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गोदाम पर घटिया गेहूं पकड़े जाने से खरीद पर उठे सवाल
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ललितपुर। अमरपुर विशिष्ट मंडी में एक प्राइवेट एजेंसी के गेहूं में बालू मिक्स होने से जिले में गेहूं खरीद एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। नगर कांग्रेस कमेटी ने सदर विधायक एवं सत्तारूढ़ पार्टी के छुटभैये नेताओं की संलिप्तता होने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है। उधर, सदर विधायक ने उन पर लगे आरोपों को नकारते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जनपद में गेहूं की खरीद में शुरुआत से ही गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं। किसान संगठन व कांग्रेस ने कई बार गड़बड़ी के मामलों को उठाया। जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने अपने स्तर से गड़बड़ी की पड़ताल कराई। जब पड़ताल में गड़बड़ी की पुष्टि हुई तो उन्होंने प्राइवेट खरीद एजेंसियों की गेहूं खरीद पर रोक लगा दी। उधर, भाजपा की जिला इकाई, किसान मोर्चा ने तेवर दिखाते हुए गेहूं उठान के ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग डीएम से कर दी।
बीते दिनों सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया कि मेरे द्वारा भ्रमण करने पर पाया गया कि सहकारी समितियों पर किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। कहीं, वारदाने का बहाना तो कहीं टोकन सिस्टम के आधार पर भगाया जा रहा है। किसानों को गेहूं बिचौलियों द्वारा औने-पौने दामों पर खरीदा जा रहा है। ऐसी स्थिति में मल्टीस्टेट कंपनी को जो गेहूं क्रय केंद्र आवंटित किए गए थे, उन्हें पुन: प्रारंभ कराया जाना आवश्यक है। इस पत्र को लिखे दस दिन ही गुजरे थे कि अमरपुर मंडी में एक प्राइवेट क्रय एजेंसी द्वारा खरीदे गए गेहूं में बालू की मिलावट पाई गई। इसके बाद एफसीआई ने इसे रिजेक्ट कर दिया। इससे गेहूं खरीद एक बार फिर सुर्खियों में आ गई।
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कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरीबाबू शर्मा के नेतृत्व में डीएम को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि जिले में गेंहू की सरकारी खरीद में घोटाला सामने आया है। इसमें बजर्रा खरीद केंद्र की गेहू खरीद में बोरी बालू मिक्स पाई गई है, जिससे जिले के सभी खरीद केंद्रों की खरीद संदेह के दायरे में आ गई, इसलिए क्रय केंद्रों द्वारा की गई खरीद की जांच होना आवश्यक हो गया है। खरीद में सत्तारूढ़ दल के छुटभैये नेताओं से लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की संलिप्तता है, इस वजह से जांच नहीं हो रही है। इसकी निष्पक्ष जांच हुई तो बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गेहूं खरीद की जांच नहीं कराई गई तो कांग्रेस आंदोलन के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन पर प्रदीप रिछारिया, रामनरेश दुबे, समद खान, मो. आसिफ, बहादुर एड, उवेश खान, कुलदीप पाठक के हस्ताक्षर बने हैं।
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किसानों के गेहूं खरीद में समस्या आ रही थी, जिसे ध्यान में रखकर गेहूं क्रय केंद्रों को खोलने की मांग की थी। सरकार की मंशा कि किसानों का गेहूं बिना किसी असुविधा के खरीदा जाए। जहां तक गेहूं में बालू मिले होने की बात है तो ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना चाहिए। मामले की निष्पक्ष जांच भी होनी चाहिए।
- रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
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गेहूं की बोरियों में बालू मिले होने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराने के संबंध में जिलाधिकारी से वार्ता की जाएगी। जो भी जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- मनोहरलाल पंथ, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन
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जनपद में गेहूं की खरीद में शुरुआत से ही गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं। किसान संगठन व कांग्रेस ने कई बार गड़बड़ी के मामलों को उठाया। जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने अपने स्तर से गड़बड़ी की पड़ताल कराई। जब पड़ताल में गड़बड़ी की पुष्टि हुई तो उन्होंने प्राइवेट खरीद एजेंसियों की गेहूं खरीद पर रोक लगा दी। उधर, भाजपा की जिला इकाई, किसान मोर्चा ने तेवर दिखाते हुए गेहूं उठान के ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग डीएम से कर दी।
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बीते दिनों सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया कि मेरे द्वारा भ्रमण करने पर पाया गया कि सहकारी समितियों पर किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। कहीं, वारदाने का बहाना तो कहीं टोकन सिस्टम के आधार पर भगाया जा रहा है। किसानों को गेहूं बिचौलियों द्वारा औने-पौने दामों पर खरीदा जा रहा है। ऐसी स्थिति में मल्टीस्टेट कंपनी को जो गेहूं क्रय केंद्र आवंटित किए गए थे, उन्हें पुन: प्रारंभ कराया जाना आवश्यक है। इस पत्र को लिखे दस दिन ही गुजरे थे कि अमरपुर मंडी में एक प्राइवेट क्रय एजेंसी द्वारा खरीदे गए गेहूं में बालू की मिलावट पाई गई। इसके बाद एफसीआई ने इसे रिजेक्ट कर दिया। इससे गेहूं खरीद एक बार फिर सुर्खियों में आ गई।
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कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरीबाबू शर्मा के नेतृत्व में डीएम को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि जिले में गेंहू की सरकारी खरीद में घोटाला सामने आया है। इसमें बजर्रा खरीद केंद्र की गेहू खरीद में बोरी बालू मिक्स पाई गई है, जिससे जिले के सभी खरीद केंद्रों की खरीद संदेह के दायरे में आ गई, इसलिए क्रय केंद्रों द्वारा की गई खरीद की जांच होना आवश्यक हो गया है। खरीद में सत्तारूढ़ दल के छुटभैये नेताओं से लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की संलिप्तता है, इस वजह से जांच नहीं हो रही है। इसकी निष्पक्ष जांच हुई तो बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गेहूं खरीद की जांच नहीं कराई गई तो कांग्रेस आंदोलन के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन पर प्रदीप रिछारिया, रामनरेश दुबे, समद खान, मो. आसिफ, बहादुर एड, उवेश खान, कुलदीप पाठक के हस्ताक्षर बने हैं।
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किसानों के गेहूं खरीद में समस्या आ रही थी, जिसे ध्यान में रखकर गेहूं क्रय केंद्रों को खोलने की मांग की थी। सरकार की मंशा कि किसानों का गेहूं बिना किसी असुविधा के खरीदा जाए। जहां तक गेहूं में बालू मिले होने की बात है तो ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना चाहिए। मामले की निष्पक्ष जांच भी होनी चाहिए।
- रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
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गेहूं की बोरियों में बालू मिले होने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराने के संबंध में जिलाधिकारी से वार्ता की जाएगी। जो भी जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- मनोहरलाल पंथ, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन