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जब कोरोना संक्रमित मरीजों को 24 घंटे से नहीं मिला पीने का पानी
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कोविड एल 1 अटैच अस्पताल में पड़ा कचरा
- फोटो : LALITPUR
तालबेहट/ ललितपुर। प्रशासन द्वारा भले ही कोरोना संक्रमण काल में संक्रमित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन इसकी हकीकत तब सामने आई जब राजकीय पॉलीटेक्निक में अटैच एल-1 अस्पताल में भर्ती संक्रमित मरीज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में मरीजों ने बताया कि 24 घंटे से पीने के लिए पानी नहीं मिला है। बच्चे भूख और प्यास से बिलख रहे हैं। वाटर कूलर बंद पड़ा है। वीडियो की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने उपजिलाधिकारी मोहम्मद कमर को मौके पर भेजकर आरोपों की जांच के निर्देश दिए।
प्रशासन कोराना संक्रमण काल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रचार करके अपनी पीठ थपथपा रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। शनिवार को राजकीय पॉलीटेक्निक में अटैच एल-1 अस्पताल में भर्ती मरीजों ने एक वीडियो वायरल किया। इसमें बताया कि अस्पताल अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा है। यहां सफाई के नाम पर रस्म अदायगी हो रही है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। सफाई कर्मचारी सफाई के लिए आ तो रहे हैं, लेकिन परिसर में ही कचरा फेंक रहे हैं।
संक्रमित मरीजों को होम क्वारंटीन के दौरान अलग शौचालय उपयोग करने की सलाह दी जा रही है, जबकि अस्पताल के शौचालयों में भारी गंदगी पड़ी है। खाने का टेंडर होने के बावजूद समय पर खाना, चाय और नाश्ता भी नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में यहां पर भर्ती बच्चों को खाना के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बिजली गुल हो जाने पर जनरेटर नहीं चलाया जा रहा है। जनरेटर के लिए डीजल नहीं होने का बहाना बनाया जा रहा है। ऐसे में मरीज कहां तक स्वस्थ हो सकेंगे।
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इतना ही नहीं मरीजों का पीने के लिए पानी समय से नहीं मिल पा रहा है। शुक्रवार को वाटर कूलर खराब हो गया। ऐसे में बच्चों को पानी मिलना मुश्किल हो गया। बच्चे पानी के लिए बिलखने लगे। मरीजों को शनिवार की सुबह तक पानी नहीं मिल सका है। वायरल वीडियो से प्रशासन के दावों की हकीकत सामने आ गई।
वायरल वीडियो से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने उपजिलाधकारी तालबेहट मो. कमर को मौके पर जाकर आरोपों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस पर उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह के साथ राजकीय पॉलिटेक्निक गए। वहां भर्ती मरीजों और चिकित्सकों की टीम से जानकारी ली।
राजकीय पॉलिटेक्निक में बने कोविड एल- वन अटैच अस्पताल में अव्यवस्थाओं के बारे में जो वीडियो वायरल किया गया है। उसकी जांच उपजिलाधिकारी से कराई गई है। आरोपों की पुष्टि नहीं होती है। निगरानी समितियां पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। - योगेश कुमार शुक्ल, जिलाधिकारी
मैं और सीओ तालबेहट मौके पर गए। आरोपों की जांच की। रात में सभी मरीजों को एक- एक बोतल पानी दिया गया था। सुबह अवश्य कुछ बिलंब से दिया गया, जबकि पानी उपलब्ध था। पानी के लिए आरओ लगा है। उसमें पानी नहीं आ रहा है। जो खाना चिकित्सकों को दिया जा रहा है, वही मरीजों को भी दिया जा रहा है। - मोहम्मद कमर, उपजिलाधिकारी तालबेहट
शुक्रवार को रात में खाने के समय 72 बोतल पानी और शनिवार की सुबह 10 बजे 48 बोतल पानी मरीजों को दिया गया। खाने के साथ एक- एक बोतल पानी प्रत्येक मरीज को दिया गया। अभी भी पानी की बोतलें स्टॉक में हैं।
- डॉ. मानवेंद्र, टीम प्रभारी राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज तालबेहट
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प्रशासन कोराना संक्रमण काल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रचार करके अपनी पीठ थपथपा रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। शनिवार को राजकीय पॉलीटेक्निक में अटैच एल-1 अस्पताल में भर्ती मरीजों ने एक वीडियो वायरल किया। इसमें बताया कि अस्पताल अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा है। यहां सफाई के नाम पर रस्म अदायगी हो रही है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। सफाई कर्मचारी सफाई के लिए आ तो रहे हैं, लेकिन परिसर में ही कचरा फेंक रहे हैं।
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संक्रमित मरीजों को होम क्वारंटीन के दौरान अलग शौचालय उपयोग करने की सलाह दी जा रही है, जबकि अस्पताल के शौचालयों में भारी गंदगी पड़ी है। खाने का टेंडर होने के बावजूद समय पर खाना, चाय और नाश्ता भी नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में यहां पर भर्ती बच्चों को खाना के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बिजली गुल हो जाने पर जनरेटर नहीं चलाया जा रहा है। जनरेटर के लिए डीजल नहीं होने का बहाना बनाया जा रहा है। ऐसे में मरीज कहां तक स्वस्थ हो सकेंगे।
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इतना ही नहीं मरीजों का पीने के लिए पानी समय से नहीं मिल पा रहा है। शुक्रवार को वाटर कूलर खराब हो गया। ऐसे में बच्चों को पानी मिलना मुश्किल हो गया। बच्चे पानी के लिए बिलखने लगे। मरीजों को शनिवार की सुबह तक पानी नहीं मिल सका है। वायरल वीडियो से प्रशासन के दावों की हकीकत सामने आ गई।
वायरल वीडियो से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने उपजिलाधकारी तालबेहट मो. कमर को मौके पर जाकर आरोपों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस पर उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह के साथ राजकीय पॉलिटेक्निक गए। वहां भर्ती मरीजों और चिकित्सकों की टीम से जानकारी ली।
राजकीय पॉलिटेक्निक में बने कोविड एल- वन अटैच अस्पताल में अव्यवस्थाओं के बारे में जो वीडियो वायरल किया गया है। उसकी जांच उपजिलाधिकारी से कराई गई है। आरोपों की पुष्टि नहीं होती है। निगरानी समितियां पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। - योगेश कुमार शुक्ल, जिलाधिकारी
मैं और सीओ तालबेहट मौके पर गए। आरोपों की जांच की। रात में सभी मरीजों को एक- एक बोतल पानी दिया गया था। सुबह अवश्य कुछ बिलंब से दिया गया, जबकि पानी उपलब्ध था। पानी के लिए आरओ लगा है। उसमें पानी नहीं आ रहा है। जो खाना चिकित्सकों को दिया जा रहा है, वही मरीजों को भी दिया जा रहा है। - मोहम्मद कमर, उपजिलाधिकारी तालबेहट
शुक्रवार को रात में खाने के समय 72 बोतल पानी और शनिवार की सुबह 10 बजे 48 बोतल पानी मरीजों को दिया गया। खाने के साथ एक- एक बोतल पानी प्रत्येक मरीज को दिया गया। अभी भी पानी की बोतलें स्टॉक में हैं।
- डॉ. मानवेंद्र, टीम प्रभारी राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज तालबेहट

कोविड अस्पताल में चिकित्सकों और अन्य स्टाफ का खाना- फोटो : LALITPUR

कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों का खाना- फोटो : LALITPUR