{"_id":"606a247a8ebc3e5921587847","slug":"corona-kaal-100-days-employment-lalitpur-news-jhs192431038","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोनाकाल में बढ़ी 100 दिन का रोजगार पाने वालों की संख्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोनाकाल में बढ़ी 100 दिन का रोजगार पाने वालों की संख्या
विज्ञापन
mnrega.jpg
- फोटो : mnrega.jpg
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। कोराना काल में महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मजदूरों के लिए संजीवनी बनकर उभरी है। विगत वर्षों के मुकाबले वित्तीय वर्ष 2020-2021 में पहली बार 100 दिनों का रोजगार पाने वालों का आंकड़ा पांच अंकों में पहुंचा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बीते वित्तीय वर्ष में अब तक एक लाख 90 हजार 186 जाबकार्डधारी पंजीकृत हैं, जिसके सापेक्ष 16 हजार 776 कार्डधारकों को सौ दिन का काम दिया गया। जबकि वित्तीय वर्ष 2019-2020 में यह आंकड़ा आधे से भी कम था।
ललितपुर जनपद में कामगारों के पलायन को रोकने व उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का संचालन किया। इसके तहत जरूरतमंदों के जॉबकार्ड बनाए गए और गांव में ही अधिकतम सौ दिन काम देने का नियम बनाया गया। कोरोनाकाल में यह योजना ग्रामीण मजदूरों के लिए संजीवनी साबित हुई। वित्तीय वर्ष 2019-20 की अपेक्षा वित्तीय वर्ष 2020-21 में दोगुना से अधिक जॉबकार्ड परिवारों को 100 दिनों रोजगार दिया गया। विभागीय आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जहां वित्तीय वर्ष 2019-20 में 1 लाख 78 हजार 621 जॉबकार्ड धारी परिवारों के सापेक्ष 7348 परिवारों को 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया गया था।
आंकड़े क्या कहते हैं
ब्लॉक जॉबकार्ड धारकों की संख्या 100 दिन काम पाने वालों की संख्या
बार- 25,793 2,128
बिरधा- 37,491 1,632
जखौरा- 38,461 4,993
मड़ावरा- 31,387 3,959
महरौनी- 29,389 1,977
तालबेहट- 27,665 2,087
कुल 1,90,186 16, 776
22 हजार कार्ड धारकों को मिला 15 दिन से भी कम काम
करोड़ों खर्च करने के बावजूद 22 हजार से अधिक जॉबकार्ड धारकों को 15 दिन से भी कम दिनों तक काम दिया जा सका। छोटे किसानों की आजीविका को मजबूत करने के लिए संचालित मनरेगा अपने उद्देश्य से भटक गई है। योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही इस कदर हावी हो गई है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में अधिक दिनों तक काम करने वाले मजदूरों की संख्या कम और कम दिनों तक काम करने वाले जॉबकार्ड धारकों की संख्या अधिक हो गई है।
विज्ञापन
ब्लाक 15 दिन से कम रोजगार पाने वालों की संख्या
बार- 2,674
बिरधा- 5,160
जखौरा- 4,090
मड़ावरा- 2,667
महरौनी- 4060
तालबेहट- 4031
कुल 22,682
विज्ञापन
ललितपुर जनपद में कामगारों के पलायन को रोकने व उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का संचालन किया। इसके तहत जरूरतमंदों के जॉबकार्ड बनाए गए और गांव में ही अधिकतम सौ दिन काम देने का नियम बनाया गया। कोरोनाकाल में यह योजना ग्रामीण मजदूरों के लिए संजीवनी साबित हुई। वित्तीय वर्ष 2019-20 की अपेक्षा वित्तीय वर्ष 2020-21 में दोगुना से अधिक जॉबकार्ड परिवारों को 100 दिनों रोजगार दिया गया। विभागीय आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जहां वित्तीय वर्ष 2019-20 में 1 लाख 78 हजार 621 जॉबकार्ड धारी परिवारों के सापेक्ष 7348 परिवारों को 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया गया था।
विज्ञापन
आंकड़े क्या कहते हैं
ब्लॉक जॉबकार्ड धारकों की संख्या 100 दिन काम पाने वालों की संख्या
बार- 25,793 2,128
बिरधा- 37,491 1,632
जखौरा- 38,461 4,993
मड़ावरा- 31,387 3,959
महरौनी- 29,389 1,977
तालबेहट- 27,665 2,087
कुल 1,90,186 16, 776
22 हजार कार्ड धारकों को मिला 15 दिन से भी कम काम
करोड़ों खर्च करने के बावजूद 22 हजार से अधिक जॉबकार्ड धारकों को 15 दिन से भी कम दिनों तक काम दिया जा सका। छोटे किसानों की आजीविका को मजबूत करने के लिए संचालित मनरेगा अपने उद्देश्य से भटक गई है। योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही इस कदर हावी हो गई है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में अधिक दिनों तक काम करने वाले मजदूरों की संख्या कम और कम दिनों तक काम करने वाले जॉबकार्ड धारकों की संख्या अधिक हो गई है।
विज्ञापन
ब्लाक 15 दिन से कम रोजगार पाने वालों की संख्या
बार- 2,674
बिरधा- 5,160
जखौरा- 4,090
मड़ावरा- 2,667
महरौनी- 4060
तालबेहट- 4031
कुल 22,682