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Lalitpur News: बादलों की दस्तक और तेज हवाओं से बढ़ी किसानों की चिंता
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कटी पड़ी दलहनी फसलों को समेटने में जुटे किसान, बारिश बढ़ी तो नुकसान की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद में मौसम का मिजाज बदलते ही किसानों की चिंता बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को आसमान में घने बादल छाए रहे और तेज हवाओं के बीच कहीं बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश हुई। इससे खेतों में कटी पड़ी मटर और मसूर की फसलों को नुकसान की आशंका गहरा गई है। किसान जल्दबाजी में कटी फसलों को समेटने में जुट गए हैं, जबकि कई स्थानों पर खड़ी फसल की कटाई हार्वेस्टर से कराई जा रही है।
किसानों का कहना है कि यदि बारिश लगातार हुई तो भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। सदर तहसील क्षेत्र के मसौराखुर्द समेत आसपास के गांवों में सुबह तेज बारिश से किसान परेशान नजर आए। हालांकि कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल अधिक नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन बारिश बढ़ी तो फसल प्रभावित हो सकती है।
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50 फीसदी दलहनी फसलें खेतों में सूखने को पड़ी
बिरधा/अर्जुनखिरिया। पाली तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में अचानक मौसम खराब होने से सैकड़ों किसान चिंता में हैं। किसानों ने दवा, खाद और बीज पर हजारों रुपये खर्च कर दलहनी फसल तैयार की थी, लेकिन अब मौसम की मार का डर सता रहा है।
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करीब 50 प्रतिशत दलहनी फसलें, जैसे मसूर और मटर, काटी जा चुकी हैं, पर अभी थ्रेसिंग नहीं हो सकी है। ये फसलें खेतों में सूखने के लिए पड़ी थीं कि अचानक मौसम बदल गया। सुबह बादल छाए रहे और कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई, जिससे किसानों की चिंताएं और बढ़ गईं।
किसानों का कहना है कि यदि बारिश हो गई तो कटी फसल खराब हो सकती है। थ्रेसिंग में अभी करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। अर्जुनखिरिया गांव में कई किसान हार्वेस्टर से कटाई में जुटे हैं, तो कहीं तेज हवा से कटी फसल बिखर गई। गांव के किसान हनुमत ने बताया कि तेज हवा से उनके खेत में कटी फसल उड़कर फैल गई।
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तेज हवा से उड़ी मसूर की फसल, किसान बेहाल
फोटो-35
महरौनी/मड़ावरा/तालबेहट। तहसील क्षेत्रों में मसम के बिगड़े मिजाज का असर साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार रात से तेज हवाएं चल रही हैं और सुबह बूंदाबांदी भी हुई। इससे खेतों में सूख रही फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं।
कहीं किसानों ने फसलों पर पॉलिथीन डालकर उन्हें बचाने की कोशिश की, तो कहीं सुरक्षित स्थान पर रखवाने की व्यवस्था की गई। महरौनी क्षेत्र में किसानों का कहना है कि मटर व मसूर की फसल खेतों में सूख रही थी, जिसे अब जल्द हटाया जा रहा है। वहीं तेज हवा से गेहूं की फसल गिरने की आशंका भी बढ़ गई है। मड़ावरा क्षेत्र में किसानों ने बताया कि अधिक बारिश होने पर मटर व मसूर की फसल को नुकसान हो सकता है। गंगचारी गांव के किसान शीतल और हंसरा गांव के सजन सिंह ने कहा कि यदि मौसम और बिगड़ा तो किसानों की स्थिति दयनीय हो जाएगी।
तालबेहट के कड़ेसरा कलां निवासी किसान रामराजा यादव, कल्लू कुशवाहा और अशोक यादव ने बताया कि गेहूं की बाली में फूल आ चुका है, जो तेज हवा व बारिश से गिर सकता है। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम को देखते हुए कुछ किसान ज्वार की फसल का कटान भी तेज कर रहे हैं।
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किसानों की जुबानी
फोटो-11
लाखों रुपये की लागत से मसूर की फसल तैयार कर कटाई शुरू की थी, लेकिन मौसम बदलने से मुश्किलें बढ़ गई हैं।
— पुनु पटेल, किसान, सिंगेपुर
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फोटो-12
मटर की कटाई आठ दिन पहले हो चुकी थी। फसल सूखने का इंतजार कर रहे थे, तभी मौसम बदल गया और चिंता बढ़ गई।
— महेंद्र सिंह, किसान, रीछपुरा
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फोटो-13
फसलें खेतों में सूखने के लिए पड़ी हैं। मौसम लगातार परेशान कर रहा है। खरीफ की फसल पहले ही अतिवृष्टि से खराब हो चुकी है।
— बबलू पटेल, किसान, सलैया
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फोटो-14
मटर और मसूर की कटाई हो चुकी थी। अच्छी तरह सूखने का इंतजार था, लेकिन अचानक मौसम खराब हो गया।
— गोकुल प्रसाद कुशवाहा, किसान, बिरधा
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फोटो-36
तेज हवा से कई खेतों में कटी मसूर की फसल के पूले उड़ गए हैं। बारिश हुई तो भारी नुकसान होगा।
कंछेदी लाल, पूर्व प्रधान
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फोटो-37
मटर व मसूर की फसल खेतों में कटी पड़ी है। मौसम बिगड़ा तो नुकसान तय है। कई किसान जल्दबाजी में हार्वेस्टर से कटाई करा रहे हैं
राकेश, किसान, अर्जुनखिरिया
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वर्जन
फिलहाल हुई बूंदाबांदी से फसलों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है, लेकिन यदि अधिक बारिश या तेज हवा चलती है तो फसलों को नुकसान हो सकता है। ऐसी स्थिति में जिन किसानों की फसल प्रभावित होती है, वे तत्काल बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
— राजीव भारती, जिला कृषि अधिकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद में मौसम का मिजाज बदलते ही किसानों की चिंता बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को आसमान में घने बादल छाए रहे और तेज हवाओं के बीच कहीं बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश हुई। इससे खेतों में कटी पड़ी मटर और मसूर की फसलों को नुकसान की आशंका गहरा गई है। किसान जल्दबाजी में कटी फसलों को समेटने में जुट गए हैं, जबकि कई स्थानों पर खड़ी फसल की कटाई हार्वेस्टर से कराई जा रही है।
किसानों का कहना है कि यदि बारिश लगातार हुई तो भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। सदर तहसील क्षेत्र के मसौराखुर्द समेत आसपास के गांवों में सुबह तेज बारिश से किसान परेशान नजर आए। हालांकि कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल अधिक नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन बारिश बढ़ी तो फसल प्रभावित हो सकती है।
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50 फीसदी दलहनी फसलें खेतों में सूखने को पड़ी
बिरधा/अर्जुनखिरिया। पाली तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में अचानक मौसम खराब होने से सैकड़ों किसान चिंता में हैं। किसानों ने दवा, खाद और बीज पर हजारों रुपये खर्च कर दलहनी फसल तैयार की थी, लेकिन अब मौसम की मार का डर सता रहा है।
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करीब 50 प्रतिशत दलहनी फसलें, जैसे मसूर और मटर, काटी जा चुकी हैं, पर अभी थ्रेसिंग नहीं हो सकी है। ये फसलें खेतों में सूखने के लिए पड़ी थीं कि अचानक मौसम बदल गया। सुबह बादल छाए रहे और कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई, जिससे किसानों की चिंताएं और बढ़ गईं।
किसानों का कहना है कि यदि बारिश हो गई तो कटी फसल खराब हो सकती है। थ्रेसिंग में अभी करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। अर्जुनखिरिया गांव में कई किसान हार्वेस्टर से कटाई में जुटे हैं, तो कहीं तेज हवा से कटी फसल बिखर गई। गांव के किसान हनुमत ने बताया कि तेज हवा से उनके खेत में कटी फसल उड़कर फैल गई।
तेज हवा से उड़ी मसूर की फसल, किसान बेहाल
फोटो-35
महरौनी/मड़ावरा/तालबेहट। तहसील क्षेत्रों में मसम के बिगड़े मिजाज का असर साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार रात से तेज हवाएं चल रही हैं और सुबह बूंदाबांदी भी हुई। इससे खेतों में सूख रही फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं।
कहीं किसानों ने फसलों पर पॉलिथीन डालकर उन्हें बचाने की कोशिश की, तो कहीं सुरक्षित स्थान पर रखवाने की व्यवस्था की गई। महरौनी क्षेत्र में किसानों का कहना है कि मटर व मसूर की फसल खेतों में सूख रही थी, जिसे अब जल्द हटाया जा रहा है। वहीं तेज हवा से गेहूं की फसल गिरने की आशंका भी बढ़ गई है। मड़ावरा क्षेत्र में किसानों ने बताया कि अधिक बारिश होने पर मटर व मसूर की फसल को नुकसान हो सकता है। गंगचारी गांव के किसान शीतल और हंसरा गांव के सजन सिंह ने कहा कि यदि मौसम और बिगड़ा तो किसानों की स्थिति दयनीय हो जाएगी।
तालबेहट के कड़ेसरा कलां निवासी किसान रामराजा यादव, कल्लू कुशवाहा और अशोक यादव ने बताया कि गेहूं की बाली में फूल आ चुका है, जो तेज हवा व बारिश से गिर सकता है। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम को देखते हुए कुछ किसान ज्वार की फसल का कटान भी तेज कर रहे हैं।
किसानों की जुबानी
फोटो-11
लाखों रुपये की लागत से मसूर की फसल तैयार कर कटाई शुरू की थी, लेकिन मौसम बदलने से मुश्किलें बढ़ गई हैं।
— पुनु पटेल, किसान, सिंगेपुर
फोटो-12
मटर की कटाई आठ दिन पहले हो चुकी थी। फसल सूखने का इंतजार कर रहे थे, तभी मौसम बदल गया और चिंता बढ़ गई।
— महेंद्र सिंह, किसान, रीछपुरा
फोटो-13
फसलें खेतों में सूखने के लिए पड़ी हैं। मौसम लगातार परेशान कर रहा है। खरीफ की फसल पहले ही अतिवृष्टि से खराब हो चुकी है।
— बबलू पटेल, किसान, सलैया
फोटो-14
मटर और मसूर की कटाई हो चुकी थी। अच्छी तरह सूखने का इंतजार था, लेकिन अचानक मौसम खराब हो गया।
— गोकुल प्रसाद कुशवाहा, किसान, बिरधा
फोटो-36
तेज हवा से कई खेतों में कटी मसूर की फसल के पूले उड़ गए हैं। बारिश हुई तो भारी नुकसान होगा।
कंछेदी लाल, पूर्व प्रधान
फोटो-37
मटर व मसूर की फसल खेतों में कटी पड़ी है। मौसम बिगड़ा तो नुकसान तय है। कई किसान जल्दबाजी में हार्वेस्टर से कटाई करा रहे हैं
राकेश, किसान, अर्जुनखिरिया
वर्जन
फिलहाल हुई बूंदाबांदी से फसलों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है, लेकिन यदि अधिक बारिश या तेज हवा चलती है तो फसलों को नुकसान हो सकता है। ऐसी स्थिति में जिन किसानों की फसल प्रभावित होती है, वे तत्काल बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
— राजीव भारती, जिला कृषि अधिकारी