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पूरे प्रदेश में 118 वातानुकूलित शव वाहन चलेंगे
lalitpur
Updated Wed, 14 Sep 2016 02:04 AM IST
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सीएम
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। प्रदेश सरकार द्वारा मुफ्त एंबुलेंस की तर्ज पर प्रदेश भर में वातानुकूलित शव वाहन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। पूरे प्रदेश में 118 वातानुकूलित शव वाहन संचालित होंगे। सितंबर माह तक 55 जिला अस्पतालों के लिए वाहन उपलब्ध करा दिए गए हैं, वहीं शेष 63 वाहनों के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
सरकारी वातानुकूलित शव वाहन के अलावा स्वास्थ्य विभाग ने हर जनपद में स्वयंसेवी संस्थाओं को अपने साथ जोड़ने का निर्णय लिया है। जिन संस्थाओं द्वारा वातानुकूलित शव वाहन का संचालन किया जा रहा है या भविष्य में करने की योजना है। ऐसी संस्थाओं की सूची मुख्य चिकित्सा अधिकारी तैयार करेंगे। स्वयं सेवी संस्थाओं को जोड़ने का मकसद है कि कई बार एक से ज्यादा शव को सुरक्षित रखने की जरूरत पड़ती है, ऐसी स्थिति में हर जनपद में सरकारी वातानुकूलित शव के अलावा निजी संस्थाओं के वाहन का उपयोग किया जा सके। शव वाहन की देखरेख, परिजनों को वाहन की उपलब्धता के बारे में जानकारी देने का दायित्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी का होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी शव वाहन सेवा के सुगम संचालन के लिए एक नोडल अधिकारी भी तैनात कर सकेंगे, जो कि अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी रैंक से कम नहीं होगा। नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर का पूरे जनपद में व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा। इससे लोगों को संपर्क करने व योजना की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके। जनपदीय अस्पतालों के आपातकालीन सेवा नंबरों पर शव वाहन सेवा के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही शव वाहन सेवा के बारे में जनपद की हर सीएचसी, पीएचसी पर जानकारी उपलब्ध रहेगी। सूचना विभाग द्वारा भी इस योजना के बारे में ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार किया जाएगा। जनपद में मुक्ति संस्था नाम का एक संगठन लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने का व शव को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर उपलब्ध कराने का काम वर्षों से करती आ रही है। संस्था के अध्यक्ष अज्जू बाबा ने बताया कि उनकी संस्था की बहुत जल्द ही वातानुकूलित शव वाहन लेने की योजना है। प्रदेश सरकार की शव वाहन योजना से हम लोग जुड़कर इस पुनीत कार्य को और भी आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
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अभी जनपद को वातानुकूलित शव वाहन उपलब्ध नहीं हुआ है। जल्द ही जनपद को यह उपलब्ध हो जाएगा और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही योजना का संचालन किया जाएगा।
- डॉ. प्रताप सिंह सीएमओ
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सरकारी वातानुकूलित शव वाहन के अलावा स्वास्थ्य विभाग ने हर जनपद में स्वयंसेवी संस्थाओं को अपने साथ जोड़ने का निर्णय लिया है। जिन संस्थाओं द्वारा वातानुकूलित शव वाहन का संचालन किया जा रहा है या भविष्य में करने की योजना है। ऐसी संस्थाओं की सूची मुख्य चिकित्सा अधिकारी तैयार करेंगे। स्वयं सेवी संस्थाओं को जोड़ने का मकसद है कि कई बार एक से ज्यादा शव को सुरक्षित रखने की जरूरत पड़ती है, ऐसी स्थिति में हर जनपद में सरकारी वातानुकूलित शव के अलावा निजी संस्थाओं के वाहन का उपयोग किया जा सके। शव वाहन की देखरेख, परिजनों को वाहन की उपलब्धता के बारे में जानकारी देने का दायित्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी का होगा।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी शव वाहन सेवा के सुगम संचालन के लिए एक नोडल अधिकारी भी तैनात कर सकेंगे, जो कि अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी रैंक से कम नहीं होगा। नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर का पूरे जनपद में व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा। इससे लोगों को संपर्क करने व योजना की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके। जनपदीय अस्पतालों के आपातकालीन सेवा नंबरों पर शव वाहन सेवा के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही शव वाहन सेवा के बारे में जनपद की हर सीएचसी, पीएचसी पर जानकारी उपलब्ध रहेगी। सूचना विभाग द्वारा भी इस योजना के बारे में ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार किया जाएगा। जनपद में मुक्ति संस्था नाम का एक संगठन लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने का व शव को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर उपलब्ध कराने का काम वर्षों से करती आ रही है। संस्था के अध्यक्ष अज्जू बाबा ने बताया कि उनकी संस्था की बहुत जल्द ही वातानुकूलित शव वाहन लेने की योजना है। प्रदेश सरकार की शव वाहन योजना से हम लोग जुड़कर इस पुनीत कार्य को और भी आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
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अभी जनपद को वातानुकूलित शव वाहन उपलब्ध नहीं हुआ है। जल्द ही जनपद को यह उपलब्ध हो जाएगा और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही योजना का संचालन किया जाएगा।
- डॉ. प्रताप सिंह सीएमओ