फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   corona kaal, health facility disturbed for one year

कोरोना काल में प्रभावित हुईं स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं लौटीं

Fri, 27 Aug 2021 01:50 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 01:50 AM IST
विज्ञापन
corona kaal, health facility disturbed for one year
जेरिएट्रिक वार्ड में लगा ताला - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। कोरोना काल में जिला अस्पताल में प्रभावित हुईं सेवाएं एक वर्ष बाद भी पटरी पर नहीं लौट सकीं हैं। यहां पर बुजुर्ग मरीजों के उपचार की सुविधा के लिए जेनेटिक वार्ड संचालित हो रहा था, जिसे संक्रमण काल में बंद किया गया था। तब से अब तक बुजुर्गों कावार्ड संचालित नहीं हो सका है। ऐसे में बुजुर्गों को सामान्य वार्डों में भर्ती करके इलाज किया जा रहा है। अब बुजुर्ग मरीजों को ऊपरी मंजिल तक ले जाना पड़ता है। पानी व अन्य समस्याओं से मरीजों के तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

बीते वर्ष कोरोना काल में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान तमाम व्यवस्थाएं धराशायी हो गईं थीं। संक्रमण की रोकथाम को लेकर अस्पताल में भीड़ कम करने के लिए ओपीडी सेवाएं बंद की गई थीं, जिसकी वजह से इमरजेंसी कक्ष में मरीजों को उपचार दिया जा रहा था। आवश्यकताएं होने पर भर्ती की भी सुविधा की गई थी। जिला अस्पताल में तभी से कई सेवाएं प्रभावित हो गईं हैं, जो ड़ेढ़ वर्ष बाद भी पटरी पर वापस नहीं लौट सकीं है। ऐसी ही स्थिति जिला अस्पताल में स्थित बुजुर्ग (जेनेटिक वार्ड) वार्ड की बनी हुई है।
विज्ञापन

अस्पताल में भूतल पर इमरजेंसी कक्ष के बगल में एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत बनाया था। जहां पर दस बेड स्थापित किए गए थे, दस मरीजों को भर्ती कर उपचार की सुविधा दी। मरीजों को सुविधा के लिए एसी, कूलर व सुसज्जित वार्ड बनाया गया था। तीन स्टाफ नर्स व अन्य कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था। बुजुर्गों को भर्ती कर बेहतर उपचार की सुविधा थी। भूतल पर होने से मरीजों को ऊपर नहीं ले जाना पड़ता था। मरीजों को आने-जाने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होती थी। पेयजल की सुविधा के लिए भी वार्ड के बगल में वाटर कूलर लगा था। इससे यहां पर भर्ती मरीजों को सभी सुविधाएं मुहैया हो रहीं थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते बंद हुए जेनेटिक वार्ड को एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी शुरू नहीं किया गया है। इससे अस्पताल में बुजुर्ग मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कई मरीज तो अस्पताल के ऊपरी मंजिल पर वार्डों में भर्ती के दौरान अपने घरों को चले जाते हैं। मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रहीं है। इसके बाद भी जिम्मेदार अफसर वार्ड संचालित करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इससे बुजुर्ग मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।

---
कोरोना संक्रमण के चलते वार्ड को बंद कर आईसीयू में तब्दील कर दिया गया था। इससे वार्ड संचालित नहीं हो पा रहा है। अन्य वार्डों में मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है।
- डा. राजेंद्र प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल पुरूष।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed