोटिस बैंक द्वारा दिए जाने से काफी दुखी है। ऐसी स्थिति में वह और उसका परिवार कृषि ऋण अदायगी करने में भी असमर्थ है। इसके लिए उसने राष्ट्रपति से किसान ऋण माफी योजना में पात्र होने की स्थिति में कृषि ऋण माफ करने की मांग की है। यदि उसका कृषि ऋण माफी नहीं होता है तो उसके द्वारा ऋण भुगतान के लिए उसके किडनी का विक्रय करा दिया जाए ताकि वह कृषि ऋण अदा कर सके। यदि ऐसा भी नहीं किया जाता है तो उसे इच्छा मृत्यु की इजाजत दी जाए। पीड़ित किसान ने चेतावनी दी है कि यदि फिर भी उसके पक्ष में कोई संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता है तो वह 26 जनवरी 2018 को आत्महत्या कर लेगा।
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ललितपुर।
दो एकड़ जमीन पर खेतीबाड़ी को लिया गया ऋण माफ नहीं होने पर बुढ़वार गांव के निवासी एक किसान ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु मांगी है। पीड़ित ने अपनी किडनी बेचकर कर ऋण चुकाने का विकल्प भी रखा है।
जिले के ग्राम बुढ़वार निवासी सुरेश कुमार पुत्र दयाराम ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर बताया है कि उसके पास सहखाते के साथ मिलाकर कुल दो एकड़ कृषि भूमि है। उसने सर्वयूपी ग्रामीण बैंक की बुढ़वार शाखा से वर्ष 2013 में 80 हजार रुपये ऋण लिया था। कर्जमाफी योजना के दौरान बैंक द्वारा उसके खाते में पहले उसे लाभार्थी शून्य दर्शा दिया गया, जिसके चलते उसे ऋण माफी योजना का लाभ नहीं मिल सका। इसके बाद ऋण माफी योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत करने पर बैंक द्वारा 9 नबंवर 2017 को उसे एक लाख 12 हजार 567 रुपये बैंक ऋण जमा करने का नोटिस थमा दिया। उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के तहत उसे कृषि ऋण माफी के लिए शासन प्रशासन को कई प्रार्थना पत्र देने के उपरांत भी उसका ऋण माफ नहीं किया गया है। इसके चलते वह और उसका परिवार भुखमरी की कगार पर आ गया है और ऋण माफी नहीं होने एवं कृषि ऋण अदायगी का नोटिस बैंक द्वारा दिए जाने से काफी दुखी है। ऐसी स्थिति में वह और उसका परिवार कृषि ऋण अदायगी करने में भी असमर्थ है। इसके लिए उसने राष्ट्रपति से किसान ऋण माफी योजना में पात्र होने की स्थिति में कृषि ऋण माफ करने की मांग की है। यदि उसका कृषि ऋण माफी नहीं होता है तो उसके द्वारा ऋण भुगतान के लिए उसके किडनी का विक्रय करा दिया जाए ताकि वह कृषि ऋण अदा कर सके। यदि ऐसा भी नहीं किया जाता है तो उसे इच्छा मृत्यु की इजाजत दी जाए। पीड़ित किसान ने चेतावनी दी है कि यदि फिर भी उसके पक्ष में कोई संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता है तो वह 26 जनवरी 2018 को आत्महत्या कर लेगा।
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