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जिले में प्राचीन पुरासंपदाओं की सुरक्षा खतरे में, चोरों की नजर
Updated Sat, 07 Oct 2017 01:15 AM IST
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पुरा संपदा चोरों के निशाने पर
ललितपुर। जिले में बेशकीमती प्राचीन संपदा वर्षों से चोरों के निशाने पर है। गुप्तकालीन व चंदेलकालीन प्राचीन मूर्तियां जगह-जगह बिखरी पड़ी हैं, लेकिन सुरक्षा ढांचा मजबूत न होने के कारण आए दिन प्रतिमाएं चोरी हो रहीं हैं। सुरक्षा के नाम पर पुरातत्व विभाग द्वारा यहां चौकीदार तक तैनात नहीं किया गया है, सिर्फ चेतावनी बोर्ड लगे हुए हैं। बृहस्पतिवार को भोपाल एसटीएफ टीम ने दो मूर्ति चोरों को गिरफ्तार किया है, इसमें ललितपुर और झांसी से प्राचीन मूर्तियां चोरी होने की बात सामने आ रही है, इस मामले के खुलासे के बाद वर्षों पहले ललितपुर से चोरी र्हुइं मूर्तियों के बरामद होने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है।
ललितपुर जिले में तालबेहट, बानपुर, बालाबेहट, देवगढ़, रणछोरधाम, पवागिरी, सिंरौनजी, दूधई, चांदपुर, जहाजपुर पाली में प्राचीन मूर्तियां हैं। इन स्थानों से वर्षों पहले जो प्राचीन मूर्तियां चोरी हुई, उनका आज तक पता नहीं चल सका है। जंगली क्षेत्र में असुरक्षित बिखरी पड़ी इस पुरा संपदा पर हर समय चोरों की नजर में रहती है तथा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण चोर इन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में ले जाने में सफल हो जाते हैं।
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वर्ष 1989 में जाखलौन स्थित रणछोड़ मंदिर से बारह सौ वर्ष पुरानी भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और सुभद्रा की पाषाण प्रतिमाएं चोरी हो गईं थीं। इसी तरह देवगढ़ मंदिर से वर्ष 1992 में आठ सौ वर्ष पुरानी पाषाण प्रतिमा चोरी हो गई थी, इसे चोरों ने तीन हिस्सों में काट दिया था, हालांकि देवगढ़ की इस प्रतिमा को पुलिस ने बरामद कर लिया था और न्यायालय से इस मामले में तीन वर्ष पूर्व दो अभियुक्तों को सजा भी हो चुकी है।
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इन मंदिरों से चुराई गईं प्राचीन मूर्तियां
वर्ष 1993 में ग्राम चिगलौआ से भगवान विष्णु व कार्तिकेय की एक हजार वर्ष पुरानी मूर्ति ।
2007 में अटा मंदिर से जैन तीर्थंकर की मूर्तियां।
2007 में ग्राम चिगलौआ की मूर्तियां दोबारा चोरी।
2008 में पाली से प्राचीन दूल्हा राजा की पाषाण प्रतिमा।
2009 में बार के चंदेलकालीन जैन मंदिर से शांतिनाथ, आदिनाथ व भगवान महावीर की धातु निर्मित मूर्तियां ।
2009 में ही ग्राम गिरवां में रामजानकी मंदिर से अष्टधातु की सात मूर्तियां चोरी, इसमें राम, सीता, लक्ष्मण, नृसिंह और बाल गोपाल की मूर्तियां शामिल थीं।
वर्ष 2010 देवगढ़ क्षेत्र से यक्षी लक्ष्मी की प्राचीन पाषण प्रतिमा।
2010 में बानपुर जैन मंदिर से जैन आराध्य देवों की प्रतिमाएं ।
2011 में सौजना स्थित जैन मंदिर से जैन आराध्य देवों की प्रतिमाएं ।
2016 में शहर के तुलसीदास बाबा घाट मंदिर से अष्टधातु की राम दरबार की मूर्तियां ।
2017 में ही ग्राम गिरार में स्थित रामराजा सरकार मंदिर से राम दरबार की अष्टधातु की प्रतिमाएं।
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बड़े मंदिरों पर है पुलिस व्यवस्था
जिले के बड़े मंदिरों पर सुरक्षा के लिए पुलिस व्यवस्था है, जबकि जंगल में स्थित प्राचीन मंदिरों में पुरातत्व विभाग द्वारा गार्ड लगाए जाते हैं।
अवधेश कुमार विजेता
अपर पुलिस अधीक्षक
ललितपुर।