फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Could not catch Jatayu here...Preparations to send him from Chitrakoot to Gorakhpur

Lalitpur News: नहीं पकड़ सके यहां के जटायु...चित्रकूट से गोरखपुर भेजने की तैयारी

Sat, 13 Apr 2024 01:20 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2024 01:20 AM IST
विज्ञापन
Could not catch Jatayu here...Preparations to send him from Chitrakoot to Gorakhpur
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। बेतवा नदी के किनारे गिद्धों (जटायु) के आवास हैं। यहां करीब तीन दर्जन कॉलोनियां बनी हुई हैं, जिसमें किंग बिल्ड व लांग बिल्ड प्रजाति के अलावा लोकर सफेद गिद्ध निवास करते हैं। गोरखपुर में किंग बिल्ड प्रजाति को विकसित करने के लिए जनपद से गिद्ध भेजने की कार्ययोजना तैयार की गई थी। इसके लिए गोरखपुर वन्य जीव बिहार के कर्मचारी जनपद आए भी थे, लेकिन वह यहां मौजूद किंग प्रजाति के गिद्ध को नहीं पकड़ पाए। इसके बाद फिर चित्रकूट से इस प्रजाति के गिद्धों को भेजने का निर्णय लिया गया है।
देवगढ़ के जंगलों में बेतवा नदी किनारे गिद्धों के प्राकृतिक आवास हैं। महावीर वन्य जीव बिहार प्रभाग मिर्जापुर की देखरेख में ये गिद्ध रहते हैं। यहां गिद्धों की करीब तीन दर्जन कॉलोनियां हैं, जहां वह निवास करते हैं। 130 से अधिक आवासों में किंग बिल्ड, लांग बिल्ड व सफेद प्रजाति के गिद्ध रहते है। किंग बिल्ड गिद्धों की प्रजाति काफी दुर्लभ है। इसे आम बोलचाल की भाषा में जटायु भी कहा जाता है। गोरखपुर में इस प्रजाति को बढ़ाने के लिए जनपद से गिद्ध पहुंचाने की कार्ययोजना शासन ने तैयार की थी। लेकिन वह इन्हें पकड़ने में नाकाम रहे, जिसके चलते फिर चित्रकूट से इन्हें ले जाना तय हुआ। जटायु प्रजाति के गिद्ध खतरे को भांप लेते हैं, इसलिए अपना स्थान बदलते रहते हैं। देवगढ़ के जंगलों में आधा दर्जन से अधिक इस प्रजाति के गिद्ध हैं। इसके अलावा अन्य वन्य जीवों की प्रजाति भी यहां मौजूद है।
विज्ञापन

------------------
देवगढ़ वनक्षेत्र में पाए जाते हैं दुर्लभ जीव
देवगढ़ के वनक्षेत्र में कई दुर्लभ वन्य जीव मौजूद हैं। बेतवा किनारे का जंगली इलाका होने के कारण वन्य जीव पानी की मौजूदगी के कारण यहां विचरण करते हैं। यहां तेंदुआ, चिंकारा, फिशिंग कैट, चौसिंघा, सांभर, चीतल, बारासिंघा आदि जानवर मौजूद हैं। एक समय पर यहां पर शेर भी निवास करते थे, उसके नाम पर इस जंगल में नाहर घाटी बनी हुई है। हालांकि अब शेर दिखाई नहीं देते।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
देवगढ़ से गिद्धों को गोरखपुर भेजा जाना था, लेकिन इन्हें पकड़ने में टीम नाकाम रही, जिसके चलते चित्रकूट से गिद्धों को भेजा जाना तय हुआ है।
आरएस यादव, रेंजर महावीर वन्य जीव बिहार देवगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed